
यूजीसी विरोध मे सवर्ण तथा सर्व समाज द्वारा ताल पूर्णतः बंद रख कर विरोध जताया और काले कानून को वापस के लिए सौंपा ज्ञापन
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
भारत सरकार के असाधारण राजपत्र दिनांक 13-01-2026 से अधिसूचना जारी कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (युजीसी) विनियम 2026 का प्रकाशन किया गया जिसके बाद से देश मे सवर्ण समाज तथा अन्य पिछड़ा वर्ग और सर्व समाजो मे काफी आक्रोश व्याप्त हुआ। पुरे देश प्रदेश मे जगह जगह नागरिकों ने ज्ञापन देकर विरोध जताया तथा कई शहर विरोध मे बंद रहे। इसी एक्ट को लोगो ने काला कानून कहकर सम्बोधित किया है। विशेषज्ञजनो से चर्चा अनुसार उक्त नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर युजीसी आयोग द्वारा तैयार किये गए है जिसकी कमेटी मे बहुमत मे सामान्य वर्ग के लोग है जिसके अध्यक्ष मप्र के दिग्विजय सिंह है। इस कानून के तहत विश्वविद्यालय तथा कॉलेज जैसे शेक्षणिक संस्थाओ मे भी जातिवाद को डालकर आपस मे फुट डालने वाला कानून प्रतीत हो रहा है क्युकि कॉलेज जैसे संस्थाओ मे युवा वर्ग जाता है जो आजतक मिलजुल कर शिक्षा ग्रहण करता है परन्तु इस एक्ट के बाद विद्यार्थियों मे आपस मे जाती, धर्म, भाषा, जन्म स्थान आधारित कुरीति डालकर शिक्षा के मंदिर को धूमिल करने वाला कानून बताया जा रहा है। इस कानून के तहत केवल सामान्य वर्ग का विद्यार्थी ही आरोपी होगा तथा अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी वर्ग को विशेष संरक्षण मिलेगा भले भेदभाव साबित हो या ना हो केवल भावनात्मक आधारित दंड डदेने और सजा तक के प्रावधान करने से देशभर के सवर्ण समाज और सर्व समाज मे घोर आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम मे ताल नगर मे सर्व समाज के आव्हान पर दिनांक 1 फ़रवरी 2026 को नगर का व्यापार व्यवसाय पूर्ण रूप से बंद रखा गया जिससे बाजार मे सन्नाटा छाया रहा व्यापारियों ने व्यापार बंद रख कर अपना विरोध जताया और सब्जी, चाय, तथा अन्य छोटे व्यवसाय भी पूर्णतः बंद रहे जिससे नगर मे सर्व समाज की एकता दिखाई दि। सर्व समाज मुखर्जी चौक पर शाम 4 बजे एकत्रित हुए जहाँ सबने अपने अपने विचार रखे तथा मोन जुलुस के रूप मे बड़ी संख्या मे निकले सभी के हाथ मे तख्तीया तथा तिरंगा ध्वज था।विशेष आकर्षण का केंद्र नन्हे नन्हे बच्चे अपने भविष्य की चिंता लिए तख्तीया हाथ मे लेकर चले। ताल थाना परिसर मे महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार ताल निर्भयसिंह पटेल को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन का वाचन पं. दिलीप शर्मा ने किया तथा आभार व्यापारी श्याम माहेश्वरी ने माना। उक्त कार्यक्रम मे बड़ी संख्या मे व्यापारी, नागरिक, छात्र छात्रा, नौकरीपेशा और ब्राह्मण समाज, पोरवाल समाज, राजपूत समाज, माहेश्वरी समाज के साथ ही सर्व समाजो के प्रतिनिधि उपस्थित रहे जिससे समाज मे एकता दिखाई दी।



