मंदसौर जिलामंदसौर

भोपाल डिक्लेरेशन -2 चेप्टर मध्यप्रदेश की ड्राफ्टिंग कमेटी में शामिल श्री मांगरिया ने प्रस्तुत किया अपना ड्राफ्ट, सभी ने सराहा

भोपाल डिक्लेरेशन -2 चेप्टर मध्यप्रदेश की ड्राफ्टिंग कमेटी में शामिल श्री मांगरिया ने प्रस्तुत किया अपना ड्राफ्ट, सभी ने सराहा

मंदसौर। भोपाल डिक्लेरेशन -2 चेप्टर मध्यप्रदेश के अंतर्गत 13 जनवरी को भोपाल में देशभर के दलित और आदिवासी संगठन से जुड़े पदाधिकारी मंथन करने पहुंचे। समापन सत्र को कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य, झारखंड कांग्रेस एवं आदिवासी – दलित कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू , कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह एवं परीसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद उदित राज ने संबोधित किया हुए समस्त बुद्धजीवी साथियों के सवालों के जवाब दिए। इस समारोह में मंदसौर से भी कांग्रेस नेता एवं अनुसूचित जाति परिषद के राष्ट्रीय अघ्यक्ष प्रवीण मांगरिया भी सम्मिलित हुए।
उल्लेखनीय हैं कि भोपाल डिक्लेरेशन 2 के लिए ड्राफ्ट तैयार होगा, ड्राफ्टिंग की प्रक्रिया में देश भर के विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल हुए।
इस अवसर पर अपने ड्राफ्ट में प्रवीण मांगरिया ने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए किसी भी राजनीतिक दल के घोषणापत्र में सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए। यदि कांग्रेस पार्टी इन वर्गों के लिए ठोस प्रावधान करना चाहती है, निजी क्षेत्र में आरक्षण की संभावनाओं पर विचार करना और सरकारी नौकरियों में बैकलॉग (पुरानी खाली पड़ी सीटें) को समयबद्ध तरीके से भरना। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति युवाओं के लिए बिना ब्याज या बहुत कम ब्याज पर ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं के तहत विशेष फंड का प्रावधान। सरकारी निविदाओं और ठेकों में इन वर्गों के उद्यमियों के लिए एक निश्चित कोटा निर्धारित करना। ‘पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप’ की राशि को महंगाई के अनुसार बढ़ाना और उसका भुगतान समय पर सुनिश्चित करना। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा हेतु पूर्ण वित्त पोषित छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाना। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण आवासीय कोचिंग संस्थानों का जाल बिछाना। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट का सख्ती से पालन: अत्याचार निवारण अधिनियम को और प्रभावी बनाना और मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाना। आदिवासियों के लिए जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को सुनिश्चित करना और वन अधिकार अधिनियम, 2006 को कड़ाई से लागू करना। सामाजिक-आर्थिक स्थिति के सटीक आकलन के लिए जाति जनगणना कराने का वादा, ताकि जनसंख्या के अनुपात में बजट आवंटित हो सके। भूमिहीन एससी / एसटी परिवारों को कृषि योग्य भूमि और आवासीय पट्टे देना। हाथ से मैला ढोने वाली प्रथा को जड़ से खत्म करना और सफाई कर्मियों के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा और कौशल विकास सुनिश्चित करना। दलित और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पक्की सड़कें, स्वच्छ पेयजल और 24 घंटे बिजली की प्राथमिकता। आदिवासी क्षेत्रों में मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और आधुनिक अस्पतालों की स्थापना। एक प्रभावी घोषणापत्र वह है जो न केवल वादे करे, बल्कि उन वादों को लागू करने के लिए एक कानूनी ढांचा भी प्रदान करे।
श्री मांगरिया ने बताया कि भोपाल डिक्लेरेशन 2 (मध्यप्रदेश चैप्टर) का क्रांतिकारी संकल्प के साथ समापन हुआ। अब अगले एक साल तक जन जन से सुझाव लेकर इसे और मजबूत, जमीनी और संघर्षशील बनाया जाएगा।
इस अवसर पर अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय विक्रांत भूरिया, पूर्व मंत्री एवं विधायक ओंकार मरकाम, विधायक फूलसिंह बरैया, हीरालाल अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष जयस एवं विधायक, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी, पूर्व सांसद आनंद अहिरवार, श्रीमती किरण अहिरवार, मेजर डाँ. मनोज राजे जी, डाँ. अशोक मर्शकोले, वरिष्ठ आईएएस कबीरपंथी , सुनील बोरसे सहित अनेक वरिष्ठजन एवं प्रबुद्धजन की गरिमामयी उपस्थिति रही।

 

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