सुवासरा विधानसभा में गुलाबी ठंड का पारा धीरे-धीरे चढ़ने लगा, वही पांजी व पाटीदार का विधानसभा का रोमांचक मैच भी शुरू हो गया

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दर्शकों का मन की बात किसकी और आकर्षक रहेगा यह तो 17 नवंबर तय करेगा
सुवासरा (निप्र)। सुवासरा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 226 में अभी नामांकन पत्र दाखिल करने का दौर जारी है। सुवासरा विधानसभा क्षेत्र से दो नामांकन पत्र दाखिल हुए जिसमें भाजपा के हरदीप सिंह डंग सुवासरा तथा बहुजन समाज पार्टी के बलवंत शांतिलाल गुर्जर नेतावली ने दाखिल किया।
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी राकेश पाटीदार 30 को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे तथा जनचर्चा के दौर में कैलाश गुप्ता सुवासरा सहित अन्य पार्टीयों और निर्दलीय चेहरे चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
मौसम का गुलाबी ठंड का पारा धीरे-धीरे चढ़ने लगा वही सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में राजनीति के अखाड़े में विधानसभा चुनाव का पारा भी देखने को मिल रहा है। यहां पर अब तक चुनाव का मुख्य मैच भाजपा और कांग्रेस के बीच में देखने को मिला है। भाजपा और कांग्रेस कि बात करें तो दोनों ही राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का अपने ही कार्य कर्ताओं के द्वारा विरोध प्रदर्शन होने लगा है वही जैसे-जैसे चुनावी का असर चढ़ने लगा है वही ऐसे ही कार्यकर्ताओं के द्वारा दोनों ही प्रत्याशियों को खरी-खोटी सुनाने के लिए कार्यकर्ता उतारू हो रहे हैं वही आगामी 17 नवंबर को मतदान होना है ऐसी स्थिति में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोटर है ।
वही भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी हरदीप सिंह डंग की प्रतिष्ठा गांव पर लगी हुई है। हरदीप सिंह डंग अपने विकास कार्यों योजनाओं और प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के चहरे के साथ मैदान में हैं। जहां एक और इस बार भाजपा में गुटबाजी से निपटने में श्री डंग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही वहीं विपक्षी उम्मीदवार कि ताकत से दो-दो हाथ करने हैं। श्री डंग लगातार क्षेत्र में दौरा कर मतदाताओं से एक बार फिर आशीर्वाद मांग रहे हैं वहीं रुठों को मनाने के लिए लिए भी लगे हुए हैं। इस बार कितने सफल होते हैं।यह निर्णय मतदाताओं के हाथों में है।
वही कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी राकेश पाटीदार को पीसीसी चीफ कमलनाथ ने दोबारा विश्वास जताते हुए वही दोबारा टिकट दिया। कांग्रेस प्रत्याशी राकेश पाटीदार इस बार एक नये स्वरुप में है। चर्चा है पाटीदार इस बार चुनावी मैनेजमेंट और पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में हैं। इस बार कांग्रेस के पास खोने से ज्यादा पाने का आंकड़ा दिखाई दे रहा है।वहीं उपचुनाव में करीबन 31000 मतों के अंतर से हारने का आंकड़ा बहुत बड़ा है इसको पूरा करना बहुत बड़ी चुनौती है। अब देखना है कि राकेश पाटीदार अपनों को सांधते हुए मतदाताओं में अपना वर्चस्व बढ़ाने में कितने कामयाब हो सकते हैं। यह सुवासरा विधानसभा क्षेत्र की जनता किसके ऊपर आशीर्वाद रखेगी वहीं किसको सुवासरा का ताज पहनाएगी यह तो सुवासरा क्षेत्र की जनता निर्णय लेगी ।
वहीं दूसरी छोर भाजपा 17 वर्षों से एक छत्र राज प्रदेश पर किया है वहीं दूसरी छोर कमलनाथ की सरकार ने 15 माह की सरकार में विकास की जड़िया लगाई थी वही कांग्रेस सरकार गिरने के बाद भाजपा के हाथ में सत्ता की चाबी आ गई थी। साढ़े तीन वर्षों के राज के बाद अब अपनी उपलब्धियों को लेकर भाजपा उम्मीदवारों के साथ मैदान में हैं। अब देखना यह है कि कमलनाथ ने जनता को ध्यान रखकर अपना वचन पत्र जिसमे लोक लुभावन वादे सहित कई विकास की योजनाएं के साथ सरकार बनाने को आतुर है। जनता जनार्दन किसको मध्य प्रदेश के सिंहासन पर बैठाना चाहेगी यह तो 3 दिसंबर को ही तय होगा।