न्यायमंदसौर जिलामध्यप्रदेश

मंदसौर जिला अदालत का फैसला 22 नवंबर 2022 मंगलवार

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7 साल की बच्ची के साथ गलत हरकत करने वाले आरोपी को हुआ 5 वर्ष का सश्रम कारावास

मंदसौर। माननीय विषेष न्यायधीष महोदय पॉक्सो एक्ट मंदसौर द्वारा आरोपी बन्टी उर्फ विनोद पिता षिवलाल सोनी उम्र 25 साल नि0 अमलावदा जिला मंदसौर को नाबालिग से छेडछाड करने का दोषी पाते हुए धारा 363 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000/- जुर्माना, धारा 354 भादवि में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000/- जुर्माना, व धारा 9 एम/10 पॉक्सो एक्ट में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000/- जुर्माना से दण्डित किया।

अभियोजन मीडिया सहायक शोएब खान द्वारा बताया गया कि दिनांक 27.02.2022 को पीडिता की मां/फरियादिया द्वारा थाना दलौदा पर रिपोर्ट लिखाई कि शाम करीब 05ः30 बजे खेत से बापस आने पर उसकी बडी बेटी पीडिता उम्र 7 वर्ष ने बताया कि वह तथा उसकी बहन दोनों घर के बाहर खेल रहे थे तो गांव के बंटी अंकल/आरोपी ने उसे 10 रूपये दिये और वह उनके पीछे पीछे चली गई तो अंकल ने उसका हाथ पकडकर उसे मांगलिक भवन के बाथरूम में ले जाकर नीचे गिरा दिया तो वह रोने लगी तभी वहां पर उसके दादाजी आ गये और अंकल को मारा तो अंकल वहां से भाग गये। फरियादिया की उक्त रिपोर्ट पर से अभियुक्त के विरूद्ध आरक्षी केन्द्र दलौदा पर अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी बन्टी उर्फ विनोद को गिरफतार किया गया और प्रकरण को विवेचना में लिया गया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान उक्त प्रकरण में न्यायालय के समक्ष विषेष लोक अभियोजक दीप्ति कनासे द्वारा रखे गये तथ्यो व तर्को से सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध किया । प्रकरण में अभियोजन का सफल संचालन विषेष लोक अभियोजक श्रीमती दीप्ति कनासे द्वारा किया गया।

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नाबालिग बालिका से बलात्संग केे आरोपित को 10 वर्ष का सश्रम कारावास

गरोठ।  विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट गरोठ श्रीमती प्रिया षर्मा साहब द्वारा दुष्कर्म के आरोपित कमल पिता अन्दरसिंह मीणा उम्र 21 साल निवासी बोरखेडी घाटा थाना शामगढ को नाबालिग बालिका से बलात्संग करने पर 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 4000/-रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

अभियोजन सहायक मीडिया सेल प्रभारी/एडीपीओ बलराम सोलंकी द्वारा बताया गया कि दिनांक 29.03.2017 को पीड़िता अपने घर से बिना बताये कही चली गई। पीड़िता के पिता द्वारा गॉंव में और आस-पास रिष्देदारी में पूछताछ करने पर कोई पता नही चलने पर थाना शामगढ पर आकर रिपोर्ट लिखवाई। फरियादी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 112/2017 धारा 363 भादंवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अनुसंधान के दौरान पीड़िता को आरोपी कमल के कब्जे से दस्तयाब किया गया तथा आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता के कथनों से अपराध बालात्संग का होने से प्रकरण में धारा 363, 376(2)(एन), 506 भादंवि तथा 3/4, 5एल/6, 17 पॉक्सो एक्ट को ईजाफा किया गया। प्रकरण में संपूर्ण कार्यवाही पूर्ण कर उप निरीक्षक नितिन कुमावत द्वारा अनुसंधान उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण में न्यायालय के समक्ष विषेष लोक अभियोजक रमेष गामड द्वारा रखे गये तथ्यो तथा न्यायालय में आई साक्ष्य के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपित कमल को धारा 363 में 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 366 ए में तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 एल/6 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 4000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

प्रकरण में अभियोजन संचालन विषेष लोक अभियोजक श्री रमेष गामड द्वारा किया गया।

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