मंदसौरमध्यप्रदेश
ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफार्म की 327 वेबसाइटों और 2400 बैंक खातों को ब्लॉक किया

ऑनलाइन गेमिंग को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न
मंदसौर। जीएसटी खुफिया मुख्यालय महानिदेशालय (“डीजीजीआई”)डीजीजीआई ऑनलाइन मनी गेमिंग/सट्टेबाजी/जुआ की आपूर्ति में शामिल अपतटीय संस्थाओं की भी जांच कर रहा है। अब तक, डीजीजीआई ने आईटी अधिनियम के तहत, एमईआईटीवाई के साथ समन्वय में, अवैध/गैर-अनुपालन वाले अपतटीय ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म की 357 वेबसाइट/यूआरएल को ब्लॉक कर दिया है । दो अन्य अलग-अलग मामलों में, डीजीजीआई ने सामूहिक रूप से लगभग 2,400 बैंक खातों को ब्लॉक कर दिया है और लगभग 126 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। डीजीजीआई ने लोगों को सतर्क रहने और अपतटीय ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ने से बचने की सलाह दी है। उक्त बात इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में सांसद सुधीर गुप्ता द्वारा पूछा गया प्रश्न के जवाब में कही। प्रश्नकाल के दौरान सांसद सुधीर गुप्ता ने ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग प्लेटफार्म पर नियंत्रण और काले धन को वैध बनाने को लेकर लोकसभा में प्रश्न किया उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग से आजकल के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और इस पर सरकार द्वारा किस प्रकार से नियंत्रित किया जाता है। उन्होंने कहा कि देश में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग का नेटवर्क गंभीर रूप ले चुका है और डिजिटल इंडिया फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार इस अवैध उद्योग द्वारा प्रति वर्ष 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर का लेन-देन पार कर लिए जाने का अनुमान है। रिपोर्ट में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग उद्योग के विरुद्ध संघर्ष के लिए सरकार और गूगल तथा मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियों के बीच संयुक्त सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया है। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफार्म काले धन को वैध बनाने और कई अन्य अवैध गतिविधियों में भी लिप्त हैं और सरकार द्वारा इन प्लेटफार्मों पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए है और ऐसे 600 से अधिक प्लेटफार्म विदेश से संचालित हो रहे हैं और प्रत्यक्ष रूप से जीएसटी की चोरी में संलिप्त हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि , संविधान के अनुच्छेद 162 के साथ अनुच्छेद 246 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य विधानसभाओं को सट्टेबाजी और जुआ से संबंधित मामलों पर कानून बनाने का अधिकार है। और यह एक राज्य का विषय है और राज्य पुलिस विभाग इस पर पूरी तरह से कार्रवाई कर सकता है।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वर्ष 2022-25 (फरवरी, 2025 तक) के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी/जुआ/गेमिंग वेबसाइटों (मोबाइल एप्लिकेशन सहित) से संबंधित 1410 अवरोधन निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के लिए एलईए को एक ढांचा और पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने हेतु भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (“आई4सी”) की स्थापना की है । गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल भी लॉन्च किया है, ताकि आम जनता साइबर वित्तीय धोखाधड़ी सहित सभी प्रकार के साइबर अपराधों की रिपोर्ट कर सके। इस पोर्टल पर रिपोर्ट की गई साइबर अपराध की घटनाओं को कानून के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्यवाही के लिए संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की कानून प्रवर्तन एजेंसी को भेजा जाता है। पोर्टल में वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें दर्ज करने के लिए अलग-अलग उपाय हैं। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने में सहायता के लिए एक टोलफ्री हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ शुरू किया गया है। टैक्स को लेकर उन्होंने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में आयकर लगाने में निश्चितता लाने के लिए, सरकार ने वित्त अधिनियम, 2023 के तहत कर निर्धारण वर्ष 2024-25 से ऑनलाइन गेम में शुद्ध जीत पर तीस प्रतिशत की दर से आयकर लागू किया है।
इसके अलावा, सरकार ने 1 अक्टूबर, 2023 से ऑनलाइन गेमिंग पर 28% की दर से जीएसटी लागू किया है। ऑनलाइन मनी गेमिंग के आपूर्तिकर्ता को एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 (“आईजीएसटी अधिनियम”) में संदर्भित सरलीकृत पंजीकरण योजना के तहत एकल पंजीकरण प्राप्त करना होगा।