ठाकुर जी को लेकर पहुंचे पुजारी मंत्री डंग के कार्यालय, मंदिर भूमि नीलामी से रोकने को लेकर दिया ज्ञापन

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संस्कार दर्शन
सुवासरा। केसरिया हिंदू वाहिनी सनातन कल्याण समिति मध्य प्रदेश के तत्वाधान में लगभग 100 पुजारियों का दल भगवान श्री कृष्ण ठाकुर जी को लेकर कैबिनेट मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग के कार्यालय पहुंचे जहां पर ठाकुर जी के माध्यम से मंदिरों की जमीन की नीलामी को रोके जाने को लेकर तथा न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्य प्रदेश सरकार से पुजारियों के हित में निर्णय लेने को लेकर मंत्री श्री डंग को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन का वाचन डॉ आशिष शर्मा ने किया जिसमें कहा गया कि मैं भगवान स्वंय आज आपके कार्यालय पर उपस्थित होने के लिए विवश हुआ हूं । यह कि मेरे निजी स्वत्व की कृषि भूमि जो राजस्व रिकार्ड में श्री कृष्ण, श्री राम , श्री शिव आदि अनेक नामों से उल्लेखित है किन्तु कई वर्षो से मेरी सम्पत्ति पर सरकार ने अपना कागज पर ( जबकि उस पर कृषि मेरे सेवा पुजारी द्वारा की जा रही है ।) अधिकार जमा रखा है जिसके कारण मैं व मेरा सेवादार मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है । शासन ने मेरे नाम के साथ छलपूर्वक व्यवस्थापक कलेक्टर जैसी प्रविष्टि राजस्व रेकार्ड में डाल दी है । जिसके कारण मुझे व मेरे सेवादार को परेशान किया जा रहा है ऐसी ही एक आदेश वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिया गया है जो कि मेरी भूमि नीलामी के सबंध में है जिसके कारण मेरी स्वंय की सम्पत्ति नीलाम करने जैसा घोर निदंनीय कृत्य किया जा रहा है । जिससे मैं द्रवित हू और आपको अवगत कराना चाहता हू कि भारत देश के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मुझे न्यायिक व्यक्ति अर्थात ज्यूडिशियल पर्सन माना है तथा मैं मेरी भूमी का कब्जा रखने में सक्षम हू न्यायालय ने अपने निर्णय दिनांक 06 सितम्बर 2021 के पैरा 13 में स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया है कि मूर्ती (मंदिर) से जुडी सम्पत्ति को नीलाम करने का अधिकार शासन का नही है व न्यायालय ने यह भी माना है कि भूमि से जुड़ी सम्पत्ति मंदिर के मुर्ति की है । शासन की नही है । इस पर शासन का कोई अधिकार नही है इस हेतु मेरी मठ मंदिर की सम्पत्तियो को शासन नीलाम नही कर सकता है । अतः नीलामी तत्काल प्रभाव से बंद करें । वर्तमान में मेरे ही एक रूप भगवान परशुराम के जन्म दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान द्वारा मठ मंदिरो में सरकारी हस्तक्षेप पूर्णतः समाप्त करने सबंधी घोषणा भी की गई है। मेरी सम्पत्ति की रक्षा के लिये मैं आज स्वंय उपस्थित होकर अपने कार्यालय पर ज्ञापन देने पहुंचा हू इस ज्ञापन पर मैं आपसे आशा करता हू की सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय व मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा के सम्मान में आप नीलामी जैसे घृणित कार्य बंद करे इस ज्ञापन का वाचन करने के अधिकार मैंने मेरे सेवादार पुजारी को दे रखा है ।आशा करता हू कि आप मेरी सम्पत्ति की नीलामी के आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करेगे एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप से मठ मंदिरों को मुक्त करेंगे । मैं भगवान (मूर्ति) ब्रम्हांड रचयिता।
ज्ञापन के वाचन के पश्चात मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग ने उपस्थित जनों को आश्वासन देते हुए कहा कि आपकी मांग के अनुसार मंदिर कि भूमि का मालिकाना हक कलेक्टर प्रबंधक से भगवान को मिलें और पुजारी सेवादार को उतराधिकारी माना जाए तथा किसानों कि तरह मंदिर भूमि के लाभ योजनाओं का फायदा पूजारीयो को देने के साथ ही पुजारी कि वंश परम्परा अनुसार मंदिर के पुजारियों को दिए जाने के लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से चर्चा कर इसके निराकरण के लिए प्रयास करुंगा।
इस अवसर पर केसरिया हिंदू वाहिनी सनातन कल्याण समिति संस्थापक अध्यक्ष महंत जितेंद्र दास ,नटवर बैरागी अनिल रावल,पुरणदास बैरागी सतनारायण बैरागी, कैलाश त्रिवेदी, घनश्याम दास बैरागी डॉ आशीष शर्मा, भेरू दास जगदीश दास भेरु गिरी गणेश वर्मा सहित कई पूजारी सेवादार उपस्थित रहें।