अर्ध गोलाकार पर्वत जहां विराजित है गुफा के अंदर है मां वैष्णो देवी की प्रतिमा दर्शन मात्र से ही होती है भक्तों की मन्नतें पूरी

अर्ध गोलाकार पर्वत जहां विराजित है गुफा के अंदर है मां वैष्णो देवी की प्रतिमा दर्शन मात्र से ही होती है भक्तों की मन्नतें पूरी
सुवासरा। तहसील मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर घसोई में प्राचीन एवं चमत्कारिक स्थल के नाम से विख्यात गुफा माता पृथ्वी की सतह से 200 फीट ऊपर अर्ध गोलाकार पर्वत पर गुफा के अंदर मां महाकाली महालक्ष्मी और सरस्वती वैष्णव देवी कि प्रतिमा विराजित हैं। प्रतिमा के निकट एक उज्जैन भरतहरी गुफा अज्ञात मार्ग साथ में गर्भ गुफा अग्रभाग में एक धुनी है जहां वर्षों पहले को तपस्वी संत यहां पर अपनी तपस्या मंत्र सिद्ध किया करते थे।ऐसी मान्यता है कि पांडवों ने यहां पर कुछ समय अज्ञातवास में बिताया था शैलीकिण पत्थरों में आज भी पांडवों की कलाकारी हमें बोध करवाती है।गुफा के बाहर मां महिषासुर मर्दिनी वीर हनुमान, सिद्धिविनायक गणेश,भैरव की प्रतिमा विराजित है सावन मास में यहां पर हरियाली अमावस्या को को माता को मालपुआ का महा भोग लगता है।जानकारी के अनुसार वर्षों पहले सिरोही जिले से आए देवड़ा परिवार को मां ने सपना दिया था और कहा कि रुणीजा तुम्हारी रियासत है इस पर आप विजय पावो, मेरे दर्शन कर मैं घसोई गांव के अंदर एक गुफा में विराजित हूं।घसोई गांव से गुफा माता जाने के लिए कोई सही मार्ग नहीं है।नवरात्र के दौरान यहां भक्तों के आने-जाने के लिए दो से तीन किलोमीटर रोड के लिए काफी कठिनाइयों का सामना टू व्हीलर फोर व्हीलर चालकों को करना पड़ता है यहां के क्षेत्रीय विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कोई मार्ग को लेकर उदासीनता से इस मार्ग की कायाकल्प नहीं हो सका इसको लेकर पत्रकारों ने गुफा माता समिति के माध्यम से जनप्रतिनिधियों का मंदसौर प्रेस क्लब को ध्यान आकर्षित किया है।