नाहरगढ़ क्षेत्र के दो डोडाचूरा तस्करों को 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दण्डित

नाहरगढ़ क्षेत्र के दो डोडाचूरा तस्करों को 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दण्डित
मंदसौर। अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस.) मंदसौर द्वारा आरोपीगण कारू उर्फ कारूलाल पिता रामलाल मीणा उम्र 37 साल निवासी गायरिया खेडा थाना नाहरगढ और श्यामलाल भील पिता कन्हैयालाल भील उम्र 46 साल निवासी गायरियाखेडा थाना नाहरगढ को अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी करने के अपराध में दोषी पाते हुए 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25000-25000 रूपये जुर्माने से दण्डित किया ।
अभियोजन मीडिया प्रभारी/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री बलराम सौलंकी द्वारा घटना के संबंध में बताया कि दिनांक 24/06/2018 को थाना नाहरगढ में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक नाहर सिंह सिसौदिया को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी कारूलाल अपने साथी के साथ मोटरसायकल से अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा शक्करखेडी होते हुये कचनारा की तरफ किसी को देने जाने वाला है। यदि तत्काल नाकाबन्दी की जाये तो उन्हें अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा सहित पकड़ा जा सकता है । उक्त सूचना विश्वसनीय होने से मय फोर्स मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर सहायक उपनिरीक्षक नाहर सिंह सिसौदिया मय फोर्स व पंचानो मय अनुसन्धान सामाग्री के रवाना होकर शक्कर खेडी फंटा हनुमान मंदिर के सामने नाकेबंदी की, कुछ समय बाद मुखबिर द्वारा बताये अनुसार मोटरसायकल आती दिखी, जिसे मय फोर्स की मदद से रोका गया तथा नाम पता पुछने पर आरोपी ने अपना नाम कारूलाल पिता रामलाल मीणा उम्र 37 साल निवासी गायरियाखेडा थाना नाहरगढ का होना बताया।
उक्त मोटरसायकल पर रखे कटटो की तलाशी लेने अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा कुल 48 किलोग्राम जप्त कर तत्काल आरोपी को गिरफ्तार किया जाकर थाना नाहरगढ़ पर अपराध क्रमाक 245/18, धारा 8/15 एन.डी.पी.एस. एक्ट की कायमी की गयी । विवेचना के दौरान श्यामलाल पिता कन्हैयालाल उम्र 46 साल निवासी गायरियाखेडा थाना नाहरगढ को भी डोडाचूरा के क्रय विक्रय व मोटरसायकल आरोपी कारूलाल को उपलब्ध कराये जाने से प्रकरण में आरोपी बनाया गया था। प्रकरण में अनुसंधान पूर्ण कर पुलिस द्वारा अभियोग-पत्र माननीय विशेष न्यायालय में विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया । जहां प्रकरण के संपूर्ण विचारण उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्ष्य के आधार पर आरोपीगण को दोषी पाते हुये 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25000-25000 रूपये जुर्माने से दण्डित किया।
शासन की ओर से प्रकरण का सफल संचालन श्री रमेश गामड़, विशेष लोक अभियोजक द्वारा किया गया



