आलेख/ विचारनीमचमध्यप्रदेश

जीबीएस बीमारी को आयुष्मान योजना में शामिल करे सरकार- तरुण बाहेती

-जिले में जीबीएस बीमारी का बढ़ता प्रकोप चिंताजनक

नीमच। मनासा के बाद अब नीमच शहर में पैर पसार रही खतरनाक बीमारी जीबीएस को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने शासन से विशेष ध्यान देने एवं इस बीमारी को आयुष्मान कार्ड में जोड़ने और पीड़ितों का कैशलेस इलाज की बड़ी मांग रखी है। नीमच बड़ा शहर है इसमें जीबीएस को रोकने के लिए जिला प्रशासन शीघ्र एडवाइसरी जारी करे।

जिलाध्यक्ष बाहेती ने कहा कि वर्तमान में इस घातक बीमारी का आयुष्मान भारत योजना के तहत कवरेज नहीं होना बेहद चिंताजनक है, जिसके कारण गरीब वर्ग इस जानलेवा बीमारी के सामने असहाय महसूस कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की है कि जीबीएस को तत्काल प्रभाव से आयुष्मान भारत/PM-JAY योजना के पूर्ण दायरे में शामिल किया जाए ताकि पात्र परिवारों को निजी और सरकारी अस्पतालों में भटकना न पड़े और उन्हें तुरंत कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सके।

तरुण बाहेती ने कहा की जीबीएस एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जिसका इलाज इतना महंगा है कि एक सामान्य परिवार अपनी पूरी जमा-पूंजी गंवा देता है। इस बीमारी में इस्तेमाल होने वाले IVIG (इन्ट्रवेनस इम्युनोग्लोबुलिन) इंजेक्शन और सहायक चिकित्सा का खर्च 2 से 6 लाख रुपये तक आता है। आयुष्मान योजना में इसे शामिल न किए जाने के कारण कई परिवार अपने परिजनों की जान बचाने के लिए जमीन या जेवर गिरवी रखने को मजबूर हैं। बाहेती ने स्पष्ट कहा कि यदि इस बीमारी को आयुष्मान योजना की सूची में डाल दिया जाता है, तो मध्यम और गरीब वर्ग को निजी अस्पतालों की भारी-भरकम फीस और लूट से बड़ी राहत मिल सकेगी।

बाहेती ने कहा कि जब जिले में लगातार मामले सामने आ रहे हैं,तो शासन को स्वास्थ्य इमरजेंसी की तरह काम करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल आयुष्मान योजना में शामिल करने तक न रुके, बल्कि इन महंगे इंजेक्शनों की उपलब्धता जिला अस्पतालों में भी सुनिश्चित करे। बाहेती ने कहा की जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को बीमारी की पहचान, जागरूकता और रोकथाम हेतु हेल्थ एडवाइजरी और प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी करने चाहिए। डॉक्टरों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को GBS के त्वरित निदान और इलाज के प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

बाहेती ने प्रदेश सरकार और सत्ता में बैठे जिले के जनप्रतिनिधियों पर स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों का न होना सरकार की बड़ी विफलता है, जिसके कारण मरीजों को मजबूरी में बड़े शहरों के निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

शासन आर्थिक मदद करे- बाहेती

जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने रविवार को मनासा में बीमारी के कारण जान गंवा चुके लोगों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और प्रशासन से मांग की कि जिन परिवारों ने इलाज में लाखों रुपये खर्च किए हैं, उन्हें विशेष आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि मनासा क्षेत्र में जीबीएस बीमारी का मामला प्रदेश कांग्रेस के जीतू पटवारी एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी संज्ञान में लेकर सरकार से इसमें त्वरित ध्यान देने की माँग की है। बाहेती ने जिला प्रशासन से जिले में लगातार लिए जा रहे पानी के सैंपल की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और बीमारी के फैलने के असल कारणों को स्पष्ट करने की मांग भी की है।

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