मंदसौर जिलासीतामऊ

तीन नये कानुनों के व्यापक प्रचार -प्रसार जन मानस तक पहुंचाने को लेकर सीतामऊ थाना परिसर में बैठक संपन्न

सीतामऊ। भारत में पुराने कानूनी में बदलाव किया जा कर तीन नये कानून भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू किए गए उनके व्यापक प्रचार प्रसार जन मानस तक पहुंचने को लेकर सीतामऊ थाना परिसर में नगर परिषद अध्यक्ष मनोज शुक्ला जनपद उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह कोटड़ा माता अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हरिचरण जोशी के अतिथि में अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती स्वाति तिवारी की अध्यक्षता में तथा न्यायालय एडीपीओ सुखराम ग्रवाल तहसीलदार मनोहर लाल वर्मा नायब तहसीलदार थाना प्रभारी मोहन मालवीय द्वारा बैठक ली गई।

बैठक में एसडीएम स्वाति तिवारी ने कहा कि भारतीय दंड संहिता में बदलाव कर अब न्याय संहिता लागू किया गया है। इन नये कानून में आम जनता को त्वरित न्याय मिलेगा। एसडीएम ने कहा कि कानुन कि पुस्तक एक ऐसी है जिसे पढ़ लेने के बाद फिर पढ़ने से एक नयी बात सिखने को मिलती हैं।

अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री हरिचरण जोशी ने कहा कि अंग्रेजों के समय सन् 1860 से चलें आ रहें कानुनों में बदलाव कि बहुत आवश्यकता थी। कानुनों में बदलाव किया गया जो बहुत ही अच्छा किया गया है इससे फरियादी को समय न्याय मिलेगा। एक वास्तविक फरियादी को समय पर न्याय मिले और मिलना चाहिए यह सबकी जिम्मेदारी है।नये कानून कि जानकारी प्रत्येक नागरिक अब वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त कर सकता है।

नपं अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जो नये कानून आज से लागू किए गए उनसे अंतिम पंक्ति में न्याय कि गुहार लगा कर बैठे व्यक्ति को लाभ मिल सकेगा।

जपं उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान कोटड़ा माता ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कानून में बदलाव किया गया इससे जो व्यक्ति न्याय कि आस में चक्कर लगा रहे थे उनको और नये फरियादी का समय सीमा में न्याय का लाभ मिलेगा। श्री चौहान ने कहा कि जो कानुनों को जानता है वह अपराध से दुर रहना चाहेगा और जो कानुन से नीडर अनभिज्ञ हैं उनमें से अधिकांश अपराध करते हैं। श्री चौहान ने एक मालवी कहावत सुनाते हुए कहा कि भगवान थाने और कोर्ट के पीछे और मंदिर के आगे से हमेशा निकालें, यानी हमसे कोई गुनाह नहीं हो और हम भगवान धर्म के दर्शन समाज सेवा अपने सद कार्य दायित्व में लगे रहे हम सब राम राज्य कि तरह रहे।

तहसीलदार श्री मनोहरलाल वर्मा ने कहा कि आज से तीन नए कानून लागू किए गए हैं इनका प्रचार प्रसार आम जनता तक हो इनको सब लोग समझे यह यहां उपस्थित सभी गणमान्य जनों हमारी जिम्मेदारी है।

बैठक में एडीपीओ श्री ग्रवाल और थाना प्रभारी श्री मोहन मालवीय ने नये कानून में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर, एफआइआर, केस डायरी, चार्जशीट, जजमेंट सभी डिजिटल होंगे ।अपराध में धाराओं में बदलाव से लेकर अब समय सीमा में पुलिस को सुनवाई रिपोर्ट दर्ज करने तथा न्यायालय कि भी न्याय कि समय सीमा तय कर दी है। फरियादी द्वारा अब कही पर एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। अब ई-सूचना से भी एफआईआर दर्ज हो सकेगी. हत्या, लूट या रेप जैसी गंभीर धाराओं में भी ई-एफआईआर हो सकेगी।वॉइस रिकॉर्डिंग से भी पुलिस को सूचना दे सकेंगे। ई एफआईआर के मामले में फरियादी को तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी पर साइन करना जरूरी होंगे।अब बयानों आदि साक्ष्यों कि विडियो ग्राफी को भी सम्मिलित किया है।आपराधिक प्रक्रिया तय करने वाले तीन नये कानूनों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए एफआइआर से लेकर फैसले तक को समय सीमा में बांधा गया है। आपराधिक ट्रायल को गति देने के लिए नये कानून में 35 जगह टाइम लाइन जोड़ी गई है। शिकायत मिलने पर एफआइआर दर्ज करने, जांच पूरी करने, अदालत के संज्ञान लेने, दस्तावेज दाखिल करने और ट्रायल पूरा होने के बाद फैसला सुनाने तक की समय सीमा तय है।शिकायत मिलने पर तीन दिन के अंदर एफआइआर दर्ज करनी होगी। तीन से सात साल की सजा के केस में 14 दिन में प्रारंभिक जांच पूरी करके एफआइआर दर्ज की जाएगी।नये कानून में महिला कानुन और मजबूत बनाया गया है। आदि पर विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि भाजपा कांग्रेस नेता समाजसेवी पत्रकार आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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