खुद को भाजपा नेता बताकर महिला से 5 लाख की ठगी, विश्वविद्यालय में चपरासी की नौकरी का दिया था झांसा

खुद को भाजपा नेता बताकर महिला से 5 लाख की ठगी, विश्वविद्यालय में चपरासी की नौकरी का दिया था झांसा
रीवा। जिले में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का वरिष्ठ नेता बताकर एक महिला से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख की ठगी कर ली। आरोपी ने रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में चपरासी के पद पर नियुक्ति दिलाने का वादा किया था, लेकिन समय बीतने के बाद न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए।
नौकरी के नाम पर लाखों का सौदा-:
पीड़ित महिला प्रतिमा देवी और उनके भाई आशीष कुमार सोनकर ने आरोप लगाया है कि डॉ. रामसखा वर्मा नामक व्यक्ति ने उन्हें सरकारी नौकरी का लालच दिया था। आरोपी ने दिसंबर 2024 में संपर्क कर विज्ञापन दिखाया और दावा किया कि उसकी पहुंच ऊपर तक है। उसने काम कराने के बदले 5 लाख की मांग की थी। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने 2,81,500 ऑनलाइन माध्यम से और 2,18,500 नकद (कुल 5 लाख) आरोपी को सौंपे थे।
कलेक्टर को फोन लगाने का किया नाटक-:
आरोपी डॉ. रामसखा वर्मा ने अपना प्रभाव जमाने के लिए पीड़िता के सामने ही कथित रूप से जिले के कलेक्टर को फोन लगाया और नौकरी के आदेश के संबंध में बात करने का नाटक किया। उसने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री के किसी आदेश के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है, लेकिन जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी हो जाएगा सोशल मीडिया पर उसकी बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें भी वायरल हैं, जिनका उपयोग वह लोगों को गुमराह करने के लिए करता था।
पैसे मांगने पर दी धमकी-:
काफी समय बीत जाने के बाद जब पीड़िता ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी। पीड़िता का आरोप है कि अब वह पैसे लौटाने के बजाय उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है। आरोपी का कहना है कि उसकी पहुंच राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति तक है, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता । परेशान होकर पीड़ितों ने एसपी कार्यालय और कलेक्टर से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
भाजपा ने झाड़ा पल्ला-:
इस मामले में जब भाजपा के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. रामसखा वर्मा पार्टी के नेता नहीं हैं। जिला अध्यक्ष ने कहा कि वह हमारे दल के नेता तो दूर, कार्यकर्ता भी नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है और कई लोग नेताओं से मिलकर फोटो खिंचवा लेते हैं या गुलदस्ता भेंट करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे पार्टी के अधिकृत सदस्य हैं। बता दें कि आरोपी रामसखा वर्मा पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में सक्रिय था और बाद में उसने खुद को भाजपा से जोड़कर बताना शुरू कर दिया था। फिलहाल, पीड़िता न्याय के लिए प्रशासन के चक्कर काट रही है।
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