समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 04 सितंबर 2026 शुक्रवार

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम में 03 रेडियोग्राफिक टेक्नीशियन/रेडियोग्राफर के पदों पर आउटसोर्स से भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित
सी.टी. स्कैन सेवा के सुचारू संचालन के लिए स्वशासी निधि से होगी नियुक्ति
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026,
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम से संबद्ध चिकित्सालय में सी.टी. स्कैन मशीन स्थापित हो चुकी है तथा इसका संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। सी.टी. स्कैन सेवा के सुचारू एवं निर्बाध संचालन के लिए रेडियोग्राफिक टेक्नीशियन/रेडियोग्राफर (सी.टी. स्कैन हेतु) के 03 मानव संसाधन को आउटसोर्स के माध्यम से रखे जाने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
विभागाध्यक्ष, रेडियोडायग्नोसिस विभाग द्वारा सी.टी. स्कैन मशीन के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की मांग की गई है। नियमित पदों पर भर्ती/नियुक्ति होने तक सी.टी. स्कैन सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से 03 रेडियोग्राफिक टेक्नीशियन/रेडियोग्राफर को कुशल श्रेणी में महाविद्यालय की स्वशासी निधि से आउटसोर्स के माध्यम से रखा जाएगा।
न्यूनतम पात्रता एवं आवश्यक शर्तें
1. शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य:
अभ्यर्थी द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था/विश्वविद्यालय/प्राधिकारी से रेडियोग्राफी, रेडियोग्राफिक टेक्नीशियन अथवा रेडियोग्राफर संबंधी डिप्लोमा, डिग्री अथवा मान्य प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम (Certificate Course) उत्तीर्ण किया होना अनिवार्य है।
2. मध्यप्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीयन अनिवार्य: अभ्यर्थी का मध्यप्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल में वैध एवं जीवित पंजीयन होना अनिवार्य होगा।
3. सी.टी. स्कैन का अनुभव वांछनीय:
अभ्यर्थी को सी.टी. स्कैन मशीन पर कार्य करने का अनुभव होना वांछनीय है। सी.टी. स्कैन संचालन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उक्त कर्मचारियों के लिए प्रचलित दर के अनुसार 28,591 रुपये प्रति कर्मचारी प्रतिमाह व्यय होना प्रस्तावित है। इस व्यय का भुगतान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम की स्वशासी निधि से किया जाएगा।
विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम में संपर्क कर सकते हैं।
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पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय कालूखेडा में कक्षा 9वीं एवं 11वीं में लेटरल प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर, प्रवेश परीक्षा 10 अप्रैल 2027 को होगी
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026,
प्राचार्य पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय कालूखेडा ने बताया कि विद्यालय में शैक्षणिक वर्ष 2027-28 में कक्षा 09वी एवं 11 वी में लेटरल प्रवेश परीक्षा हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 एवं परीक्षा की तिथि 10 अप्रैल 2027 निर्धारित की गई है।
अभ्यर्थियों एवं अभिभावकों से अपील की जाती है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व ऑनलाईन के माध्यम से आवेदन पूर्ण करें। ऑनलाईन आवेदन करने व अधिक जानकारी के लिए विद्यालय की वेबसाईट कक्षा 09वी के लिए https://cbseitms.nic.in/2026/nvsix एवं कक्षा 11 वी के लिए https://cbseitms.nic.in/2026/nvsxi पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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पुराने राजस्व अभिलेखों को नवीन जिला अभिलेखागार में सुव्यवस्थित रूप से संकलित एवं स्थानांतरित किया जाएगा : कलेक्टर श्री कटेसरिया
अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, व्यवस्थित संधारण एवं त्वरित उपलब्धता हेतु आदेश जारी
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026,
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने जिले के विभिन्न कार्यालयों/भवनों, विशेषकर पुराना कलेक्ट्रेट, पुराना तहसील कार्यालय रतलाम एवं नजूल कार्यालय आदि में जिला स्तरीय महत्वपूर्ण एवं मूल राजस्व अभिलेख वर्तमान में विभिन्न स्थानों पर रखे, अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, सुव्यवस्थित संधारण, आवश्यकता के समय त्वरित उपलब्धता तथा महत्वपूर्ण मूल अभिलेखों के बिखरे हुए भंडारण को समाप्त करने के उद्देश्य से उक्त अभिलेखों को कलेक्ट्रेट भवन की प्रथम मंजिल पर चिह्नित नवीन निर्धारित जिला अभिलेखागार में एक स्थान पर संकलित करने का आदेश जारी किया है।
प्रथम चरण में जिला स्तरीय एवं मूल राजस्व अभिलेखों की निम्न श्रेणियों को चिन्हित कर जिला अभिलेखागार में स्थानांतरित किया जाएगा, जिनमें मिसल बंदोबस्त, अधिकार अभिलेख, नामांतरण पंजियां, मूल राजस्व नक्शे एवं मूल नजूल अभिलेख शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त स्थानांतरण की कार्यवाही के दौरान यदि कोई अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण, स्थायी प्रकृति का अथवा ऐतिहासिक राजस्व अभिलेख प्राप्त होता है, तो प्रभारी अधिकारी के अनुमोदन से उसे भी जिला अभिलेखागार में संधारित किया जा सकेगा।
इस संपूर्ण कार्य के लिए अपर कलेक्टर जिला रतलाम सुश्री वैशाली जैन को सम्पूर्ण जिला हेतु, जिला अभिलेखागार व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया है। प्रभारी अधिकारी द्वारा समस्त संबंधित शाखाओं, तहसील कार्यालय, नजूल शाखा एवं भू-अभिलेख शाखा के मध्य समन्वय स्थापित कर अभिलेखों की पहचान, सूचीकरण, सत्यापन, स्थानांतरण एवं नवीन रिकॉर्ड रूम में व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रभारी अधिकारी को उक्त कार्य के सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने, कार्य-विभाजन करने, पृथक-पृथक दल गठित करने तथा आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार होगा। प्रभारी अधिकारी संबंधित शाखाओं/कार्यालयों से आवश्यक अभिलेख, सूची, मानव संसाधन, वाहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित कर सकेंगी। उनके द्वारा जारी ड्यूटी आदेश एवं कार्य संबंधी निर्देश संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों पर बाध्यकारी होंगे।
अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, प्रभारी अधिकारी नजूल तथा संबंधित शाखा प्रभारी अपने-अपने नियंत्रण में उपलब्ध उपर्युक्त अभिलेखों की पूर्ण सूची तैयार कर प्रभारी अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे तथा स्थानांतरण की निर्धारित कार्यवाही में आवश्यक कर्मचारी एवं संसाधन उपलब्ध कराएंगे।
अभिलेखों को स्थानांतरित करने से पूर्व संबंधित कार्यालय द्वारा प्रत्येक अभिलेख का नाम अथवा प्रकार, वर्ष अथवा अवधि, तहसील/ग्राम/हल्का, जहां लागू हो, बस्ता/बंडल/रजिस्टर संख्या, कुल पृष्ठ अथवा नक्शों की संख्या, जहां संभव हो, तथा अभिलेख की भौतिक स्थिति का विवरण तैयार किया जाएगा। प्रत्येक बस्ता/बंडल/रजिस्टर को क्रमांकित कर उसकी हस्तांतरण सूची तैयार की जाएगी। अभिलेख देने वाले तथा प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारी दोनों द्वारा सूची पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। पुराने, क्षतिग्रस्त अथवा जीर्ण-शीर्ण नक्शों एवं अभिलेखों को पृथक चिन्हित कर उनके सुरक्षित संरक्षण हेतु आवश्यक उपाय प्रभारी अधिकारी द्वारा सुनिश्चित किए जाएंगे।
नवीन जिला अभिलेखागार में अभिलेखों को अभिलेख के प्रकार, तहसील, वर्ष एवं ग्रामवार, जहां लागू हो, वैज्ञानिक एवं क्रमबद्ध पद्धति से रखा जाएगा। प्रत्येक रैक/अलमारी को स्पष्ट क्रमांक एवं विवरण दिया जाएगा तथा उसका Master Index तैयार किया जाएगा, जिससे किसी अभिलेख की स्थिति तत्काल ज्ञात हो सके।
जिला अभिलेखागार में स्थानांतरण के पश्चात किसी भी मूल अभिलेख को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति एवं Movement Register में प्रविष्टि के बाहर नहीं निकाला जाएगा। अभिलेख प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारी का नाम, प्रयोजन, निर्गमन दिनांक तथा वापसी दिनांक अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा।
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पुराने राजस्व अभिलेखों को नवीन जिला अभिलेखागार में सुव्यवस्थित रूप से संकलित एवं स्थानांतरित किया जाएगा : कलेक्टर श्री कटेसरिया
अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, व्यवस्थित संधारण एवं त्वरित उपलब्धता हेतु आदेश जारी
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026,
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने जिले के विभिन्न कार्यालयों/भवनों, विशेषकर पुराना कलेक्ट्रेट, पुराना तहसील कार्यालय रतलाम एवं नजूल कार्यालय आदि में जिला स्तरीय महत्वपूर्ण एवं मूल राजस्व अभिलेख वर्तमान में विभिन्न स्थानों पर रखे, अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, सुव्यवस्थित संधारण, आवश्यकता के समय त्वरित उपलब्धता तथा महत्वपूर्ण मूल अभिलेखों के बिखरे हुए भंडारण को समाप्त करने के उद्देश्य से उक्त अभिलेखों को कलेक्ट्रेट भवन की प्रथम मंजिल पर चिह्नित नवीन निर्धारित जिला अभिलेखागार में एक स्थान पर संकलित करने का आदेश जारी किया है।
प्रथम चरण में जिला स्तरीय एवं मूल राजस्व अभिलेखों की निम्न श्रेणियों को चिन्हित कर जिला अभिलेखागार में स्थानांतरित किया जाएगा, जिनमें मिसल बंदोबस्त, अधिकार अभिलेख, नामांतरण पंजियां, मूल राजस्व नक्शे एवं मूल नजूल अभिलेख शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त स्थानांतरण की कार्यवाही के दौरान यदि कोई अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण, स्थायी प्रकृति का अथवा ऐतिहासिक राजस्व अभिलेख प्राप्त होता है, तो प्रभारी अधिकारी के अनुमोदन से उसे भी जिला अभिलेखागार में संधारित किया जा सकेगा।
इस संपूर्ण कार्य के लिए अपर कलेक्टर जिला रतलाम सुश्री वैशाली जैन को सम्पूर्ण जिला हेतु, जिला अभिलेखागार व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया है। प्रभारी अधिकारी द्वारा समस्त संबंधित शाखाओं, तहसील कार्यालय, नजूल शाखा एवं भू-अभिलेख शाखा के मध्य समन्वय स्थापित कर अभिलेखों की पहचान, सूचीकरण, सत्यापन, स्थानांतरण एवं नवीन रिकॉर्ड रूम में व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रभारी अधिकारी को उक्त कार्य के सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने, कार्य-विभाजन करने, पृथक-पृथक दल गठित करने तथा आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार होगा। प्रभारी अधिकारी संबंधित शाखाओं/कार्यालयों से आवश्यक अभिलेख, सूची, मानव संसाधन, वाहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित कर सकेंगी। उनके द्वारा जारी ड्यूटी आदेश एवं कार्य संबंधी निर्देश संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों पर बाध्यकारी होंगे।
अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, प्रभारी अधिकारी नजूल तथा संबंधित शाखा प्रभारी अपने-अपने नियंत्रण में उपलब्ध उपर्युक्त अभिलेखों की पूर्ण सूची तैयार कर प्रभारी अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे तथा स्थानांतरण की निर्धारित कार्यवाही में आवश्यक कर्मचारी एवं संसाधन उपलब्ध कराएंगे।
अभिलेखों को स्थानांतरित करने से पूर्व संबंधित कार्यालय द्वारा प्रत्येक अभिलेख का नाम अथवा प्रकार, वर्ष अथवा अवधि, तहसील/ग्राम/हल्का, जहां लागू हो, बस्ता/बंडल/रजिस्टर संख्या, कुल पृष्ठ अथवा नक्शों की संख्या, जहां संभव हो, तथा अभिलेख की भौतिक स्थिति का विवरण तैयार किया जाएगा। प्रत्येक बस्ता/बंडल/रजिस्टर को क्रमांकित कर उसकी हस्तांतरण सूची तैयार की जाएगी। अभिलेख देने वाले तथा प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारी दोनों द्वारा सूची पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। पुराने, क्षतिग्रस्त अथवा जीर्ण-शीर्ण नक्शों एवं अभिलेखों को पृथक चिन्हित कर उनके सुरक्षित संरक्षण हेतु आवश्यक उपाय प्रभारी अधिकारी द्वारा सुनिश्चित किए जाएंगे।
नवीन जिला अभिलेखागार में अभिलेखों को अभिलेख के प्रकार, तहसील, वर्ष एवं ग्रामवार, जहां लागू हो, वैज्ञानिक एवं क्रमबद्ध पद्धति से रखा जाएगा। प्रत्येक रैक/अलमारी को स्पष्ट क्रमांक एवं विवरण दिया जाएगा तथा उसका Master Index तैयार किया जाएगा, जिससे किसी अभिलेख की स्थिति तत्काल ज्ञात हो सके।
जिला अभिलेखागार में स्थानांतरण के पश्चात किसी भी मूल अभिलेख को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति एवं Movement Register में प्रविष्टि के बाहर नहीं निकाला जाएगा। अभिलेख प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारी का नाम, प्रयोजन, निर्गमन दिनांक तथा वापसी दिनांक अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा।
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ई-ऑफिस एवं ई-मेल के माध्यम से ही किये जाएंगे सभी प्रकरण प्रेषित: कलेक्टर श्री कटेसरिया
कलेक्टर कार्यालय में भौतिक डाक एवं फाइल प्रेषण तत्काल प्रभाव से बंद
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026,
जिला प्रशासन में शासकीय कार्यों के त्वरित, पारदर्शी एवं पेपरलेस निष्पादन तथा ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया द्वारा जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदारों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्देशानुसार कलेक्टर कार्यालय को किसी भी प्रकार की भौतिक डाक अथवा भौतिक फाइल प्रेषित नहीं की जाएगी तथा अधीनस्थ कार्यालयों से कलेक्टर कार्यालय तक शासकीय डाक एवं फाइलों का भौतिक आवागमन तत्काल प्रभाव से बंद किया गया है।
ऐसे सभी प्रकरण जिनमें आदेश अनुमोदन स्वीकृति निर्णय अथवा अन्य किसी प्रकार की कार्यवाही अपेक्षित है अनिवार्य रूप से e-Office की e-File प्रणाली के माध्यम से ही प्रेषित किए जाएगें।
ऐसे प्रकरण जिनमें कलेक्टर कार्यालय अथवा अन्य जिला स्तरीय कार्यालय द्वारा केवल जानकारी प्रतिवेदन तथ्यात्मक विवरण अथवा अभिमत चाहा गया है उनका उत्तर संबंधित शाखा/अधिकारी की अधिकृत ई-मेल आईडी पर प्रेषित किया जाएगा। इस हेतु पृथक से भौतिक पत्र अथवा नस्ती भेजने की आवश्यकता नहीं होगी।
किसी भी स्तर पर केवल पत्र अग्रेषित करने जानकारी उपलब्ध कराने अथवा सामान्य पत्राचार के उद्देश्य से भौतिक डाक का मूवमेंट नहीं किया जाएगा। अत्यंत अपरिहार्य वैधानिक परिस्थिति को छोड़कर समस्त डिजिटल माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
सीएम हेल्पलाइन के विशेष बंद (Special Closure) संबंधी प्रकरणों में प्रत्येक शिकायत के लिए पृथक रूप से एकल TOC file तैयार की जाएगी। संबंधित शिकायत से जुड़ी आवश्यक आदेश-पत्रिका प्रतिवेदन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों को उसी TOC में क्रमबद्ध रूप से संलग्न कर e-File पर सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त की जाएगी। प्रत्येक शिकायत के लिए अलग-अलग e-File बनाने की आवश्यकता नहीं होगी किंतु प्रत्येक शिकायत की TOC पृथक एवं स्पष्ट रूप से पहचान योग्य होना आवश्यक होगा। केवल सीएम हेल्पलाइन के लिये 30 सितम्बर 2026 तक एक माह की संक्रमणकालीन छूट प्रदान की गई है।
समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ शाखाओं एवं कर्मचारियों को भी इन निर्देशों से अवगत कराएं तथा कलेक्टर कार्यालय हेतु कोई भौतिक डाक/फाइल डिस्पैच न की जाए। निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन के लिए रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026,
त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन वर्ष-2026 (पूर्वार्द्ध) हेतु सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल के परिपत्र द्वारा जारी पंचायत उप निर्वाचन कार्यक्रम के अनुपालन में मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 42 सहपठित मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 20 तथा 21(1) के तहत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) जिला रतलाम श्री अजय कटेसरिया द्वारा रिटर्निंगएवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
जारी आदेश के अनुसार जनपद पंचायत रतलाम की ग्राम पंचायत ईटावामाताजी के सरपंच पद हेतु तहसीलदार रतलाम ग्रामीण श्रीमती प्रतिभा भाबर, जनपद पंचायत सैलाना की ग्राम पंचायत सेमलखेड़ा के वार्ड क्रमांक 02 एवं ग्राम पंचायत सुण्डी के वार्ड क्रमांक 14 के पंच पद हेतु तथा ग्राम पंचायत भामट के वार्ड क्रमांक 14 के पंच पद हेतु प्रभारी तहसीलदार सैलाना श्री मनीष जैन, जनपद पंचायत पिपलौदा की ग्राम पंचायत जेठाना (झाझाखेडी) के वार्ड क्रमांक 13 के पंच पद, ग्राम पंचायत निपानिया के वार्ड क्रमांक 6 के पंच पद, ग्राम पंचायत सुखेड़ा के वार्ड क्रमांक 16 के पंच पद तथा ग्राम पंचायत सुखेड़ा के वार्ड क्रमांक 3 के पंच पद हेतु नायब तहसीलदार पिपलौदा श्रीमती पिंकी साठे, जनपद पंचायत जावरा की ग्राम पंचायत हनुमंत्या के वार्ड क्रमांक 19 के पंच पद तथा ग्राम पंचायत गुजरबर्डिया के वार्ड क्रमांक 16 के पंच पद हेतु तहसीलदार जावरा श्री पंकज पवैया को रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्त किया गया है। प्रत्येक सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (पंचायत) के नियंत्रण में रहते हुए निर्वाचन से संबंधित उन्हे सौंपे जाने वाले कृत्यों का पालन करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा
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रैपिड किट से दूध की गुणवत्ता की जांच निरंतर जारी
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026

जिले में दूध की गुणवत्ता एवं मिलावट की जांच के लिए रैपिड किट के माध्यम से जांच निरंतर की जा रही है। आज रतलाम शहर के कस्तूरबा नगर एवं बाजना रोड पर बाहर से आने वाली दूध की गाड़ियों को रोककर मौके पर ही दूध की जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा रैपिड किट से दूध में यूरिया, सुक्रोज, माल्टोज, नमक, स्टार्च एवं सोडा सहित अन्य मिलावट की जांच की गई। मौके पर जांचे गए सभी दूध के नमूने मानक स्तर के पाए गए।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 106.35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित भदोरा इंडस्ट्रीज का किया वर्चुअल लोकार्पण
उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश में सिंगल विंडो से मिल रही त्वरित अनुमति
कसरावद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार, स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
निवेश और उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश में तैयार है अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उद्यम संवाद में विद्युत अधोसंरचना, नवकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक सुविधाओं पर हुई चर्चा
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026, 13:36 IST
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रियाओं को लगातार सरल किया जा रहा है। पहले उद्योग लगाने के लिए 76 प्रकार की अनुमतियां लेनी पड़ती थीं, अब सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से त्वरित अनुमति मिल रही है। भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी पहले 50 से 60 दिन में पूरी होती थी, जिसे अब घटाकर 29 दिन के भीतर किया गया है। उद्योगों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को खरगोन जिले की कसरावद तहसील के ग्राम पानवा में 106.35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित भदोरा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ग्वालियर से वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भदोरा इंडस्ट्रीज के प्रारंभ होने से कसरावद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनेक नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि खरगोन के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है और क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। खरगोन कपास उत्पादन के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें मंडी टैक्स कम करने का निर्णय भी शामिल है। उन्होंने कहा कि उद्योगों और किसानों के विकास से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विद्युत अधोसंरचना, नवकरणीय ऊर्जा तथा औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान समय में बिजली और बिजली से जुड़े उत्पादों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे उद्योगों के स्थापित होने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि नर्मदा जी के आशीर्वाद से प्रदेश में पर्याप्त जल उपलब्धता भी सुनिश्चित हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। प्रदेश में करीब 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महाकाल लोक के बाद ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश की अनेक औद्योगिक इकाइयां मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में जो एक बार आता है, वह मध्यप्रदेश का होकर रह जाता है। उन्होंने उद्योगपतियों और उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश कर रोजगार के नए अवसर सृजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भदोरा इंडस्ट्रीज के प्रारंभ होने से क्षेत्र में रोजगार और समृद्धि बढ़ेगी तथा मध्यप्रदेश विकास की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ेगा।
उद्यम संवाद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यम संवाद के दौरान उद्योग एवं रोजगार से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं, विद्युत अधोसंरचना, नवकरणीय ऊर्जा तथा निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे निवेशकों को बेहतर वातावरण मिल सके।
भदोरा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के लोकार्पण कार्यक्रम में कंपनी के ऑनर श्री शशांक भदोरा दुबई से वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक श्री बालकृष्ण पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती छाया जोशी, श्रीमती नंदा ब्राह्मणे सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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देश में तेजी से हो रहा धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
उज्जैन में श्री महाकाल लोक निर्माण के बाद 20 गुना बढ़ गई श्रद्धालुओं की संख्या
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री द्वारकाधीश के किए दर्शन
प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की
मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेशवासियों को दीं जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
रतलाम : गुरूवार, सितम्बर 3, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सपत्नीक गुजरात की देवभूमि द्वारका के पावन द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान श्री द्वारकाधीश के अलौकिक रूप का दर्शन एवं विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान द्वारकाधीश से सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी से पहले देश-प्रदेशवासियों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर्व के हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव एवं अन्य परिजनों सहित सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय के डॉ. इलैया राजा टी. भी उपस्थित थे।
मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा
भगवान श्री द्वारकाधीश के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर के बाहर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज वे सपरिवार द्वारिका आये हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के उज्जैन और गुजरात की द्वारिका नगरी सहित देशभर में लगातार धार्मिक पर्यटन के नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। उज्जैन में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या 20 गुना बढ़ गई है। वर्तमान में लगभग 10 करोड़ से अधिक तीर्थ यात्री उज्जैन आ रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कर कमलों से उज्जैन में बाबा महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद बनारस में भी काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरीडोर का निर्माण हुआ, जिससे बाबा विश्वनाथ की नगरी में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिली हैं।
जन्माष्टमी से पहले भगवान श्री द्वारकाधीश के दर्शन का मिला सौभाग्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि द्वारकाधीश मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन संस्कृति के चार धामों में से एक प्रमुख तीर्थ है। जन्माष्टमी से ठीक पहले भगवान श्री द्वारकाधीश के भव्य दर्शन का अवसर मिलना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ समय पहले ही वे सोमनाथ धाम गये थे। इसके बाद आज द्वारका के प्रसिद्ध श्री द्वारकाधीश मंदिर में विधिवत् दर्शन-पूजन-अर्चन कर यहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। हम भी अपने देवस्थानों में बेहतर से बेहतर प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश में श्रद्धालुओं के लिए विकसित की जा रहीं सुगम व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं देवस्थानों पर सहज एवं सुगम आवागमन, श्रद्धालुओं के ठहरने, उनकी सुरक्षा और पर्यटकों की वृद्धि को देखते हुए वहां सभी जरूरी अधोसंरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। हमारी सरकार भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।



