रतलाममध्यप्रदेश

समाचार रतलाम मध्य प्रदेश से 02 मार्च 2023

जल स्रोतों पर पेयजल परिरक्षण अधिनियम लागू होगा

नल जल योजनाओं में काम नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध होगी एफआईआर

पेयजल परिवहन में नहीं करेंगे किराए के टैंकर का इस्तेमाल

जिले में ग्रीष्म के दौरान पेयजल व्यवस्था हेतु महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

रतलाम 01 मार्च 2023/ कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा ग्रीष्म के दौरान जल उपलब्धता हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बुधवार प्रातः कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक के दौरान कलेक्टर ने नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता की समीक्षा की। ग्रीष्मकाल में सुचारू रुप से पेयजल आपूर्ति के लिए अधिकारियों को सक्रिय एवं जागरुक रहने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में जल स्त्रोतों पर पेयजल परिरक्षण अधिनियम लागू किया जाएगा। इस संबंध में अधिकारी तत्काल प्रस्ताव प्रेषित करें। वर्तमान रबी मौसम में सिंचाई के लिए तालाबों से पूर्व में निर्धारित की गई मात्रा में ही पानी दिया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग उन ठेकेदारों के विरुद्ध एफआईआर करवाएं जो नल जल योजनाओं में ठीक से कार्य नहीं कर रहे है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चन्द्रवंशी, महापौर श्री प्रहलाद पटेल, जनपद रतलाम अध्यक्ष श्रीमती साधना जायसवाल, बाजना जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री कैलाश मुनिया, नगर पालिका जावरा अध्यक्ष सुश्री अनम कडपा, नगर पालिका सैलाना अध्यक्ष श्री चेतन्य शुक्ला, जावरा, आलोट तथा रतलाम अनुविभागों के एसडीएम, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री पी.के गोगादे, जल निगम के सहायक यंत्री श्री गौरव सिंघई, पीएचई के एसडीओ आदि उपस्थित थे।

बैठक में महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जल संकट से बचने के लिए आवश्यक है कि बरसाती पानी को सहेजा जावे। वर्षा के दौरान छत के पानी से भूमि पुनर्भरण किया जाए। महापौर ने आग्रह किया कि स्थानीय निकाय भवन निर्माण अनुमति देने में ध्यान रखें कि बरसात के पानी से घरों के ट्यूबवेल रिचार्ज अनिवार्य रूप से किए जाएं।

कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि ग्रीष्मकाल के दौरान अपने क्षेत्र में सुचारू पेयजल व्यवस्था के लिए जागरूक रहे। सक्रियता के साथ नजर रखें, मात्र अफसर बनकर उदासीन नहीं रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों ने ग्रीष्मकाल में पेयजल उपलब्धता के बारे में लापरवाही बरती तो उनके विरुद्ध एफआईआर की जाएगी। जल जीवन मिशन की योजनाओं में ठेकेदारों द्वारा ठीक से कार्य नहीं करने पर उनके विरुद्ध भी एफआईआर कराई जाए।

धोलावाड़ सरोज सरोवर डैम के बारे में जागरूकता नहीं रखने पर कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री जल संसाधन श्री पी.के. खरत को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बताया गया कि धोलावाड़ में पर्याप्त पानी है, सिंचाई के लिए जितनी मात्रा आरक्षित है उससे अधिक पानी नहीं दिया जाएगा। इसी प्रकार अपने विभागीय कार्यों की जानकारी प्रस्तुत कर पाने में असमर्थ कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी.के. गोगादे को कलेक्टर ने फटकार लगाई। टेंडर कार्य में लापरवाही बरतने पर बड़ावदा सीएमओ को भी कलेक्टर से फटकार मिली। महिला बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ियों तथा स्कूलों में बच्चों के लिए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता रखने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए।

समीक्षा के दौरान हैंडपंपों की स्थिति के बारे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा बताए गए आंकड़ों में भिन्नता पाए जाने पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की, पुनः सर्वे द्वारा जानकारी में एकरूपता लाने के निर्देश दिए। रतलाम ग्रामीण की जानकारी दी गई कि 2772 हैंडपंपों में से मात्र 24 हैंडपंप बंद है जबकि जनपद सीईओ द्वारा बताया गया आंकड़ा पृथक था। सैलाना के बारे में बताया गया कि 1795 हैंडपंप चालू हालत में है, 21 हैंडपंप बंद है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बाजना के बारे में बताया कि वहां 1750 हैंडपंप है इनमें से 22 बंद है। उपस्थित जनपद अध्यक्ष ने कहा कि इससे कहीं अधिक संख्या में हैंडपंप बंद पड़े हैं। जावरा जनपद क्षेत्र में 1599 हैंडपंप की जानकारी देते हुए 20 हैंडपंप बंद बताए गए। जनपद क्षेत्रों की समीक्षा में कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बताए गए आंकड़े विश्वसनीय नहीं है। उन्होंने जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों के सचिवों से वास्तविक संख्या प्राप्त करे।

हैण्डपंपो की समीक्षा के दौरान विसंगति पूर्ण जानकारी देने पर कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री पी.के. गोगादे तथा आलोट क्षेत्र के पीएचई सब इंजीनियर श्री कुमावत को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रो की समीक्षा में नामली सीएमओ द्वारा बताया गया कि ग्रीष्म के दौरान 5 ट्यूबवेल खनन की आवश्यकता नामली के लिए होगी। नगर परिषद ने 14 लाख रुपए के जल परिवहन की कार्य योजना बनाई है, वहां वर्तमान में 28 ट्यूबवेल है परंतु ग्रीष्म के दौरान जलस्तर नीचे जाने की आशंका है।

इस दौरान कलेक्टर द्वारा जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को उन क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए जहां जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं के सम्बन्ध में शिकायतें मिली हैं, कलेक्टर ने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री गोगादे पर भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सुखेडा नल जल योजना के क्रियान्वयन में परिलक्षित गडबडी की जांच पश्चात कार्यपालन यंत्री श्री गोगादे से वसूली भी की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि समय सीमा में योजनाएं गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाना है। विभागीय इंजीनियर ठेकेदारों के साथ सांठगांठ नहीं करें, गलत कार्यों में संलग्न होकर ठेकेदार को बचाने का प्रयास नहीं करें अन्यथा विभागीय जांच तथा एफआईआर के लिए तैयार रहें।

कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने जिले में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए हैंडपंपों के उचित संधारण, बंद पड़े हैंडपंप को चालू करने, राइजर पाइप बढ़ाने, पाइप लाइन ठीक करने तथा अन्य आवश्यक कार्य दुरुस्ती हेतु निर्देशित किया।

बैठक में जल निगम के इंजीनियर अधिकारी श्री गौरव सिंघई द्वारा बताया गया कि सतह आधारित जल स्त्रोतों से जल निगम द्वारा रतलाम जिले में 2 योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, एक योजना प्रस्तावित है। जल निगम की गुणावद नल जल योजना से 15 गांवों में जलापूर्ति की जाएगी, गुणावद योजना में अधिकांश कार्य पूर्ण किया जा चुका है, मात्र पानी की टंकी का कार्य बचा है बाकी टेस्टिंग प्रारंभ कर दी गई है। टेस्टिंग कार्य डायरेक्ट पंपिंग से किया जा रहा है, रेस्टोरेशन कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है। 90 प्रतिशत घरों में पानी पहुंच रहा है, शेष घरों में पाइप लाइन डैमेज के कारण पानी नहीं पहुंचने की समस्या परिलक्षित हुई है जिसका सुधार शीघ्र किया जा रहा है।

जल निगम द्वारा गांधी सागर डैम से आलोट विकासखंड के 191 गांवों में पानी पहुंचाने के लिए योजना प्रारम्भ की जा चुकी है, जो दिसंबर 2024 में पूर्ण हो जाएगी। इसके अलावा जल निगम द्वारा माही नदी से सैलाना, बाजना के ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति की योजना तैयार की जा रही है, डीपीआर पर कार्य किया जा रहा है। बैठक में जनप्रतिनिधियों की मांग एवं सुझाव पर कलेक्टर द्वारा जल निगम के इंजीनियर को माही योजना से जिले के धामनोद, सैलाना, नामली तथा जावरा शहरों में भी जल आपूर्ति की जाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए संबंधित नगर परिषद और नगर पालिका अधिकारियों द्वारा जल निगम को पत्र प्रेषित किए जाएंगे।

कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बैठक में निर्देश दिए कि पेयजल परिवहन के लिए किसी भी स्थिति में किराए के टैंकर नहीं लिए जाएंगे। स्थानीय निकायों के पास उपलब्ध टैंकरों के अलावा खनिजों के अवैध उत्खनन परिवहन में राजसात किए गए ट्रैक्टर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्रीष्म की विकट स्थिति में जिन ट्यूबवेल्स को अधिग्रहित किया जाना है उनकी सूची अधिकारियों द्वारा तैयार कर ली जाए। जानकारी 5 दिवस में प्रस्तुत करें। पेयजल परिवहन में नगरीय निकायों के पास उपलब्ध टैंकर चालू हालत में हो, उनकी आवश्यक दुरुस्ती करवा ली जाए। नगरीय निकायों को प्राप्त 15 वे वित्त आयोग की राशि सिर्फ पेयजल पर ही खर्च की जाएगी अन्य कार्यों पर नहीं।

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल के दौरान अपने क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता पर नजर रखें, समीक्षा करते रहें। जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने क्षेत्र में पेयजल की स्थिति से जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा अपने एसडीएम को सतत रूप से अवगत कराते रहेंगे। अधिकारी अपने क्षेत्र में जनसंख्या आधारित पेयजल आपूर्ति कार्य योजना तैयार करें।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग श्री रजनीश सिन्हा, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण श्री अरुण पाठक, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री निर्देशक शर्मा, जनपद पंचायत आलोट के सीईओ श्री आर.के. वाक्तरिया, बाजना, पिपलोदा जनपद की सीईओ सुश्री अल्फिया खान, रतलाम जनपद पंचायत के सीईओ श्री रामपाल सिंह करजरे, सैलाना जनपद पंचायत के सीईओ श्री गोवर्धन मालवीय भी उपस्थित थे।

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माह की प्रथम तिथि पर वंदे मातरम गायन हुआ

रतलाम 01 मार्च 2023/ मार्च माह की प्रथम तिथि पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गान हुआ। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री त्रिलोचन गौड़, अधीक्षक श्री प्रभाकांत उपाध्याय, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री पी.के. गोगादे तथा अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। इस दौरान मध्यप्रदेश गान भी हुआ।

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मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना 2023 के संबध में विस्तृत दिशा निर्देश

पात्र महिलाए समग्र आईडी, आधार कार्ड को अपडेट तथा बैंक खाते को आधार से लिंक करा लें

रतलाम 01 मार्च 2023/ मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना 2023 के विस्तृत निर्देश प्रदेश शासन द्वारा जारी किए गए है। कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा सभी पात्र महिलाओं से अनुरोध किया गया है कि वह अपने परिवार की समग्र आईडी, स्वयं की समग्र आईडी तथा स्वयं के आधार कार्ड को अपडेट करा ले, साथ ही अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करा लें ताकि उन्हें राशि के भुगतान में किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

योजना अंतर्गत ऐसी श्रेणी की महिला पात्र होगी जो मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी हो तथा 1 जनवरी 2023 की स्थिति में 23 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी हो तथा 60 वर्ष से कम आयु की हो। इस योजना अंतर्गत विवाहित महिलाएं ही सम्मिलित होंगी ,जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवम परित्यकता महिलाएं भी शामिल हैं। ऐसे परिवार जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से वार्षिक आय 2.50 लाख से अधिक हो, परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता हो, परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग या उपक्रम में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्त उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो, योजना अंतर्गत पात्र नहीं होगा। परंतु मानदेय सेवी कर्मी तथा आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियोजित कर्मचारी योजना अंतर्गत पात्र होंगे।

ऐसे परिवार जिनके सदस्यों के पास संयुक्त रूप से कुल 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो वह भी योजना में पात्र नहीं होंगे। योजनांतर्गत परिवार के किसी सदस्य के नाम पर चार पहिया वाहन जिसमें ट्रैक्टर भी शामिल है,पंजीकृत है, तो उस परिवार के सदस्य पात्र नहीं होंगे। योजना में प्रत्येक पात्र महिला को 1 हजार रूपए प्रति माह के मान से राशि का भुगतान उसके स्वयं के आधार लिंक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर इनेबल्ड बैंक खाते में किया जाएगा।

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सी.एम.राईज रतलाम में विज्ञान मेले का आयोजन

रतलाम 01 मार्च 2023/ राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर सी.एम.राईज रतलाम में ”वैश्विक कल्याण के लिए वैश्विक विज्ञान” विषय पर विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। उक्त मेले का शुभारम्भ जिला विज्ञान अधिकारी श्री जितेन्द्र जोशी, प्राचार्य संध्या वोहरा, उपप्राचार्य श्री गजेन्द्र सिंह राठौर, श्री अनिल मिश्रा द्वारा किया गया ।

विद्यालय के बाल वैज्ञानिको द्वारा विज्ञान की अवधारणाओं को सरलतम प्रयोग द्वारा (क्रिया कलाप द्वारा) समझाया गया। मेले में विज्ञान से संबधित लघुफिल्म को प्रोजेक्टर की सहायता से सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को दिखाया गया। विद्यालय के 37 विद्यार्थियों ने विज्ञान क्वीज के द्वितीय चरण में भाग लिया। विद्यार्थियों ने पोस्टर बनाकर वायुप्रदुषण, जल प्रदुषण, कचरा प्रबंधन आदि को सरलतम तरीके से समझाया।

विज्ञान प्रदर्शनी में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 9वी तक के लगभग 45 विद्यार्थियों द्वारा 50 से अधिक छोटे-छोटे क्रियात्मक मॉडल बनाकर विज्ञान की कठिन अवधारणाओं को सरल बनाकर समझाया। उक्त प्रदर्शनी में वायुदाब, पौधो के अंग, बादल का बनना, पानी में ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन की उपस्थिति, उष्मा का सुचालक प्रदार्थो मे गमन, विघुत चालकता का प्रदर्शन,दाब की अवधारणा, प्रकाश का परावर्तन, प्रकाश का वर्ण विक्षेपण, ज्वालामुखी का फटना, पौधो द्वारा प्रकाश संश्लेषण क्रिया, दहन के ऑक्सीजन जरूरी हैं, न्यूटन के गति संबंधित तीनो नियम, परासरण दाब, अग्नीशमन यंत्र द्वारा आग पर नियंत्रण,विद्युत परीपथ, जादु नही विज्ञान, कोणीय संवेग, बल आघूर्ण के प्रयोगो को विद्यार्थियों द्वारा कुशलतापुर्वक प्रदर्शित किया गया।

उक्त प्रदर्शनी को आगंतुको तथा विद्यालय के लगभग 500 विद्यार्थियों द्वारा देखा गया तथा प्रश्नोत्तर किये गये।प्रर्दशनी के दौरान विज्ञान की छोटी-छोटी अवधारणाओं को अनिल मिश्रा, हीना शाह, शोभा ओझा, धर्मा कोठारी, राजेश दगदी तथा अन्य शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने ही स्पष्ट किया। उक्त प्रदर्शनी के लिए विद्यालय के समस्त शिक्षकों द्वारा बच्चों को मार्गदर्शन दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती संध्या वोहरा,उप प्राचार्य श्री गजेन्द्रसिंह राठौर द्वारा विज्ञान दिवस के महत्व पर संबोधन दिया गया। हीना शाह ने आभार व्यक्त किया गया।

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चनासरसों एवं मसूह की उपार्जन हेतु पंजीयन 10 मार्च तक

रतलाम 01 मार्च 2023/उपसंचालक कृषि ने बताया कि रबी वर्ष 2022-23 गेहूं के उपार्जन हेतु 1 फरवरी से ई-भारत सरकार के प्राईस सपोर्ट स्कीम अन्तर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर फसल चना, सरसों एवं मसूर को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन हेतु पंजीयन की अंतिम तिथि 10 तक नियत की गई है। जिन किसान भाइयों को पंजीयन करवाना है वे आवस्यक दस्तावेज लेकर पंजीयन केन्द्रों पर जाकर पंजीयन करवा सकते हैं। जिले में कुल 65 पंजीयन केन्द्र बनाए गए हैं, जहां किसान चना, सरसों एवं मसूर का पंजीयन करवा सकते हैं।

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धोलावाड़ बांध में जल की मात्रा के संबंध में प्रकाशित समाचारों का

खंडन करते हुए कार्यपालन यंत्री ने  दी तथ्यात्मक जानकारी

रतलाम 01 मार्च 2023/ विगत दिनों को समाचार पत्रों में धोलावाड़ बांध के उपलब्ध जल की मात्रा के संबंध में प्रकाशित जानकारी का खंडन करते हुए कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग श्री पी.के. खरत द्वारा तथ्यात्मक जानकारी जारी की गई है।

कार्यपालन यंत्री ने बताया कि सरोज सरोवर धोलावाड़ बांध में इस वर्ष 2022-23 में  पूर्ण जलस्तर 100 प्रतिशत जल भरा हुआ है। विगत 9 नवंबर 2022 को आयोजित जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में बांध से इस वर्ष के लिए रतलाम नगर के पेयजल हेतु कुल 17.80 मिलियन 1 मीटर पानी आरक्षित रखे जाने हेतु अनुमोदन किया गया था।

बांध से नगर निगम रतलाम द्वारा निरंतर 12 माह शहर के लिए पेयजल प्राप्त किया जाता है। आज की स्थिति में धोलावाड़ बांध का जलस्तर 386.80 मीटर है। बांध में वर्तमान में कुल 17.22 मिलियन 1 मीटर पानी उपलब्ध है जो ग्रीष्म ऋतु में आरक्षित जल की मात्रा की तुलना में रतलाम नगर की पेयजल के लिए पर्याप्त मात्रा में है। गत वर्ष वर्षाकाल के पूर्व जून 2022 में कुल 9.25 मिलियन घनमीटर पानी शेष बचा हुआ था। गत वर्ष बांध के जलस्तर 386 मीटर पर नहरों द्वारा रबी सिंचाई पूर्ण हो गई थी, इस वर्ष भी रबी सिंचाई का अंतिम पानी दिया जाना समाप्ति की ओर है तथा 386 मीटर के जल स्तर पर नहरों को बंद करना प्रस्तावित है। बांध से रतलाम शहर के लिए पेयजल की सप्लाई का संपूर्ण कार्य नगर निगम रतलाम द्वारा किया जाता है।

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खाद्य पदार्थों के नमूने मानक स्तर के  नहीं पाए जाने पर एडीएम न्यायालय द्वारा

11 फर्मों पर 6 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया

रतलाम 01 मार्च 2023/ खाद्य पदार्थों के नमूने मानक स्तर के नहीं पाए जाने पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी न्यायालय द्वारा जिले की 11 फर्मों पर कुल 6 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री कमलेश जमरा ने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के दल द्वारा जिले में विभिन्न संस्थानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए थे उनमें से कई नमूने अमानक स्तर के पाए गए। इस पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी न्यायालय ने कुल 6 लाख रूपए का जुर्माना संबंधित फर्मों पर लगाया है। यदि उनके द्वारा 1 महीने के अंदर जुर्माना नहीं भरा गया अथवा अपील नहीं की गई तो भू राजस्व से जुर्माना वसूल किया जाएगा तथा जुर्माना जमा नहीं करने तक उनके लाइसेंस नोटिस देकर निलंबित किए जाएंगे।

जिन फर्मों पर 1 लाख रुपया जुर्माना लगाया गया है उनमें खुला तेल विक्रय करने पर रतलाम का बजरंग तेल भंडार, अवमानक मावा विक्रय करने पर वर्धमान मावा वाला, अवमानक स्तर का घी विक्रय करने पर पाटीदार ब्रदर्स धानमंडी शामिल है। जिन फर्मों पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया उनमें अवमानक पनीर का उपयोग करने पर रतलाम की समता सागर होटल नामली की मां सागर होटल, मिथ्या छाप नमकीन विक्रय करने पर खंडेलवाल नमकीन अंकित खंडेलवाल शामिल है। जिन फर्मों पर 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है उनमें अवमानक सोयाबीन तेल विक्रय करने पर जावरा की श्याम ऑयल मिल तथा अवमानक तेल विक्रय करने पर स्नेहिल आयल मिल शामिल है।

इसके अलावा रावटी के समीरमल किराना पर मिथ्याछाप पारस घी विक्रय करने एवं जावरा के न्यू पार्श्वनाथ ट्रेडर्स पर मिथ्याछाप चाय की पत्ती का विक्रय करने पर 30-30 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया है। जय महाकाली आइसक्रीम पर अवमानक कुल्फी का विक्रय करने पर 10 हजार रुपया जुर्माना लगाया गया है।

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