
सांसद श्री गुप्ता को लेकर जीबीएस बीमारी पर बयान पड़ा भारी, मनासा सोशल मीडिया प्रभारी दिनेश राठौर को भाजपा का कारण बताओ नोटिस
मनासा।जीबीएस बीमारी में सांसद सुधीर गुप्ता ने पीड़ितों से बनाई दूरी ,जनता से कोई सरोकार नहीं इस तरह का बयान पार्षद प्रतिनिधि एवं कुशाभाऊ ठाकरे मंडल के मीडिया प्रभारी दिनेश राठौर ने देकर सांसद पर सवाल खड़े किए थे जिसके बाद भाजपा में हड़कंप मच गया पार्षद प्रतिनिधि द्वारा पार्टी विरोधी बयान पर भाजपा ने सख्त रुख अपनाया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा ने पार्षद प्रतिनिधि दिनेश राठौर को भारतीय जनता पार्टी की ओर से कारण बताओ सूचना पत्र (शोकॉज नोटिस) जारी किया गया है पार्टी सूत्रों के अनुसार दिनेश राठौर ने सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए कहा था कि जीबीएस जैसी गंभीर बीमारी के दौरान सांसद सुधीर गुप्ता न तो पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे और न ही उन्होंने संवेदना व्यक्त की, जिससे आम जनता में गलत संदेश गया। इस बयान को पार्टी की छवि और अनुशासन के खिलाफ मानते हुए भाजपा ने कार्रवाई की है भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए नोटिस में साफ लिखा कि पार्षद प्रतिनिधि तीन दिन में अपना जवाब लिखित में पेश करे या फिर जिला भाजपा दफ्तर में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें जवाब पेश नहीं करने पर पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिदायत नोटिस से दी गई। बता दे कि सांसद पर इस तरह की बयानबाजी से जहां सांसद गुप्ता की छवि पर असर पड़ा है । इस मामले को लेकर भाजपा संगठन ने गंभीरता दिखाते हुए। नोटीस की कार्रवाई की गई है।अनुशासन हीनता के मामले में नोटिस मिलने पर पार्षद प्रतिनिधि दिनेश राठौर ने कहा कि मैंने कोई गलत बयान नहीं दिया। सांसद हमारे जनप्रतिनिधि है और चुनाव के वक्त सांसद ने जनता से कहा था कि में आपके दुख सुख में हर समय शामिल रहूंगा। वो दुख की घड़ी में 10 दिन बाद भी नहीं आए। यही बात बयान में लिखी । राठौर ने बताया कि नोटिस मिला है लिखित में जवाब देगे। लेकिन मुझको नोटिस देने से पहले भाजपा संगठन और जवाबदार उनको भी नोटिस देकर कार्रवाई करे जिन्होंने विधान सभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ खुलकर काम किया और पार्टी को नुकसान पहुंचाया। वहीं हाल ही में कुकडेश्वर मंडल अध्यक्ष मदनलाल रावत द्वारा बयान जारी किया था कि मनासा विधानसभा में भाजपा कार्यकर्ताओं को भी काम कराने के बदले अधिकारियों और कर्मचारियों को पैसे देना पड़ रहे है। बिना पैसे के कोई काम नहीं किया जा रहा है। यह बयान सीधा सीधा भाजपा सरकार और यहां के विधायक पर था । इसके बाद भी मंडल अध्यक्ष रावत को न तो नोटिस देने की कार्रवाई की गई और नहीं उसको संगठन के सामने तलब किया गया। जबकि मंडल अध्यक्ष ने तो सरकार और भाजपा को बदनाम करने का काम किया है। पार्टी भेदभाव पूर्व कार्रवाई कर रही है। पहले उन पर कार्रवाई का डंडा चलाए , उसके बाद मेरे जैसे सच्ची बात और संगठन हित एवं पार्टी के सिद्धांत परक बात करने वाले पर नहीं। राठौर ने बताया कि मेरे द्वारा ऐसा कोई प्रेस नोट में नहीं लिखा जिससे सांसद और पार्टी की बदनामी हो। यह जनता का सवाल था, जनता हम जैसे छोटे जनप्रतिनिधियों से पूछ रही थी कि आपकी पार्टी के सांसद क्यों नहीं आए इसी बात को लेकर मेरे द्वारा बयान दिया गया। इस पर भी अगर भाजपा
अनुशासनहीनता मानती है और नोटिस देने की कार्रवाई कर रही है तो में इस मामले में जवाब पूरी ईमानदारी और मजबूती के साथ दूंगा



