देश की रक्षा में लगे सैनिकों को रक्षाबंधन पर पूर्व सैनिकों भाइयों के साथ स्कूली छात्रों ने भेजा प्यार का संदेश राखियाँ


कुचड़ौद। (दिनेश हाबरिया) रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहनों के लिए पवित्र त्योहार होता है।इस दिन भाई अपनी बहन की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर कठिन समय में रक्षा करने का वचन देता है। इस त्यौहार पर सभी बहने अपने मायके भाई के घर आकर यह त्यौहार मनाती है। पर बॉर्डर पर वीर सैनिक अपने घर नहीं आ पाते। इसके लिए कई बहने या संस्थाएं बॉर्डर पर राखियाँ भिजवाते हैं। अफजलपुर (सुर्यनगर) में पूर्व सैनिकों द्वारा शासकीय स्कूल सहित प्राइवेट स्कूल के विद्यार्थियों से राखियां रक्षा सूत्र एकत्रित कर बॉर्डर पर भिजवाने की जिम्मेदारी ली गई।
यह जिम्मेदारी भूतपूर्व सैनिक कमल सिंह चंद्रावत, मदन लाल धनगर, दशरथ सिंह राठौड़ सहित अन्य के द्वारा एकत्रित करके भिजवाई जा रही है।
इन्होंने बताया रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के रिश्ते का पवित्र त्योहार होता है। बहन एवं भाई आपस में एक दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर एक दूसरे की रक्षा का वचन देते एवं निभाते हैं। पर देश की रक्षा, सुरक्षा के लिए सैनिक बॉर्डर पर डटे हुए हैं। उन्हें छुट्टीयां नहीं मिलने के कारण रक्षाबंधन के त्योहार पर घर नहीं आ पाते हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन वह अपने बहनों की कमी महसूस करते हैं। इस कारण अपनी बहनों की कलाई पर रक्षा सूत्र नहीं बांध पाते हैं। उन्हें भी भाई बहन के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन मनाने का अवसर मिले। फौजी भाइयों को भी रक्षाबंधन के त्योहार पर अपने बहनों की कमी महसूस ना हो। इसके लिए अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जिला मंदसौर के तत्वाधान में शासकीय अशासकीय स्कूलों के बच्चों से राखियाँ एकत्रित कर बॉर्डर पर भिजवाने की जिम्मेदारी ली। गुरुवार को अफजलपुर (सुर्यनगर) के सभी स्कूलों से राखियां एकत्रित की गई। बच्चों द्वारा दी गई राखीयों को बॉर्डर पर सैनिकों के पास भिजवाई जाएगी।



