चरस परिवहन के आरोप में आरोपीयों को 15-15 वर्ष का कारावास एवं पांच लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित

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नीमच। विषेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट रतलाम के पीठासीन अधिकारी श्री अरूणकुमार खराडी ने 10.518 किलोग्राम अवैध चरस परिवहन के आरोप में आरोपी संदीप पिता चन्द्रकान्त गांवकर, निवासी मुम्बई एवं रमजान गफूर पिता गफूर इब्राहिम षेख, निवासी पष्चिम कल्याण, महाराष्ट्र को एनडीपीएस की धारा 8 सहपठित धारा 20, 29 एवं 25 के आरोप में दोषसिद्ध पाये जाने पर संदीप गांवकर को अलग अलग धाराओं में 15-15 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया एवं रमजान गफूर को अलग अलग धारों में 15-15 वर्ष का सश्रम कारावास एवं तीन लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन पक्ष इस प्रकार है कि नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो क्षेत्रीय इकाई इन्दौर को एनसीबी अहमदाबाद की टीम के माध्यम से दिनांक 10.03.2021 को रात्रि इस आषय की गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि चिकलिया टोल प्लाजा स्टेट हाईवे रतलाम की ओर से उक्त आरोपीगण अवैध मादक पदार्थ का परिवहन कर तस्करी हेतु ले जा रहे हैं। जिस पर से एनसीबी इन्दौर के अधीक्षक अतुलकुमार द्विवेदी द्वारा निवारक दल का गठन करते हुए सुनीलकुमार वर्मा, आसूचना अधिकारी को जप्ती अधिकारी के रूप में नियुक्त कर अन्य आसूचना अधिकारी के.पी.सिद्धिकी एवं श्रीराम पाण्डेय एवं वाहन चालकों को निवारक दल में षामिल कर निवारक कार्यवाही हेतु भेजा। जिस पर से सुनीलकुमार वर्मा द्वारा चिकलिया टोल प्लाजा पहुंचने पर दिनांक 11.03.2021 को सुबह 8.30 पर पहुंचकर दो व्यक्तियों को अपना परिचय देते हुए निवारक कार्यवाही में पंच बनाने हेतु सहमति प्राप्त की जिस पर से पंच नंदकिषोर व छोगालाल ने पंच बनाने की सहमति दी। करीब 8.50 बजे सुबह गुप्त सूचना अनुसार एक सफेद रंग की मारूति स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक एम.एच.05ए.एस.8199 चिकलिया टोल प्लाजा पर आई। कार में बैठे व्यक्ति द्वारा टोल की रसीद कटवाने लगा, उसी समय आसूचना अधिकारी सुनीलकुमार वर्मा द्वारा उक्त कार को रोककर सडक की बांई ओर खडी कर कार में बैठे व्यक्तियों से नाम पता पूछा तो कार चालक ने अपना नाम संदीप पिता चन्द्रकान्त एवं पास बैठे व्यक्ति ने रमजान गफूर होना बताया जिस पर से सुनीलकुमार वर्मा द्वारा दोनों व्यक्तियों को गुप्त सूचना से अवगत कराकर कार की तलाषी लेने हेतु कहा गया जिस पर से दोनों व्यक्तियों ने अपने कार की तलाषी देने की सहमति दी गई। निवारक दल ने दोनों व्यक्तियों से निवारक दल की तलाषी लेने हेतु कहा गया तो दोनों ने निवारक दल की तलाषी लेने से इंकार कर दिया। पष्चात् कार का मुआयना करने पर कार की डिक्की खाली होना पाई गई। गहनता से तलाषी लेने पर हेंडब्रेक के नीचे तहखाना (गुप्त केवीटी) बनाकर लोहे की चादर से स्क्रू से कस रखा था। पेचकस से स्क्रू खोलने पर उसके अंदर 15 पैकेट रखे मिले जिसमें सभी पैकेटों में काले भूरे रंग का चिपचिपा पदार्थ पाया गया। पैकेटों से चरस की तीव्र गंध आ रही थी। मौके पर काफी आवागमन होने के कारण जप्ती कार्यवाही में बाधा होने की संभावना को देखते हुए जप्ती अधिकारी ने दोनों आरोपीगण व कार को नजदीकी थाना बिलपांक पर ले जाया गया जहां कार के हेण्डब्रेक के नीचे से जप्ती अधिकारी ने 15 पैकेटों को निकालकर ड्रग डिटेक्षन किट से जांच करने पर सभी पैकेटों में चरस होना पाया गया। सभी पैकेटों का वजन किये जाने पर उनका कुल वजन 10.518 किलोग्राम होना पाया गया। जिस पर से उक्त सभी 15 पैकेटों को एक बडे पैकेट में विभाग की पीतल की सील से चपडी से सीलबंद कर आरोपीगण व पंचों के हस्ताक्षर करवाकर नजदीकी थाना बिलपांक में उक्त पैकेट को जमा करवाया गया तथा कार को भी थाना बिलपांक पर सुरक्षित रखा गया तथा दोनों आरोपीगण को धारा 67 एनडीपीएस एक्ट के तहत सूचना पत्र देकर उन्हें समझाईष दी गई कि वे अपने बयान देने के लिये स्वतंत्र हैं उन पर कोई दबाव नहीं है जिस पर से दोनों आरोपीगण ने अपने बयान लेखबद्ध कराये पष्चात् दोनों आरोपीगण को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की जमा तलाषी में आरोपीगण के पास से 46500/- रू एवं वाहन के दस्तावेज, आधार कार्ड, र्डायविंग लायसेंस जप्त किये गये। पष्चात् दोनों आरोपीगण को थाना बिलपांक के कैदी कक्ष में रखा गया। जप्ती कार्यवाही में कोई सेम्पल नमूना वक्त जप्ती नहीं निकाला गया था। पष्चात् जप्ती अधिकारी ने कार्यपालिक दण्डाधिकारी सुश्री रूपाली जैन के समक्ष थाना बिलपांक पर धारा 52 ए की कार्यवाही करवाकर दो पृथक से सेंपल निकाले और सम्पूर्ण कार्यवाही की नोटषीट तैयार कर तथा अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र निंक 03.09.2021 को विषेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट रतलाम के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसमें अभियोजन की ओर से विषेष लोक अभियोजक राजेन्द्र पोरवाल द्वारा कुल 09 साक्षियें के कथन करवाये एवं 101 दस्तावेज प्रदर्षित करवाये एवं आर्टिकल प्रदर्षितक रवाकर अभियोजन ने अपनी साक्ष्य समाप्त की पष्चात् विषेष न्यायालय रतलाम द्वारा बचाव पक्ष एवं विषेष लोक अभियोजक श्री राजेन्द्र पोरवाल की बहस सुनकर दोनों आरोपीगण संदीप पिता चन्द्रकान्त गांवकर, निवासी मुम्बई एवं रमजान गफूर पिता गफूर इब्राहिम षेख, निवासी पष्चिम कल्याण महाराष्ट्र को अलग अलग धाराओं में 15-15 वर्ष का कारावास एवं कुल पांच लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।