गीता जयंती पर सब जेल गरोठ में श्रीमद् भागवत गीता पाठ का आयोजन

गीता जयंती पर सब जेल गरोठ में श्रीमद् भागवत गीता पाठ का आयोजन
गरोठ। गीता जयंती के पावन अवसर पर सब जेल गरोठ में शासन के निर्देशानुसार विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जेल परिसर में साउंड सिस्टम की व्यवस्था कर श्रीमद् भागवत गीता के 15वें अध्याय (पुरुषोत्तम योग) का सामूहिक पाठ कराया गया।इस पाठ में जेल के सभी बंदीगण एवं सम्पूर्ण स्टाफ उपस्थित रहे। पढ़े-लिखे कैदियों ने भी उत्साहपूर्वक सहयोग करते हुए पाठ में भाग लिया। एक साथ सैकड़ों स्वरों में गूंजता गीता पाठ का दृश्य अत्यंत मनमोहक और आध्यात्मिक था, जिसने पूरे जेल परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।जेलर श्री सी.एल. परमार ने बताया कि श्रीमद् भागवत गीता मानव जीवन के लिए सुधार की सबसे बड़ी पुस्तक है। इसका नियमित पाठ करने से मन से बुरे विचार हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं तथा व्यक्ति अपराध के मार्ग से दूर रहकर सत्कर्म की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन बंदियों के चरित्र निर्माण और नैतिक सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।यह आयोजन जेल प्रशासन की उस पहल का हिस्सा है जिसमें कैदियों को आध्यात्मिक ज्ञान देकर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जाता है।



