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किशनगढ़ ताल
ठाकुर शंभू सिंह तंवर
नगर में चल रहे श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ का सोमवार को विश्राम हो गया। सात दिनों तक चली संगीतमय कथा में मालवा की सुप्रसिद्ध कथावाचिक सुश्री वर्षा नागर ने श्रीमद्भागवत की सुमधुर कथा प्रस्तुत की।
कथा विश्राम पर भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता का वर्णन करते हुए सुश्री वर्षा नागर ने कहा कि संसार में मित्रता से बड़ा कोई संबंध नहीं है। सच्चा मित्र वह होता है जो अपने मित्र को कभी संकट में नहीं डालता, बल्कि उसके ऊपर किसी भी प्रकार का संकट आता है तो उसके साथ खड़ा रहता है ।सुश्री वर्षा नागर ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार का वातावरण निर्मित होता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति सर्वश्रेष्ठ है ।जो भी भगवान की भक्ति करता है भगवान उसे सांसारिक कष्टों का अनुभव नहीं होने देते।
कथा विश्राम के बाद आरती हुई ।आरती के बाद पूरे नगर में शानदार चल समारोह निकाला गया ,जिसमें श्रद्धालु केसरिया झंडा लेकर चल रहे थे ।कथावाचिका सुश्री वर्षा नागर कार में सवार होकर चल रही थी और खाटू वाले श्याम का मुखौटा सुसज्जित बग्गी में रखा गया था। श्रीमद्भागवत की पोथी को श्रद्धालु अपने सिर पर उठाकर चल रहे थे ।पूरे चल समारोह में जमकर रंग गुलाल उड़ाया गया ।जगह-जगह लोगों ने भागवत पोथी का पूजन किया। बाबा खाटू श्याम की पूजा अर्चना की एवं कथा वाचिका सुश्री वर्षा नागर का अभिनंदन किया।
आरएमडी कॉलोनी से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गो में भ्रमण करता हुआ चल समारोह लगभग तीन घंटे के बाद आरएमडी कॉलोनी पर आकर समाप्त हुआ। श्री रींगस धाम मेला समिति एवं सर्व समाज यजमान समिति की ओर से कथा के आयोजन में सहयोग करने वालों के प्रति के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।
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