आखिर क्या है ये नये विद्युत मीटरो का खेल, सरकार चेंज मीटर चेंज*
भंगार मे कहा फेके जा रहे ये पुराने मीटर या हो रही इनकी कला बाजारी
नीमच
नगर में इन दिनों नये बिजली के मीटर घरों व दुकानों पर धड़ल्ले से लगाये गए हैं सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार ऐसा लगता है मीटर कंपनियों से सरकार को मीटर फ्री में दिये जा रहें हैं । पहले 20- से 25 सालों तक मीटर बदले नहीं जाते थे पहले पुराने बिजली के मीटर में दो चक्करी घुमती थी उन बिजली के मिटर में 50 साल तक गड़
बड़ीयां नहीं होती थी पुर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के 10 साल के कार्यकाल के दौरान नये मिटर एक बार लगाये गये उनके हटने के बाद नयी मुख्यमंत्री के रूप में उमा भारती के कार्य काल में मिटर नये लगना शुरू हो गये उमा भारती के हटने के बाद शिव
राज सिंह चौहान ने फिर बिजली के मिटर नये लगाना शुरू कर दिए जो पांच साल तक रहे जैसे ही शिवराज सिंह चौहान की दुसरी पारी सत्ता की शुरु हुई उन्होंने फिर बिजली के मिटर बदलने शुरू कर दिए इस दुसरे दौर के बीच में ढाई – ढाई साल में दो बार मिटर बदले गये तीसरी पारी में सरकार बदलते ही कमलनाथ सरकार ने मीटर बदलने की शुरुआत कर दी परन्तु यहां पन्द्रह माह की सरकार में यह काम पुरा नही हो सका जितने भी बिजली के मिटर कमलनाथ सरकार ने लगाये वह शिवराज सिंह चौहान सरकार ने उखाड़ फेंके व नये सिरे से नये मिटर लगाने शुरू कर दिए उन नये बिजली के मिटरो को अभी दो साल भी नहीं हुए की नये मुख्यमंत्री प्यारे मोहन यादव ने फिर बिजली के मिटर बदल दिए शुरुआत तैजी से कर डाली और जिस तैजी से बिजली के मिटर बदलने का काम चल रहा है वह काबिले तारीफ़ है जो मिटर नये नये नजर आ रहे थे उन्हें टोड़ फोड़ कर बोरे में भरे जा रहे हैं और मिटर के दाम आम जन से वसूले गए और अब वसूलना चालू हो गया है ऐसा क्या हो गया है कि बार बार बिजली के मिटर बदलने पड़ रहे है ऐसा लगता है मुख्य मंत्रीयो की बिजली के मिटर बदलने की रैस चल रही है मिटर तो ऐसे उखाड़ कर फेंक रहे हैं जैसे कंपनियां सरकार को बिजली के मिटर फ्री में दे रहें हैं ऐसा लगता है की मैं मुख्यमंत्री हूं यह मेरा मिटर हैं इस तरह से बार बार बिजली के मिटर बदलने की चर्चा स्वाभाविक रूप से राजनीति का मुद्दा बन जाना यह भी एक हकीकत है ऐसा क्या है की हर मुख्य मंत्री अपना अपना बिजली का मीटर लगा रहा है इस तरह से ऐसा लगता है की इसके सोदे बाजी में घाल मेल है
नहीं तो 50 साल तक पहले मीटर
नहीं बदलते थे अब तो हर साल का ड्रा खेला जा रहा है इस बिजली के मिटर के बदलने में लम्बी चौड़ी कमाई का द्वार खुला हुआ है करंट आम नागरिक को लग रहा मजा सरकार बैठे नेता उठा रहे है वही इन बिजली कंपनियों द्वारा सही तरीके से मेंटीनेसा आज तक नही किया सेकडो किसानों के खेत में खड़ी फसल बर्बाद हुई तो सेकडो किसानों और पशुओं को करंट लगने से मौत हुई है जवाब दार कोई नही केवल वसूली के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी है लगातार इतने वर्षो में जितने भी मीटर लगाए खोले लगाए आखिर यह मीटर कहा गए और आम जन से वसूले रूपये कहा गए वही इसी भीषण 47 डिगरी में आज कल बिजली विभाग द्वारा आमजन को परेशान कर रखा है बिजली कटौती हर रोज 11 बजे से या बाद चला रखी है हर पोल खंभे ट्रासफर्म नए पुराने अदला बदली आम जन की तो यह कोनसा नियम कैसी सरकार क्यू भुगतान करे आमजन इस बार