मंदसौरमंदसौर जिला

श्री प्रेमप्रकाश आश्रम में बाबा पशुपतिनाथ का किया गया अभिषेक

पवित्र पुरुषोत्तम श्रावण मास के द्वितीय सोमवार को


मन्दसौर। पवित्र पावन पुरुषोत्तम सावन मास के द्वितीय सोमवार श्रावण बदी पावन पवित्र सोमवती, हरियाली अमावस्या को प्रातः 6 बजे अमृत वेला में सिन्धी हिन्दू समाज की प्रमुख धर्मपीठ की मंदसौर शाखा श्री प्रेमप्रकाश आश्रम में अष्टमुखी भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की अष्टधातु प्रतिमा का विधी विधान एवं धार्मिक भावनाओं से मालवांचल के विद्वान पण्डित श्री उमेश जोशी (शास्त्री) ने पूजा अर्चना कर आज के अभिषेक सम्पन्न किया। आज के लाभार्थी जजमान परिवार श्रीमती कविता राजकुमार पमनानी एवं परिवार से रूद्र अभिषेक पूर्ण करवाया।
इस आशय की जानकारी सेवा मण्डली के अध्यक्ष पुरूषोत्तम शिवानी ने देते हुए बताया कि सावन सोमवार साथ साथ हरियाली अमावस्या के कारण श्रृद्धालु शिव भक्तो ने उत्साह के साथ ऊँ नमः शिवाय के सकीर्तन के उद्घोष के साथ पंचामृत, महारूद्राभिषेक सम्पन्न किया।
अभिषेक के उपरांत भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की प्रतिमा का अति सुन्दर एवं मनमोहक श्रृंगार के साथ मनोरथ किया गया तथा भगवान श्री की आरती की गई ।
इस अवसर पर श्रीमती कविता राजकुमार पमनानी परिवार, श्रीमती देवी मोहनदास फतनानी, श्रीमती रेखा हरिश उत्तवानी, श्रीमती कुंती पमनानी, श्रीमती दिव्या शिवानी,श्रीमती हीना बालानी, ममता संगतानी, माया बिजानी, कुन्ती पमनानी,मोहन नंदवानी सहित सैकड़ों स्त्री-पुरूष शिव भक्तों ने भगवान शिवशंकर को अत्यन्त ही प्रिय बिल पत्र व आकड़े के फूलों के साथ जल एवं दूध अर्पित कर मंगल कामनाएं की। संगत ने ‘‘ऊँ नमः शिवाय’’ के स-किर्तन से टेऊँरामजी महाराज की दरबार साहिब का वातावरण को सकारात्मक व भक्ति भाव से डूबा दिया।
अन्त में भगवान श्री भोलेनाथ, श्री लक्ष्मीनारायण, आचार्य सतगुरू स्वामी टेऊँरामजी महाराज, सर्वानन्दजी महाराज, शांतिप्रकाशजी महाराज एवं हरिदासरामजी महाराज की आरती कर व अंचल में पर्याप्त वर्षा, सुख, समृद्धि एवं शान्ति का पल्लव अरदास कर प्रसाद वितरण किया गया। इस पावन अवसर पर अमृत वेला में पधारने वाले श्रद्धालु शिव भक्तों का आभार प्रदर्शन श्रीमती कविता राजकुमार पमनानी ने प्रकट किया।
शिवानी ने बताया कि पुरुषोत्तम सावन मास के आठो सोमवार को प्रातः अमृत मेला में भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव का अभिषेक किया जायेगा सनातन धर्मी एवं सिन्धु जन पधार कर कृपया धर्म प्रांत कर सकते है।

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