नया आयकर अधिनियम 2025 सरलीकृत एवं करदाता- अनुकूल यहकरदाताओं और प्रशासन के बीच विश्वास सुदृढ़ का प्रयास है- डॉ. अक्षय जैन

मंदसौर में आयकर जागरूकता एवं संवाद आउटरीच कार्यक्रम आयोजित
मन्दसौर। भारतीय प्रत्यक्ष कर प्रणाली में एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में लागू होने जा रहा आयकर अधिनियम- 2025 न केवल कानून की भाषा और संरचना को सरल बनाता है, बल्कि करदाताओं और कर प्रशासन के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं संवाद को भी सुदृढ़ करने का प्रयास करता है।01 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले इस नए अधिनियम का उद्देश्य कर प्रणाली की जटिलताओं को कम करते हुए एक डिजिटल, करदाता-केंद्रित एवं विवाद-मुक्त कर व्यवस्था स्थापित करना है।यह विचार उज्जैन परिक्षेत्र-1 के अपर आयकर आयुक्त डॉ. अक्षय जैन ने व्यक्त किए। उन्होंने 7 जनवरी को होटल डायमंड, मंदसौर में आयोजित नए आयकर अधिनियम- 2025 पर आधारित आयकर जागरूकता एवं संवाद आउटरीच कार्यक्रम को संबोधित किया।
अपने संबोधन में अपर आयुक्त डॉ. जैन ने कहा कि नया आयकर अधिनियम- 2025 कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने बताया कि इसमें आयकर अधिनियम, 1961 की जटिलताओं को दूर करते हुए धाराओं का समेकन एवं सरलीकरण किया गया है, जिससे कर अनुपालन की प्रक्रिया अधिक सहज होगी। यह अधिनियम छोटे एवं बड़े व्यापारियों के साथ-साथ सामान्य करदाताओं के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
डॉ. जैन ने कहा कि नए अधिनियम में “कर वर्ष” की एक नई अवधारणा लागू की गई है। इसके अंतर्गत अब तक प्रचलित “पिछला वर्ष” एवं “मूल्यांकन वर्ष” जैसे तकनीकी शब्दों को समाप्त कर 1अप्रैल से 31 मार्च तक की एक ही स्पष्ट अवधि निर्धारित की गई है।उन्होंने नए अधिनियम में किए गए विभिन्न प्रावधानों, उपलब्ध कटौतियों तथा इस कानून को लाने के उद्देश्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयकर अधिकारी, मंदसौर श्री दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि आयकर अधिनियम- 2025 एक सरल, पारदर्शी एवं करदाता-हितैषी कर व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि हम इस कानून को भली-भांति समझें, इसका सही अनुपालन करें तथा देश के विकास में अपना सक्रिय योगदान दें।
कार्यक्रम में कर सलाहकार संघ, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी एवं सदस्यगण सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं करदाता उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी संगठनों एवं प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे अन्य करदाताओं को भी नए आयकर अधिनियम-2025 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दें एवं उन्हें जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक लोग सही एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कर सकें।कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों के पुष्पहार एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन आयकर निरीक्षक श्री हेमंत सुथार द्वारा किया गया।
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