क्या ये जोड़ी तय कर पाएगी मंदसौर का अगला जिलाध्यक्ष…?

या फिर धीर-गंभीर गुप्ता जी फेंक देंगे अपनी गुगली..!
गेंद हाईकमान के पाले में दीक्षित, चौहान और आंजना पर सस्पेंस बरकरार..
मंदसौर :- मंदसौर में भाजपा जिलाध्यक्ष के लिए अंतिम समय तक खींचतान जारी है,जिले के नेताओं से लेकर प्रदेश का नेतृत्व तक फिलहाल किसी एक व्यक्ति पर निर्णायक होता हुआ नजर नहीं आ रहा है जिले में तीन बड़े पावर सेंटरों होने के चलते इस बार जिलाध्यक्ष के लिए तमाम तरह के दांवपेच भी खेले जा रहे है। सभी गुट अपने व्यक्ति को महत्वपूर्ण दायित्व पर देखना चाह रहा है।उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के खेमे में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर सहित अन्य विधायक हे तो वही दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति का नेतृत्व कर चुके सांसद सुधीर गुप्ता है जो हमेशा अपनी गुगली अंतिम समय पर फेखकर चौंकाते रहते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष चयन के अंतिम दौर में राजेश दीक्षित,अजयसिंह चौहान और गणपत आंजना के नामों का पैनल भोपाल पहुंचा है संघ की ओर से अजय सिंह चौहान तो जगदीश देवड़ा और बंशीलाल गुर्जर की ओर से राजेश दीक्षित का होना सामने आया है इधर सासंद सुधीर गुप्ता गणपत आंजना को जिलाध्यक्ष के रूप में देखना चाहते है लेकिन राजनीतिक पंडितों की माने तो अभी इन तीनों नामों में भी सस्पेंस बरकाकर है। जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी जातिगत ओर आरक्षण के समीकरणों को ध्यान में रखकर निर्णय करती है उस हिसाब से देखा जाए तो दो अन्य नामो की भी चर्चा हे जिसमें अनिल कियावत और प्रियंका गोस्वामी का नाम शामिल है अगर तय पैनल वाले नामो पर नेताओं का एकमत नहीं हो पाया तो इन दोनों नामो में से किसी एक पर मुहर लगे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। 10 जनवरी तक प्रदेशभर में भाजपा जिलाध्यक्षों की घोषणा होना है अंतिम मोहर केंद्रीय नेतृत्व की दिल्ली से लगेगी ऐसे में सभी नेता भोपाल से लेकर दिल्ली तक पुरजोर प्रयास में लगे हैं। अब देखना यह होगा की उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर की जोड़ी मिलकर कमाल कर पाती है या फिर सांसद सुधीर गुप्ता अपनी फिरकी फेकने में कामयाब हो पाते हैं।।