बागेश्वर धाम सरकार द्वारा 300 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न कराया

हम इन बेटियों के सुख‑दुख में हमेशा साथ रहेंगे- पंडित धीरेंद्र शास्त्री
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गड़ा गांव स्थित बागेश्वर धाम में इस बार महाशिवरात्रि बेहद खास रही. यहां 300 कन्याओं का भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया देश‑विदेश से पहुंचे लोगों की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष बना दियाबागेश्वर धाम में 300 जोड़ों को 90 लाख की FD: जयमाला की थाली में सोने-चांदी के गहने, नेपाल की दुल्हन का 4 साल बाद नंबर बागेश्वर धाम (छतरपुर) में महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर आयोजित हो रहे 7 मे बार बे कन्या विवाह महोत्सव ।
इस विशाल आयोजन में कुल 300 निर्धन और अनाथ कन्याओं का विवाह संपन्न कराया । सामूहिक विवाह समारोह बड़ी श्रद्धा और परंपरा के साथ सम्पन्न हुआ. देशभर से पहुंचे परिवारों और मेहमानों ने इस आयोजन को एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव का रूप दे दिया. बड़ी संख्या में विदेशी अतिथियों की मौजूदगी ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी दिलाई.
विवाह कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री भावुक हो उठे. उन्होंने कहा कि जिन बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है, बागेश्वर धाम उनके पिता की भूमिका निभाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि “हम इन बेटियों के सुख‑दुख में हमेशा साथ रहेंगे. उनके जीवन में आने वाली हर परिस्थिति में बागेश्वर धाम उनका परिवार बनकर खड़ा रहेगा.”
विवाह आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. धाम परिसर को फूलों, रोशनी और पारंपरिक सजावट से विशेष रूप से सजाया गया. बारात, संगीत, वेद मंत्रों की गूंज और हर्षोल्लास ने वातावरण को आनंदमय बना दिया. दूर‑दराज़ से आए लोगों ने इस अनोखे आयोजन की सराहना की और इसे समाजिक सद्भाव का अद्भुत उदाहरण बताया.
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सभी नवविवाहित कन्याओं को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण भविष्य की कामना की. आयोजन समिति और सेवादारों ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित और गरिमामय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
प्रत्येक विवाह जोड़े के भविष्य की सुरक्षा के लिए धाम की ओर से 30,000 की FD दी जा रही है। कुल 300 जोड़ों के लिए यह राशि 90 लाख है।
जयमाला की थाली में सोने और चांदी के गहन भेंट किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक जोड़े को 2 लाख मूल्य का घरेलू सामान,होगा और लहँगा चुनरी, शेरवानी और अन्य वैवाहिक सामग्री शामिल है
इस वर्ष नेपाल की एक बेटी सहित भारत के 13 राज्यों से आए जोड़ों का चयन एक विस्तृत सर्वे प्रक्रिया (600 सदस्यीय टीम द्वारा) है जय हो बागेश्वर धाम प्रभु जय हो बागेश्वर धाम प्रभु



