राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ

राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ
श्री शिवनारायण उदीया महाविद्यालय, गरौठ में राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एच.एस. गौड़ के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अशोक बेरागी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर रेड रिबन क्लब के अंतर्गत ‘रेड रन’ का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर समाज में एचआईवी/एड्स से संबंधित जागरूकता का संदेश दिया। इसके साथ ही एनएसएस के तहत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएँ भी कराई गई। इनमें राम-रावण, ऐसे कैसे, एनएसएस क्लैपिंग जैसे रोचक खेलों ने विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर शिवानी, दुर्गा सिंह, मुस्कान, ख़ुशी, रवीना, कविता बैरागी, राधा, सपना, नरेंद्र, सोनू, साधना, मोनिका, नेहा, सलोनी संदीप, रीना, सूरज, जसवंत सिंह, रणजीत सिंह, गंगा सिंह एवं भावना ने एनएसएस विभाग को सजाकर विभाग सज्जा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।कार्यक्रम के अंतर्गत नगर में एक भव्य स्वच्छता रैली भी निकाली गई। स्वयंसेवकों ने नारों एवं पोस्टरों के माध्यम से आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया और ‘स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’ का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता डॉ. अशोक बेरागी ने अपने प्रेरक व्याख्यान में राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनएसएस की स्थापना 1969 में महात्मा गांधी जी के जन्म शताब्दी वर्ष में की गई थी। इसका उद्देश्य युवाओं में समाज सेवा की भावना विकसित करना है। डॉ. बेरागी ने समझाया कि एनएसएस न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक है, बल्कि भविष्य में यह नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की योग्यता भी प्रदान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि एनएसएस का अनुभव प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार में भी उपयोगी सिद्ध होता है। साथ ही उन्होंने रेड रिबन अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम के पश्चात सभी स्वयंसेवकों को स्वल्पाहार करवाया गया। अंत में वरिष्ठ स्वयंसेवक संदीप ने आभार व्यक्त करते हुए सभी को धन्यवाद दिया।



