समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 31 जनवरी 2026 शनिवार

रतलाम जिले में मद्य निषेध संकल्प दिवस का आयोजन प्रशासन गांव की ओर अभियान
शिविर में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने नशामुक्ति का संकल्प दिलाया
रतलाम : शुक्रवार, जनवरी 30, 2026,

जिला प्रशासन एवं सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, रतलाम के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर मद्य निषेध संकल्प दिवस का आयोजन किया गया।
प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत ग्राम बडायला माताजी में आयोजित शिविर में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह द्वारा उपस्थित ग्रामीणजनों व अधिकारी कर्मचारियों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री सुनील जायसवाल, उपसंचालक सामाजिक न्याय श्रीमती संध्या शर्मा, सीईओ जनपद श्री ब्रहास्वरूप हंस सहित अधिकारी/कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने संकल्प दिलाते हुए कहा कि हम सभी एकजुट होकर नशामुक्त भारत अभियान के तहत यह प्रतिज्ञा लें कि न केवल अपने समुदाय, परिवार और मित्रों को बल्कि स्वयं को भी नशामुक्त बनाएंगे। परिवर्तन भीतर से शुरू होता है, इसलिए हम सब मिलकर रतलाम जिले एवं मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
मद्य निषेध संकल्प दिवस का मुख्य उद्देश्य युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों में बढ़ती मद्यपान एवं मादक पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति पर रोक लगाना तथा लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर आमजन को नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी प्रदान कर जागरूक किया गया।
इसके साथ ही जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय निकायों सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर नशामुक्ति विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे समाज में नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित हो सके।
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100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रतलाम : शुक्रवार, जनवरी 30, 2026,

आज 30 जनवरी को रतलाम जिले में संचालित परियोजना एक्सेस टू जस्टिस के अंतर्गत जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन एलायंस के सहयोग से 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत गहन जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत बाल विवाह मुक्ति जागरूकता रथ को विधायक रतलाम ग्रामीण श्री मथुरालाल डामर द्वारा हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न ग्रामों के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर बाल विवाह के विरुद्ध उपस्थितजन को शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम का आयोजन वसुधा विकास संस्थान द्वारा किया गया। संस्था प्रतिनिधि जिला समन्वयक उमेश मेड़ा ने बताया कि बाल विवाह मुक्ति रथ आगामी 100 दिनों तक रतलाम जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों, धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों एवं विकासखंड मुख्यालयों का भ्रमण करेगा। इस दौरान संस्था के कार्यकर्ता समुदाय से संवाद कर बाल विवाह निषेध से संबंधित कानूनों की जानकारी साझा करेंगे। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत धर्मगुरुओं, टेंट व्यवसायियों, ब्यूटी पार्लर संचालकों, हलवाइयों सहित अन्य सामाजिक प्रभावशाली वर्गों तक पहुँच बनाकर उन्हें भी बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि जिले में अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सामूहिक शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में विधायक रतलाम ग्रामीण श्री मथुरालाल डामर, जिला समन्वयक श्री उमेश मेड़ा, श्री हेमेन्द्र सिंह, श्री धन्नालाल डामर, श्री सुरेश डामर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार का दायित्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास के आधार पर ही जनकल्याणकारी योजनाएं उतार रही हैं धरातल पर संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविदाकर्मियों के लिए कीं महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री, म.प्र. संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के राज्य स्तरीय सम्मेलन में हुए शामिल
रतलाम : शुक्रवार, जनवरी 30, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास पर ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल हो रही है। संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है। आपके श्रम और साझेदारी ने ही शासन-प्रशासन की व्यवस्था बनाई रखी है। संविदाकर्मी अनुबंध से अवश्य आते हैं, किन्तु व्यवस्थाओं के प्रबंधन में विराट भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य सेवाएं हों या शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय या तकनीकी सेवाएं मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में संविदा भाई-बहन हर जगह व्यवस्था के भरोसेमंद स्तंभ बनकर खड़े हैं। संविदाकर्मियों ने जिस निष्ठा से काम किया है, उसने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा पद से बड़ी है। संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं। भारतीय मजदूर संघ के ’देश के हित में करेंगे काम’ के वाक्य को हमारे साथी चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को टीटी नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के ’संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा भारत माता और श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर पुष्प वर्षा कर और बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार संविदा कर्मियों के अधिकारों के लिए सदैव सकारात्मक भाव के साथ खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार, कार्य परिस्थिति और भविष्य के सुधारों पर पहले भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, भविष्य में भी उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। हमारी सरकार संविदा कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी मुद्दों का समाधान निकालेगी। संविदा कर्मचारियों के लिए जो भी निर्णय हो सकते हैं, उससे अधिक करने का प्रयास करेंगे। नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की कठिनाइयों का हल निकाला जाएगा। मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के साथ समन्वय करते हुए सभी कठिनाइयों का समाधान इस प्रकार किया जाएगा, जिससे संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों। संविदाकर्मियों की उचित मांगों पर राज्य सरकार संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उनका सहयोग करेगी।
संविदाकर्मियों की मांगों पर रखा जायेगा पूरा ध्यानः मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरशः क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे।
संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेज्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन तथा संविदा कर्मियों के लिए प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूर्णतः लागू करने के संबंध में नीतिगत निर्णय कराया जाएगा।
विभिन्न विभागों, योजना, परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण के लिए अभ्यावेदनों का निराकरण, संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समय-सीमा में किया जाएगा।
कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों में संविदा नीति-2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाएगा।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का श्री कुलदीप सिंह गुर्जर, श्री दिनेश सिंह तोमर, श्री गोविंद श्रीवास्तव, श्री दुर्गेश तिवारी तथा संयुक्त संघर्ष मंच के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। श्री दिनेश तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच में प्रदेश के 34 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कर्मचारी हित में निरंतर कार्य कर रही है। भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेश के संविदा कर्मचारियों की मांगों को समझा है। प्रदेश महामंत्री श्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रदेशभर से पधारे संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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ग्राम अयाना में लगी किसान चौपाल कलेक्टर ने किसानों से जैविक/प्राकृतिक खेती अपनाने की कही बात
रतलाम : शुक्रवार, जनवरी 30, 2026,

प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत आज ग्राम अयाना में किसान चौपाल का आयोजन कर किसानों को खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई एवं किसानों की समस्याएं सुनकर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने संबंधित विभाग प्रमुखो को निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
चौपाल में कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत को गौशालाओ मे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट बनवाने एवं कोल्ड स्टोरेज का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। जैविक हाट के लिए ब्लाक वार जगह चिन्हित करने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए। कलेक्टर ने किसान शुभम सिसौदिया के खेत पर गाजर की जैविक खेती का एवं ग्राम नौलखा मे मोती प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन किया। ग्राम अयाना के किसान कुलदीप ने चौपाल में बताया कि वे प्राकृतिक खेती करते आ रहे है, फिर उन्होने जैविक खेती की ओर रूख किया। अब उनकी खेती की मिट्टी भी अच्छी हो गयी है और फल, सब्जी और अनाज की पौष्टीकता और स्वाद भी अच्छा हो गया है।
कलेक्टर ने चौपाल में किसानों को जैविक/प्राकृतिक एवं रासायनिक खेती का अंतर बताते हुए, किसानों को जैविक/प्राकृतिक खेती करने की बात कही। गांव के जैविक/प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के समूह बनाकर, किसानों को खेतो पर ले जाकर समक्ष मे प्रशिक्षण देने के लिए अधिकारियो को निर्देश दिए। किसानों को जैविक/प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों का उदाहरण देकर प्रेरित करे। कलेक्टर ने गांव के अन्य किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए उसी गांव के उन्नतशील किसानों को सूचीबद्ध कर मास्टर ट्रेनर के रूप में किसान चौपालो मे बुलाने के निर्देश कृषि अधिकारी को दिए।
कलेक्टर ने किसान चौपाल में किसानों से कहा कि रासायनिक उर्वरक और दवाइयों का कम से कम उपयोग करें तथा जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशक का उपयोग करे। किसान चौपाल मे उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण श्रीमती नीलम सिंह चौहान, एसडीएम सुनील जायसवाल, सीईओ जनपद ब्रम्हस्वरूप हंस, पी डी आत्मा श्री नर्गेस, डॉ सर्वेश त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक के वी के सहित किसान उपस्थित थे। कलेक्टर एवं उपस्थित अधिकारियों तथा किसानों ने चौपाल में किसान द्वारा लगाई गई जैविक उत्पादों की स्टाल का भी अवलोकन किया
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प्रशासन गांव की ओर अभियान’’ अंतर्गत बडायला माताजी क्लस्टर की ग्राम पंचायतों मे हुई सुनवाई
प्रशासन गांव की ओर अभियान में प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे गांव में निर्माणाधीन कार्यो का किया निरीक्षण
रतलाम : शुक्रवार, जनवरी 30, 2026,

भारत सरकार एवं राज्य सरकार की चिन्हित फ्लैगशिप योजनाओं में शत् प्रतिशत सेचुरेशन प्राप्त करने हेतु ‘‘प्रशासन गांव की ओर अभियान’’ के तहत आज शुक्रवार को सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने बडायला माताजी क्लस्टर अंतर्गत 16 ग्राम पंचायतों मे पहुँच कर आमजन की समस्याएं सुनी एवं समाधान योग्य समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। जिला स्तर एवं राज्य स्तर से समाधान योग्य समस्याओं को अनुश्रुवण पंजी मे दर्ज किया गया। क्लस्टर पंचायत मुख्यालय बडायला माताजी पर सभी पंचायतों के नोडल अधिकारियों की कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह द्वारा ग्राम पंचायतवार समीक्षा की गई। भ्रमण के दौरान कलेक्टर के साथ एसडीएम श्री सुनील जायसवाल, सीईओ जनपद पिपलौदा श्री ब्रह्मस्वरूप हंस सहित जिला स्तरीय नोडल अधिकारी एवं मैदानी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। निर्माणाधीन कार्यो का निरीक्षण कर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने आज पिपलौदा में निर्माणाधीन सिविल अस्पताल, सांदीपनी स्कूल एवं आईटीआई भवन का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। निर्माणाधीन सिविल अस्पताल का निरीक्षण कर कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में इलेक्ट्रिक एवं फायर सेफ्टी का काम स्वीकृति अनुसार करवाने, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व्यवस्थित बनवाने एवं अस्पताल स्टाफ के रहने के लिए क्वाटर बनवाने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। अस्पताल की बाउण्ड्रीवाल निर्माण के भी निर्देश दिए । बीएमओ को सतत निगरानी में मापदण्ड अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर डॉक्टर को दिए निर्देश कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपलौदा के निरीक्षण के दौरान ओ पी डी पर्ची काउन्टर की प्रक्रिया का अवलोकन किया। पैथालॉजी लेब पर जांच की प्रक्रिया देखी,उपचार एवं जांच करवाने आये मरीजो से चर्चा कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया एवं डॉक्टर को मरीज की ओपीडी पर्ची पर बीमारी का नाम, ईलाज, जांच का पूरा विवरण लिखने के निर्देश दिए। सांदीपनी स्कूल का निर्माण कार्य जून 2026 तक पूर्ण करवाने के निर्देश कलेक्टर ने पिपलौदा के निर्माणाधीन सांदीपनी स्कूल का निरीक्षण कर स्वीकृति अनुसार निर्माण कार्य जून 2026 तक पूर्ण करवाने के निर्देश दिए । उन्होंने एसडीएम, बीईओ को सतत निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण कार्य समयसीमा मे पूर्ण करवाने एवं मटेरियल की क्वालिटी जांच के लिए टेस्ट करवाने के निर्देश दिए। टेस्ट रिपोर्ट शिक्षा अधिकारी, एसडीएम एवं कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संधारित पंजीयो का भी अवलोकन किया। निर्माणाधीन सी एम राईज संदीपनी स्कूल के सामने बनी प्रधानमंत्री सड़क योजना की रोड पर गडडो की मरम्मत करवाने एवं स्कूल की बाउण्ड्रीवाल का निर्माण करवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने निर्माणाधीन आई टी आई पिपलौदा का निरीक्षण कर छात्रावास एवं कॉलेज भवन का कार्य मार्च एवं स्टाफ क्वाटर अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने एवं पेयजल के लिए एक और बोरिग करवाने के निर्देश दिए।
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कृषि रथ द्वारा भ्रमण कर, ग्राम पंचायतों में किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई
रतलाम : शुक्रवार, जनवरी 30, 2026,

उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्रीमती नीलम सिंह चौहान ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 11 जनवरी से 11 फरवरी तक जिले मे कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। जिसमें कृषि एवं संबद्ध विषयों जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, आत्मा, मत्स्य पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिकी तकनीकी सुधार की जानकारी कृषकों को दी जा रही। आज 30 जनवरी को विकासखंड आलोट के माधोपुर, एरवास, कोठडी ताल, आक्याकलां, विकासखंड बाजना के नायन, सादेडा, मौलावा, विकासखंड पिपलोदा के मावता, रणायरा, रिछादेवड़ा, विकासखंड सैलाना के आडवाणिया, सांसर, विकासखंड रतलाम के बोदीना, खोखरा, दिवेल, विकासखंड जावरा के नया नगर, मीनाखेड़ी में कृषि रथ द्वारा भ्रमण कर जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, पराली न जलाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढावा देना, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था, के संबंध में कृषकों को जानकारी दी गई।
2 फरवरी को विकासखंड आलोट के बिसलखेड़ा, मुडला कला, भैसाना, मरमिया खेड़ी विकासखंड बजाना के हरथल, रावटी देथला, विकासखंड पिपलोदा के कालूखेड़ा, तालिदाना, मामटखेड़ा, विकासखंड सैलाना के भामट, ठीकरिया, विकासखंड रतलाम के नौगांवा कला, धामनोद, डेलनपुर विकासखंड जावरा के रोजाना,बनवाडा रोला में रथ भ्रमण करेगा। किसान भाई इन पंचायतों में सम्मिलित होकर उक्त योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।
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स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा
रतलाम : शुक्रवार, जनवरी 30, 2026

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत रतलाम जिला स्तर एवं ब्लाक स्तर पर स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान का आयोजन 30 जनवरी से 13 फरवरी तक किया जाएगा। जिसका शुभारंभ गांधी जी की पुण्य तिथि पर अपील एवं संकल्प पत्र का वाचन कर किया गया। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ वर्षा कुरील ने बताया कि चमड़ी पर चमड़ी के रंग से हल्का फीका धब्बा या दाग, जिसमें सुन्नपन हो कुष्ठ रोग हो सकता है। इसकी तत्काल जांच करवानी चाहिए, कुष्ठ रोग का पूरा और निशुल्क उपचार शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के दौरान मैदानी क्षेत्रों में कुष्ठ रोग का सर्वे कर लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। तथा आवश्यकता अनुसार उपचार एवं सेवाएं प्रदान की जाएगी। डॉ वर्षा कुरील ने बताया कि लक्षण पाए जाने पर उपचार में देरी करने की स्थिति में कुष्ठ रोग के कारण हाथ पैर एवं तंत्रिकाओं में विकृति आ सकती है, इसकी तत्काल जांच और उपचार करना चाहिए। कार्यक्रम में श्री शरद शुक्ला, श्री दीपक उपाध्याय, सुश्री प्रियंका हेराल्ड, श्री पीएल मुनिया, श्री निलेश चौहान, लोकेश वैष्णव, आनंदीलाल जैन, माला खराड़ी, लवनेश शर्मा, वैभव पंड्या, सुश्री श्वेता बागड़ी उपस्थित थे।
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खुशियों की दास्तां जैविक खेती कर रहे किसान कुलदीप सिंह ने किसानों को बताये जैविक खेती के फायदे
रतलाम : शुक्रवार, जनवरी 30, 2026,

ग्राम अयाना विकासखण्ड पिपलौदा निवास कुलदीप सिंह पिता भंवर सिंह राणावत ने जैविक खेती के सकारात्मक परिणाम साझा करते हुए बताया कि उनके पिताजी पिछले 12 वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। श्री हेमंत से मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने जैविक खेती के जैविक उत्पाद स्वयं तैयार कर गेहूं की फसल में उपयोग किए।
कुलदीप सिंह ने बताया कि पहले उनकी गेहूं की फसल पीली पड़ रही थी, लेकिन जीवामृत का उपयोग करने के बाद गेहूं में अच्छा रंग आया और बढ़वार भी बेहतर हुई। उन्होंने बताया कि जैविक खेती में रासायनिक खेती की तुलना में खर्च बहुत कम आता है और हर किसान के पास एक-दो पशु आसानी से मिल जाते है। जिससे जैविक उत्पाद बनाने के लिए गोबर और गौमूत्र आसानी से मिल जाता है । उन्होंने बताया कि जीवामृत गाय के गोबर, गुड़ एवं बेसन से तैयार किया जाता है, जो 7 दिनों में बनकर तैयार हो जाता है। एक ड्रम (200 लीटर) जीवामृत एक एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त होता है, जिसे सिंचाई के पानी के साथ खेत में दिया जाता है।
इसके अलावा उन्होंने टॉनिक तैयार करने की विधि भी बताई, जिसमें एक वर्ष पुराने 12 से 15 कंडे पानी में भिगोकर 7 दिनों तक सड़ाया जाता है। कीट नियंत्रण के लिए उन्होंने नीमास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र के उपयोग की जानकारी दी। नीमास्त्र 180 लीटर पानी में 10 किलो नीम की पत्ती या नीम की निंबोली से तैयार किया जाता है। वहीं ब्रह्मास्त्र नीम, आम, करंज, सीताफल सहित 5-6 प्रकार की कड़वी पत्तियों से बनाया जाता है, जिसका छिड़काव फसलों पर कीट नियंत्रण के लिए किया जाता है।



