क्यो कर रहे मंत्रीजी टकरावद की उपेक्षा या कोन नही कराने दे रहा उन्हे टकरावद मे विकास कार्य

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न मंत्री जी देते ना सांसद जी देते राशि तो केसे होगा विकास
पंकज जैन
टकरावद।कहावत हे बिन मांगे मोती मिले मांगे न मिले भिख यह कहावत चरितार्थ हो रही है। टकरावद मे विकास कार्यो मे टकरावद की ज्वलंत समस्या स्कूल भवन है जहां 425 छात्रो के बेठने के लिए 3 कमरे बेठ्ने के सिर्फ तीन कमरे हे गिरते पानी मे छात्रो ने मंत्री जी को अवगत कराया फ़ीर भी उनका दिल नही पसीजा तो गोशाला मे पाईप केबल व मोटर के लिए 6 महिने से हा ही कर रहे हे टकरावद से खेडा मार्ग ज्यादा चलता हे तो उसका डामरीकरण नही करवा कर वो सडके स्वीक्रत करवा रहे जहा आवागमन बहुत कम होता हे छोटे छोटे गाव मे सडक बन रही हे लेकिन ये सड़क मंजूर नही की पहले भी ढाबला- बूढ़ा-झारडा सडक बनवा दी लेकिन जो बिल्लोद-टकरावद-बूढ़ा नही बनवाई तो वही टकरावद से जोधा पिपलिया मार्ग की डेढ साल पहले कहा आजतक नही बनी क्या कोई मंत्रीजी को गूमराह तो नही कर रहे की यहा वीकास नही करवाना या और कोई कारण हे जो मंत्री जी यहा विकास नही कराना चाह रहे हे या विकास कार्यो मे प्राथमिकता तय नही होती हे या वही सडके पहले बनेगी जहा यातायात का दबाव नही होती।