समाचार मध्यप्रदेश नीमच 28 फरवरी 2024

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जिले की मदिरा दुकानों से राजस्व आय में 15 प्रतिशत की वृद्धि
नीमच 27 फरवरी 2024, जिला आबकारी अधिकारी श्री आरएन व्यास ने बताया, कि नीमच
जिले की कंपोजिट मदिरा दुकानों का वर्ष 2024-25 का शराब ठेका गत वर्ष 2023-24 से 15
प्रतिशत वृद्धि कर रूपये 1,13,75,92,531/- एवं भांग-भांग घोटा का ठेका भी गत वर्ष से 10
प्रतिशत वृद्धि कर 1,02,06,854/- में नवीनीकरण के माध्यम से निष्पादित किया गया है।
शासन द्वारा देशी एवं विदेशी शराब की ड्यूटी में 6 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है एवं
भांग की ड्यूटी में 33 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
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रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव 2024 : 169 उद्योगपतियों को 6774 करोड़ की भूमि होगी आवंटित
8000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का होगा लोकार्पण एवं शिलान्यास
अभी तक 662 बायर और 2551 सेलर ने कराया राजिस्ट्रेशन
नीमच 27 फरवरी 2024, मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। जिसे इन्हें
धरातल पर उतारने के लिए वृहद स्तर पर उज्जैन में आगामी 1 एवं 2 मार्च को रीजनल इंडस्ट्री
कॉन्क्लेव 2024 का आयोजन किया जा रहा है। इससे उज्जैन, इंदौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों
में औद्योगिक विकास के द्वार खुलेंगे। विशेष बात यह है कि इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मौके पर ही
169 उद्योगपतियों को 6774 करोड़ की भूमि आवंटित की जाएगी। उज्जैन में कुल 8000 करोड़
से अधिक के कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास होगा। जिससे 12000 से अधिक लोगों को
रोजगार प्राप्त हो सकेगा। प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में भी भूमिपूजन के कार्यक्रम
आयोजित होंगे। उज्जैन कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने बताया कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव
में अभी तक 662 बायर द्वारा और 2551 सेलर द्वारा रजिस्ट्रेशन कराया गया है। रजिस्ट्रेशन
अभी जारी हैं।
कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि बायर और सेलर में प्रमुख रूप से फूड और एग्रो
प्रोडक्ट्स, सर्विस सेक्टर, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, केमिकल एंड एलाइड प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल,
प्लास्टिक , हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट, इलेक्ट्रिकल ,जेम एंड ज्वेलरी, रियल एस्टेट, लेदर, स्पोर्ट्स,
फिश एंड मरीन प्रोडक्ट्स के सेक्टर शामिल है। देश में आईटी सेक्टर्स के प्रमुख उद्योगपतियों
के साथ इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में यूएसए, फिजी, मंगोलिया के गवर्मेंट डेलीगेशन और जापान, जर्मनी
के बिजनेस डेलिगेट्स शामिल होंगे।
भगवान महाकाल को विशेष भोग
प्रदेश के सर्वांगीण विकास और इंडस्ट्री कांक्लेव के सफल आयोजन के लिए सर्वप्रथम
भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया जाएगा। भगवान महाकाल को 6.25 क्विंटल लड्डू का
भोग लगाया जाएगा। यह विशेष प्रसाद इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में शामिल उद्योगपतियों को भी दिया
जाएगा।
उज्जैन के समृद्ध धार्मिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व से रूबरू होंगे उद्योगपति
मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण के साथ उज्जैन के समृद्ध
धार्मिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व से भी उद्योगपतियों रूबरू होंगे। कालिदास,
वराहमिहिर, बाणभट्ट, राजशेखर, पुष्पदंत, शंकराचार्य, वल्लभाचार्य, भर्तृहरि, दिवाकर, कात्यायनऔर बाण जैसे विविध क्षेत्रों के महान विद्वानों का उज्जैन से जुड़ाव रहा है।
राजा विक्रमादित्य ने इस शहर को अपनी राजधानी बनाया। महान विद्वान संस्कृतज्ञ कालिदास
राजा विक्रमादित्य के दरबार में थे। उज्जैन का वर्णन स्कंदपुराण में मिलता है और इसे मंगल
गृह की उत्पत्ति का स्थान माना जाता है। उज्जैन बड़ा महत्व वैज्ञानिक रूप से काल गणना में
इसका केंद्रीय स्थान होने मे भी है। महाकाल के इस केंद्र में स्थित शहर में ज्योतिष की शुरुआत
और विकास हुआ। उज्जैन ने भारत और विदेशों को समय की गणना की प्रणाली प्रदान की है।
उज्जैन के प्राकृतिक, भौगोलिक और ज्योतिषीय महत्व को समझने की आवश्यकता है।
उद्योगपति और प्रतिभागियों को दी जाएगी किट
इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में शामिल हो रहे उद्योगपतियो और प्रतिभागियों को विशेष किट दी
जाएगी। इसमें मध्य प्रदेश शासन की उद्योग फ्रेंडली नीतियों, भूमि बैंक, बुटीक प्रिंट, भगवान
महाकाल का विशेष प्रसाद दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य
मध्यप्रदेश, भारत के मध्य में स्थित होकर क्षेत्रफल के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा राज्य
है और पिछले दशक में 8% सीएजीआर पर वार्षिक जीएसडीपी वृद्धि के साथ सबसे तेजी से
बढ़ते राज्यों में से एक है। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य को एक औद्योगिक केंद्र के रूप में
विकसित करने और संभावित निवेश गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने के लिए पिछले एक दशक
सतत् से कार्य किया है। राज्य की बड़े बाजारों और नई दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद और
कोलकाता जैसे प्रमुख मेट्रो शहरों से अच्छी कनेक्टिविटी है। मध्य प्रदेश में 160,000 किलोमीटर
का सड़क नेटवर्क है, 455 ट्रेनें प्रतिदिन राज्य से गुजरती हैं, इसके अलावा देश के प्रमुख टियर1
शहरों के साथ इसकी हवाई कनेक्टिविटी भी है। भूमि-बद्धता की समस्या को दूर करने के लिए
राज्य ने 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) स्थापित किए हैं।
राज्य दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) के प्रभाव क्षेत्र में आता है और
इसने गलियारे के साथ पीथमपुर-धार-महू, रतलाम-नागदा, शाजापुर-देवास और नीमच-नयागांव
जैसे औद्योगिक और निवेश क्षेत्र विकसित किए हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य ने विशेष रूप से
दक्षिण पूर्व और सुदूर पूर्व एशियाई निवेशकों पर केंद्रित एक औद्योगिक टाउनशिप भी विकसित
की है। मध्य प्रदेश मैंगनीज, तांबा, कांच, चूना पत्थर आदि के प्रमुख उत्पादन के साथ भारत में
खनिजों का अग्रणी उत्पादक है और हीरे के भंडार वाला भारत का एकमात्र राज्य है। इसमें भारत
के कुल कोयला भंडार का 8% से अधिक और 1,434 बिलियन क्यूबिक मीटर कोल-बेड मीथेन
है। राज्य सरकार औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए संसाधनों के सतत उपयोग को
बढ़ावा दे रही है।
देश के सभी 11 कृषि जलवायु क्षेत्र मध्य प्रदेश में हैं। सोयाबीन, दालें, चना, लहसुन
आदि के उत्पादन में राज्य प्रथम और द्वितीय स्थान पर है गेहूं, मक्का और हरी मटर का
सबसे बड़ा उत्पादक। मध्य प्रदेश केला, संतरा, अमरूद, आम और नींबू फल उगाने में अग्रणी
राज्यों में से एक है। भारत की कुल जैविक खेती में राज्य का योगदान 40% से अधिक है और
डीएसीएफडब्ल्यू, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में बागवानी
उत्पादकता/हेक्टेयर भारत के राष्ट्रीय औसत से अधिक है। राज्य देश के कुल वन क्षेत्र, लगभग
94,689.38 वर्ग किलोमीटर में अधिकतम वन क्षेत्र का योगदान देता है। मध्यप्रदेश के जंगलों में
लगभग 2,200 किस्मों के औषधीय पौधे उपलब्ध हैं। राज्य के पास देश का 14 प्रतिशत पशुधन
है, जो देश के कुल दूध उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान देता है।
राज्य में 40,000 एकड़ विकसित क्षेत्र सहित 1,20,000 एकड़ औद्योगिक भूमि बैंक
है। पिछले वर्षों में इसने एसईजेड और सेक्टर विशिष्ट पार्क जैसे एसईजेड पीथमपुर, क्रिस्टल
आईटी पार्क, तमोट और ग्वालियर में प्लास्टिक पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क शिवपुरी, विक्रम
उद्योगपुरी, उज्जैन, स्पाइस पार्क, छिंदवाड़ा आदि विकसित किए हैं। उद्योगों को सहयोग देने के
लिए राज्य में प्रचुर तकनीकी एवं कुशल जनशक्ति उपलब्ध है।
राज्य एम्स,आईआईटी, आईआईएम, एनआईएफटी,एनआईडी, एनएलआईयू, IIITM और
सीआईपीईटी जैसे कई प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों का घर है। इसके अलावा, यह केंद्रीय, राज्य और
निजी विश्वविद्यालयों सहित कई विश्वविद्यालयों का घर है। राज्य में हर साल लगभग एक
लाख जनशक्ति (तकनीकी विशेषज्ञ) इन कॉलेजों से कार्यबल में शामिल होते हैं।
मध्य प्रदेश संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से भी समृद्ध है। खजुराहो, भीमबैठिका और
सांची जैसे पर्यटन स्थलों को विश्व धरोहर केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है। कान्हा, बांधवगढ़,
पेंच, पन्ना और शिवपुरी प्रसिद्ध बाघ अभयारण्य हैं और यहां कई अन्य जानवर भी हैं। पचमढ़ी,
अमरकंटक और तामिया राज्य के कुछ अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। पर्यटन विभाग ने राज्य के
विभिन्न द्वीपों जैसे हनुवंतिया, मध्य द्वीप और सैलानी द्वीपों का उपयोग करके पर्यटन को
बढ़ावा देने की पहल भी की है। यह हर साल भारत के एकमात्र और सबसे बड़े जल कार्निवल,
जल महोत्सव की मेजबानी करता है।
राज्य कपड़ा निर्माण, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग और कृषि उपकरण
निर्माण में अग्रणी है। राज्य की शांतिपूर्ण जनशक्ति औद्योगिक विकास के लिए एक अतिरिक्त
लाभ है। उपरोक्त सभी कारक मध्य प्रदेश को एक विकसित राज्य बनने का मार्ग प्रशस्त करते
हैं।
====================लोकसभा निर्वाचन 2024
चुनाव पर्व, देश का पर्व थीम पर मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाए
स्वीप गतिविधियों के संबंध में वी.सी.सम्पन्न
नीमच 27 फरवरी 2024, आगामी लोकसभा निर्वाचन 2024 में चुनाव पर्व देश का पर्व थीम पर
आधारित मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
कार्यालय भोपाल व्दारा वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए मतदाता जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई।
इस वीडियों कांफ्रेंसिंग में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स व्दारा पावर प्रजेन्टेशन के माध्यम से
आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर विभिन्न विभागों व्दारा की जाने वाली स्वीप
गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी गई। वीडियों कांफ्रेंसिंग में नीमच से जिला पंचायत सीईओ श्री
गुरूप्रसाद, संयुक्त कलेक्टर श्री राजेश शाह, सभी सीएमओ एवं अन्य स्वीप पार्टनर विभागों के
अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला
मोटरयान कर की दर पर 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय
नीमच 27 फरवरी 2024, उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला में विक्रय होने वाले गैर-परिवहन यानि
मोटरसाइकिल, मोटरकार, निजी उपयोग के लिये ओमनी बस और हल्के परिवहन यानों पर देय जीवनकाल
मोटरयान कर की दर पर 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का राज्य शासन ने निर्णय लिया है। उक्ताश्य
के आदेश का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र 23 फरवरी 2024 में कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने उज्जैन में होने वाले विक्रम व्यापार मेला में वाहनों के विक्रय पर कर में
छूट की घोषण की थी।
मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह
आदेश जारी किया गया है। यह छूट ऐसे गैर-परिवहन यानों जैसे मोटरसाइकिल, मोटर कार, निजी उपयोग
के लिये ओमनी बस और हल्के परिवहन यानों को जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50% की छूट
प्रदान की जाएगी, जिनका कि वर्ष 2024 में उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला की कालावधि के दौरान
विक्रय किया जाएगा। यह छूट केवल वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन में स्थाई पंजीयन
कराने पर ही प्रदान की जाएगी।
यह भी गौरतलब है, कि उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसाइयों को क्षेत्रीय
परिवहन कार्यालय, उज्जैन से व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा उज्जैन में मेला प्रांगण में अपनी
भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपरांत ही वाहन विक्रय करने की अनुमति होगी।
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श्रद्धा और विश्वास के बिना भक्ति मार्ग में सफलता नहीं मिलती है – साध्वी विष्णु प्रिया,
नीमच 27 फरवरी (केबीसी न्यूज)। प्रभु की भक्ति और हरी का नाम हमें संसार सागर से पार करा देता है। प्रभु के प्रति सच्चा विश्वास और गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा के बिना जीवन में सफलता नहीं मिलती है। परमात्मा की कृपा और गुरु के ज्ञान बिनाघ् भक्ति मार्ग में सफलता नहीं मिलती है।यह बात संत श्री भक्ति प्रिया इंदौर की शिष्या एवं ईश्वरीय प्रेम आश्रम इंदौर की साध्वी विष्णु प्रिया जी ने कहीं।वे मंगलवार 27फरवरी को भागेश्वर महादेव आश्रम में सुबह 9 बजे आयोजित धार्मिक सत्संग प्रवचन में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि भगवान केवल प्रेम भाव के भूखे होते हैं धन संपत्ति के नहीं। श्री कृष्ण ने दुर्योधन के छप्पन भोग को छोड़कर विधुरानी केघ् केले के छिलके को ग्रहण करना स्वीकार किया था क्योंकि उनका उनके प्रति प्रेम सद्भाव था। इसी प्रकार शबरी के झूठे बेर श्री राम ने स्वीकार किए थे क्योंकि उनका शबरी के प्रति प्रेम सद्भाव था। धर्म सत्संग और कथा में केवल सद्गुण ही ग्रहण करना चाहिए तभी हम संसार रूपी सागर में से हंस की तरह पवित्र पुण्य मोती प्राप्त कर सकते हैं।श्रद्धा और विश्वास के बिना भक्ति के क्षेत्र में सफलता नहीं मिलती है। कथा सत्संग में हमें ज्ञानी बनकर नहीं खाली बनकर जाना होगा तभी हमारे खाली घड़े में ज्ञान का सत्संग भरेगा।आत्मा और गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा हो तो कठिन से कठिन असंभव कार्य भी संभव हो जाता है। संसार के लोगों को शिव परिवार से प्रेरणा लेनी चाहिए कि सभी अलग-अलग विचार के होने के बावजूद भी एक ही साथ शांति और आनंद के साथ परिवार की तरह रहते हैं। जीवन में जब कभी हमारे पास दुख आता है तोऔर कोई सहारा नहीं मिलता तब हम परमात्मा को याद करते हैं जबकि सुखी रहते हुए भी प्रतिदिन परमात्मा की भक्ति करना चाहिए।गुरु और परमात्मा का चिंतन करेंगे तो संसार का चिंतन स्वतः दूर हो जाएगा।हम संसार का तनाव अपने मन में ले लेते हैं इसलिए हम दुखी होते हैं।परमात्मा की भक्ति कर संसार के तनाव को भूल जाना चाहिए। जीवन में आनंद ही आनंद आ सकता है। अंतरात्मा में भक्ति का आनंद होगा तभी हम दूसरों को आनंद की अनुभूति करा सकते हैं। भजन कीर्तन सत्संग पहले स्वयं के आनंद के लिए होना चाहिए जिस प्रकार तुलसी दास जी ने रामायण की रचना स्वयं के सुख के लिए की थी।धर्म के प्रति सच्ची जागृति होगी तभी बच्चों में धार्मिक संस्कारों की जागृति आएगी। बच्चे यदि धर्म संस्कारों के प्रति जागरूक होंगे तोआने वाली पीडी श्रीराम जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम महान आदर्श व महान महापुरुष को याद रखकर अपने जीवन में संस्कारों को आगे बढ़ा सकती है। सनातन संस्कृति और धर्म से जोड़ना है होगा तभी उनके जीवन का कल्याण हो सकता है। साध्वी जी महाराज साहब ने कहा कि कभी पूछा किसी से क्यों जी रहे हैं ?क्यों खा रहे हैं ? हमें मनुष्य जीवन क्यों मिला है? करना क्या है ? तो किसी को पता नहीं करना क्या है, क्या प्राप्त करने आए हैं ऐसे सभी प्रश्नों के उत्तर (साध्वी विष्णु प्रिया जी) के मुखारविंद से श्रद्धालु भक्तों को मार्गदर्शन के रूप में प्रदान किया जा रहे हैं। संत श्री भक्ति प्रिया इंदौर की शिष्या ईश्वरीय प्रेम आश्रम इंदौर की साध्वी विष्णु प्रिया जी के अमृत प्रवचन श्री राम कथा पर आधारित सत्संग गंगा प्रतिदिन भागेश्वर महादेव आश्रम पर 24 फरवरी से 10 मार्च तक सुबह 9 से 10ः30 बजे तक प्रवाहित हो रही हैं। सभी धर्म प्रेमी श्रद्धालु समय पर उपस्थित होकर सत्संग धर्म लाभ का पुण्य ग्रहण करें।
लोकसभा निर्वाचन-2024
सभी अधिकारी सुनिश्चित करें,कि मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो:मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अनुपम राजन
आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में उपजिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के
सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया
नीमच 27 फरवरी 2024,मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अनुपम राजन ने सोमवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन
अकादमी भोपाल में लोकसभा निर्वाचन 2024 की तैयारियों को लेकर उपजिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक रिटर्निंग
अधिकारियों के द्वितीय चरण के सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पांच दिन तक
चलेगा। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकरी श्री राजन ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों को संबोधित
किया।
श्री राजन ने कहा, कि निर्वाचन के कार्य को सभी अधिकारी गंभीरता के लें, इसमें किसी भी प्रकार की
लापरवाही न बरतें। लोकसभा निर्वाचन 2024 के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे जाने वाले सभी दिशा-
निर्देशों का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो और एक परिवार के सभी सदस्यों
का नाम एक ही मतदान केंद्र पर हो सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें।मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करें।
यदि किसी मतदान केंद्र पर 1500 से अधिक मतदाताओं की संख्या है, तो सहायक मतदान केंद्र बनाने का प्रस्ताव
भेजें। उन्होंने सभी अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बैठक व्यवस्था, बिजली, शौचालय, पीने का पीने और रैंप की
व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लंबित आवेदनों का जल्द निराकरण करें:-सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के तहत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा, कि कोई
भी प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए। नाम जोड़ने, हाटने और संशोधन के लिए प्राप्त हुए आवेदनों का जल्द से जल्द
निराकरण करने और मतदाता सूची से दोहरी प्रवृष्टि, समान फोटो वाले मतदाताओं की जांच करने के निर्देश दिए।
मतदाताओं को जागरूक करने के लिए स्वीप गतिविधियों में तेजी लाएं:-श्री राजन ने कहा,कि प्रदेश में ऐसे कई
मतदान केंद्र हैं,जहां पर पिछले लोकसभा निर्वाचन-2019 में मतदान का प्रतिशत कम था। ऐसे क्षेत्रों में मतदान का
प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाताओं को प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक करें।स्वीप गतिविधियों में तेजी लाएं।
इसके साथ ही वल्नरेबिलिटी मैपिंग की कार्यवाही भी पूर्ण करें।
श्री राजन ने कहा,कि कुछ जिलों में जेंडर रेशियो के अनुपात में पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला
मतदाताओं की संख्या कम है, उन जिलों में महिला मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने हेतु अभियान
चलाएं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा, ऊषा सहित शासकीय विभाग में कार्यरत महिला अधिकारियों-कर्मचारियों
की मदद लें। 8 फरवरी को प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया अभी चल रही है, ऐसे में जिन मतदाताओं का नाम छूट गया है,या जिनकी
उम्र एक जनवरी 2024 को 18 वर्ष से अधिक हो गई है,वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। मतदाता
सूची में नाम जुड़वाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन की सुविधा प्रदान की गई
है।
कोई भी नागरिक Voter Helpline App और voters.eci.gov.in इन वेबसाइट पर जाकर अपना नाम जुड़वाने
के लिए आवेदन कर सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री
राकेशसिंह, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री बसंत कुर्रे, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व नेशनल मास्टर ट्रेनर श्री प्रमोद कुमार शुक्ला, एनएलएमटी झारखंड सुश्री गीता चौबे, छत्तीसगढ़ श्री प्रनवसिंह, श्री प्रवास जैन मप्र, हरियाणा श्रीविशाल, उज्जैन श्री गजेंद्र उज्जैनकर उपस्थित रहे।
=================नल लगने से ख़ुश है, रूपपुरा की महिलाएं ,हर-घर नल कनेक्शन होने से ग्रामीणों के चहरे खिले
नीमच 27 फरवरी 2024, अरावली पर्वतमाला की सुरम्यवादियों में मध्यप्रदेश एवं राजस्थान की सीमा पर स्थित
रूपपुरा गाँव जो कभी पीने के पानी के संकट से जूझ रहा था, लोक स्वास्थ्य यान्त्रिकी विभाग ने यहाँ जल जीवन
मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण नल जल योजना के तहत विभिन्न कार्य पूर्ण कर, ग्रामीणों की प्यास बुझाई है। रूपपुरा
के लोग अब प्रतिदिन स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण जल का उपयोग कर रहे है।
रूपपुरा नीमच जिले की जावद तहसील का पंचायत मुख्यालय है। यह नीमच से 24 किलोमीटर और तहसील मुख्यालय जावद से 9 किलोमीटर दूर जावद-मोरवन मार्ग पर मुख्य सड़क से 2 किलोमीटर उत्तरदिशा में अरावली की तलहटी में बसा है। रूपपुरा गाँव कभी बूंद-बूंद पानी को तरसता था मगर आज इस गाँव की महिलाएँ यहॉं नल कनेक्शन हो जाने से ख़ुशी का इज़हार कर रही हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री एस.सी.जलोनिया ने बताया, कि विभाग द्वारा ग्राम रूपपुरा
में उच्च स्तरीय टंकी का निर्माण किया गया, जिसकी क्षमता 1. 25 लाख लीटर है। दो नलकूपों का पानी संग्रहित
करने के लिए 30 हज़ार लीटर क्षमता का सम्पवेल बनाया गया है, जिसका पानी उच्च स्तरीय विद्युत मोटरों से
पानी चढाया जाता हैं। श्री जलोनिया ने बताया कि योजना में 90 मी.मी. व्यास की 3955 मीटर राइजिंग मेन लाइन
बिछाई गई है, वहीं 110 मी.मी. की 1355 मीटर एवं 90 एम.एम. की 6930 मीटर पाइप लाइन डाली गई हैं। गाँव की
नई आबादी सहित विभिन्न मोहल्लों में 727 नल कनेक्शन दिए गए है। जिनके माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छ
पेयजल की आपूर्ति हो रही हैं।
रूपपुरा गाँव की नई आबादी निवासी शान्ति बाई भील ने बताया कि पिछले सात-आठ महीने से हमारे घरों
में नलों के माध्यम से प्रेशर के साथ पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पानी आ रहा है। एक समय था जब हम दूर-दूर से पीने
का पानी लाते थे । पानी के लिए अब हमें कहीं भटकना नहीं पड़ता, बल्कि नल की टोटी खोलते ही पानी मिल रहा
है।
इसी तरह गाँव की ही कैलाशी बाई भी अपने घर-आँगन में नल कनेक्शन लग जाने से बहुत खुश हैं। वह
कहती हैं कि हमें रोज लगभग एक घंटा नल से पानी मिल रहा है जो हमारे प्रयाप्त है। उन्होंने बताया,कि हमारे
घरों में नल कनेक्शन निःशुल्क हुए हैं। पानी के लिए ख़ूब मुशिबतें झेली, अब जाकर हमारे अच्छे दिन आये है। अब
हमें घर बैठे पानी मिल रहा है। गाँव का ही हरिराम पिता भोला भील कहता है कि साब, हमारे घर ऊँची पहाड़ी पर
स्थित है फिर भी हमें यहाँ बहुत तेज प्रेशर के साथ नलों के माध्यम से पानी मिल रहा है। कभी कभार बरसात में
हवा-आँधी के कारण बिजली बंद हो जाने पर जरूर थोड़ी बहुत दिक्कत आती है लेकिन टंकी भरते ही पानी सप्लाय
हो जाता हैं।
गीता भील ने भी अपने घर नल कनेक्शन लग जाने पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि भला हो सरकार
का जिसने हमारी सुध ली और हमारे घर में नल लगवा दिये।
कैलाश बाई ने बताया कि हमारे यहां पानी की बहुत परेशानी थी। दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था। कभी
हैंडपंप तो कभी कुओं पर भटकना पड़ता था। अब घरों में नल लग जाने के बाद हमें शुद्ध पेयजल मिल रहा है।
ऐसी ही खुशी आशा पति गोविन्द भील, शारदा पति कन्हैया लाल भील ने भी जाहिर की है। ये सभी अपने घर में
नल कनेक्शन लग जाने से खुश है।
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अपर कलेक्टर सुश्री नेहा मीना एवं जिला पंचायत सीईओ गुरूप्रसाद ने की जनसुनवाई
जनसुनवाई में 72 लोगों की सुनी समस्याएं- निराकरण के दिए निर्देश
नीमच 27 फरवरी 2024, सभी जिला अधिकारी जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का
तत्परतापूर्वक निराकरण करें। यह निर्देश अपर कलेक्टर सुश्री नेहा मीना एवं जिला पंचायत
सीईओ श्री गुरूप्रसाद ने मंगलवार को जनसुनवाई करते हुए संबंधित जिला अधिकारियों को दिए।
जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर श्री राजेश शाह,सुश्री प्रिती संघवी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री
किरण आजनां सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
जनसुनवाई में 72 लोगों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। अठाना
की कलाबाई ने कृषि भूमि से कब्जा हटवाने, धामनिया के कालबेलिया योगी नाथ समाज जनों
ने मुक्त्तिधाम शमशान के लिए जमीन दिलाने, रामपुरा के सुनील ने निजी स्वामित्व के
प्लाट व रास्ते का सीमांकन करवाने, मांगरोल के बापूसिह सौंधिया ने प्रधानमंत्री आवास के
लिए अनुदान दिलाने, पिपलियाव्यास के मदनलाल बंजारा ने खेत पर आने जाने का रास्ता
खुलवाने, कुम्हारा गली नीमच केंट के इकराम ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालें के
विरूद्ध कार्यवाही करने, रामपुरा नगर की सपना ने वर्षो पुरानी कब्जे की जमीन पर बनी
दिवार गिराने एवं तोडफोड करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करने, डूंगलावदा की संगीता दमामी
ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया।
जनसुनवाई में जाजूंगज नीमच के सलीम खान हैदर, भोई मोहल्ला रामपुरा की
ज्योति, नीमच सिटी के शौकीनलाल, धनेरिया कलां के कैलाशचंद्र लोधा, खेडी मोहल्ला नीमच
सिटी के राजेश जैन, रतनगढ की रेखा राठौर, चुकनी के अर्जुन शर्मा, बघाना के वसीम खान,
धनेरियाकलां की श्यामाबाई मीणा, सरवानिया महाराज के शिवनाथ, रामकन्याबाई, कुण्डला के
मदन, सुवाखेडा की दाखीबाई, भाटखेडी के यशवन्त सिह, पिपल्याहाडी के मनोहरलाल, मनासा
के रामलाल आदि ने भी जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर अपनी समस्याएं सुनाई। एडीएम
ने जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों, समस्याओं का तत्परतापूवर्क निराकरण कर संबंधित को
अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
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राजस्व महाअभियान के तहत दर्ज राजस्व प्रकरणों का दो दिन में शतप्रतिशत निराकरण करें- सुश्री नेहा मीना
एडीएम ने दिए जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश
नीमच 27 फरवरी 2024,जिले के सभी राजस्व अधिकारी राजस्व महाअभियान के दहत दर्ज
सभी राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण दो दिवस में सुनिश्चित करें। सीमांकन एवं
नक्शा तरमीम के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। सुश्री नेहा मीना ने मंगलवार को
कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में आयोजित अधिकारियों की बैठक में जिले के सभी राजस्व
अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचातय सीईओ श्री गुरूप्रसाद,संयुक्त कलेक्टर श्री राजेश
शाह, सुश्री प्रीती संघवी, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं जिला
अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में एडीएम सुश्री नेहा मीना ने निर्देश दिए, कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
योजना के तहत 16 की किश्त का अंतरण कार्यक्रम 28 फरवरी 2024 को आयोजित किया जा
रहा है। इस कार्यक्रम का जिला, ब्लॉक स्तर पर सीधा प्रसारण किया जावेगा। इस कार्यक्रम में
अधिकाधिक किसानों, हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। स्थानीय जन-प्रतिनिधियों
से चर्चा कर, कार्यक्रम का स्थल नियत करलें एवं सभी आवश्यक प्रबंध तत्परतापूर्वक करें।
कार्यक्रम का ग्रामीण अमले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना भी सुनिश्चित करें।
जिला पंचायत सीईओ श्री गुरूप्रसाद ने बैठक में बताया,कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
जी द्वारा 29 फरवरी 2024 को विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश के तहत विकास एंव
निर्माण कार्यो का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया जावेगा। इस कार्यक्रम का जिला ब्लॉक स्तर
पर भूमिपूजन लोकार्पण स्थल पर सीधा प्रसारण किया जावेगा। जिला पंचायत सीईओ ने कहा,
कि जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला पंचायत परिसर नीमच में आयोजित किया जावेगा। जिले में
29 फरवरी 2024 का कार्यो का भूमिपूजन किया जावेगा। सभी संबधित अधिकारी इस कार्यक्रम
के लिए कन्ट्रोल रूम स्थापित कर, कार्यक्रम के फोटोग्राफ्स व उपस्थित संख्यात्मक
जानकारी संकलन कर, अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवायें। कार्यक्रम आयोजन के लिए संबंधित
एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने 29 फरवरी 2024 के
कार्यक्रम के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सौपे गये दायित्वों के बारे में भी
अवगत कराया।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 16वीं किश्त वितरण आज
पीएम किसान उत्सव दिवस आज
नीमच 27 फरवरी 2024, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत वर्ष में कुल राशि
रुपये 6000/- तीन समान किश्तों में प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
योजना की 16वीं किश्त वितरण का कार्यक्रम प्रधानमंत्री जी द्वारा आज 28 फरवरी 2024 को
यवतमाल, महाराष्ट्र राज्य से किया जा रहा है। 16वीं किश्त वितरण दिवस को "पीएम किसान
उत्सव दिवस" के रूप में मनाया जावेगा। एडीएम सुश्री नेहा मीना ने बताया,कि "पीएम किसान
उत्सव दिवस के आयोजन में सांसद, विधायकगण व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित
किया जावेगा। ब्लॉक स्तर पर प्रोजेक्टर, बडी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम का प्रसारण किया
जाएगा।
जिले की ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम के प्रसारण की व्यवस्था कर कार्यक्रम का प्रसारण
किया जाएगा। योजनांतर्गत पटवारियों को नियत ग्राम हेतु ग्राम नोडल अधिकारी नामांकित किया
गया है। अतः सभी कार्यक्रम में सम्मिलित होगे। ग्राम नोडल अधिकारी संबंधित कृषकों को भी
कार्यक्रम में वर्चुअली सम्मिलित होने हेतु प्रेरित करेंगे एवं हितग्राहियों को किश्त प्राप्त करने
हेतु ई-केवायसी, आधार एंव बैंक खाता लिंकिंग एवं पीएम किसान पोर्टल पर स्टेटस अवलोकन
करने संबंधी जानकारी प्रदान करेंगे। https://pmevents.ncog.gov.in/ लिंक के माध्यम से अधिक
से अधिक हितग्राहियों का पंजीयन कराकर, हितग्राहियों की कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित
की जायेगी। कार्यक्रम से जुडने हेतु वीडियों कांफ्रेंसिंग लिंक https://pmindiawebcast.nic.in का
उपयोग किया जा सकता है।
उक्त कार्यक्रम अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संबंधित अनुविभागीय
अधिकारी (राजस्व) एवं सहायक नोडल अधिकारी संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद
पंचायत होंगे। संबंधित नोडल अधिकारी माननीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से ब्लॉक स्तरीय
कार्यक्रम स्थल का निर्धारण करेगें।