समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 02 जनवरी 2025 गुरुवार

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युवा संगम का आयोजन 03 जनवरी को होगा
मंदसौर 1 जनवरी 2025/ श्रीमती अदिती गर्ग द्वारा बताया कि युवा संगम का आयोजन 03 जनवरी 2025 को प्रातः 10:30 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे प्रेक्षागृह शासकीय महाविद्यालय, मंदसौर में आयोजित किया जायेगा।
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ग्राम खण्डेरिया मारू में भूमि आपत्ति हेतु आवेदन 16 जनवरी तक प्रस्तुत करें
मंदसौर 1 जनवरी 2025/ तहसीलदार मंदसौर ने बताया कि मुख्य चिकित्या एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा ग्राम खण्डेरिया मारू तहसील मंदसौर स्थित भूमि सर्वे नम्बर 15 रकबा 11.3400 हेक्टेयर भूमि पर उप स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण किये जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है। यदि किसी को आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति पटवारी ग्राम खण्डेरिया मारू अथवा न्यायालय तहसीलदार तहसील मंदसौर (ग्रामीण) में 16 जनवरी 2025 तक दर्ज करा सकते है । नियत समयावधि के उपरांत प्रस्तुत की गई किसी भी आपत्ति पर विचार नही किया जायेगा।
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प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के चार मिशन से मुख्यमंत्री डॉ. यादव संवारेंगे मध्यप्रदेश
गरीब, युवा, किसान और महिला सशक्तिकरण मिशन से बनेगा स्वर्णिम मध्यप्रदेश
मंदसौर 1 जनवरी 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश विकास के लिए ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सशक्तिकरण को आधार बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आने वाले वर्ष-2025 में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास को आकार देने के संकल्प के साथ चारों मुख्य स्तंभों के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने गरीब कल्याण मिशन, युवा शक्ति मिशन, किसान कल्याण मिशन और महिला सशक्तिकरण मिशन को पूरा करने के लिए अलग-अलग ब्ल्यू-प्रिंट तैयार किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन सशक्तिकरण मिशनों का जनवरी माह से शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री का दृढ़ विश्वास है कि इन चारों स्तंभों को सशक्त बनाकर मध्यप्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय लिखा जा सकेगा। युवा शक्ति मिशन युवा पीढ़ी को उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और खेल के क्षेत्र में कौशल प्रदान करेगा। इससे उन्हें बदलते हुए नौकरी बाजार के लिए तैयार किया जा सकेगा, साथ ही उनमें सक्षम नेतृत्व के गुण विकसित होंगे। महिला सशक्तिकरण मिशन उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता, शैक्षिक अवसर और उद्यमिता के अवसर और प्रोत्साहन देगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगीं और प्रदेश में जेंडर इक्वलिटी को बढ़ावा मिलेगा। किसान कल्याण मिशन उद्देश्य विविधीकरण के साथ ही पशुपालन एवं मछली पालन जैसे सहायक व्यवसायों को एकीकृत करने और कृषि-आधारित उद्यमिता जैसे प्रगतिशील उपायों को वित्तीय सहायता और तकनीकी परामर्श देकर प्रोत्साहित कर खेती को मुनाफे का सौदा बनाने पर फोकस्ड है। गरीब कल्याण मिशन में सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को वित्तीय सहायता, भूमि संबंधी अधिकार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर गरीबी के कुचक्र को तोड़ने में मदद करेगी।
युवा शक्ति मिशन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि ‘युवा शक्ति मिशन’ युवाओं के सशक्तिकरण की मजबूत बुनियाद सिद्ध होगा। मिशन से युवा में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सेवा की भावनाएं विकसित होंगी। साथ ही वह आधुनिक तकनीक के कुशल प्रयोग में सक्षम बनेगा। परिणामस्वरूप युवाओं में सफल एवं सक्षम नेतृत्व के गुण भी विकसित होंगे। ‘युवा शक्ति मिशन’ के सफल क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कौशल विकास के पाठ्यक्रम युवाओं को सहजता से उपलब्ध हो सकें और वह उन्हें आसानी से समझ सकें, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किए हैं। इसका लाभ यह भी है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को इसकी सुविधाएं समान रूप से सुलभ होंगी। मिशन की सफलता के लिए सरकार ने सोशल-मीडिया के माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग करने की रणनीत बनाई गई है, जिससे युवाओं को मिशन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। इससे युवाओं में मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
महिला सशक्तिकरण मिशन
महिला सशक्तिकरण मिशन राज्य में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए डिज़ाइन किया गया है। मिशन का मकसद महिलाओं को पुरुषों के ही समान अवसर उपलब्ध करा प्रदेश जेंडर इक्वलिटी लाना है ताकि प्रदेश में समावेशी समाज की स्थापना हो सके। मिशन के अंतर्गत उनमें शिक्षा और कौशल विकास के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे उनकी रोजगार प्राप्त कर पाने की क्षमता और संभावनाएं बढ़ेंगीं और वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त होगी। मिशन महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा, उन्हें अपने व्यवसाय शुरू करने और उसके सुचारु संचालन के संसाधन, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण के लिए घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसी लैंगिक मुद्दों से निपटने के कार्यक्रम भी शामिल होंगे। यह मिशन महिलाओं में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा और एक सहायक वातावरण तैयार करेगा। साथ ही महिलाओं के लिए कानूनी सहायता, काउंसलिंग और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए वन-स्टॉप सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे। महिला सशक्तिकरण मिशन यह सुनिश्चित करेगा महिलाओं में नेतृत्व कौशल विकसित हो जिससे वे स्थानीय स्तर पर कुशल नेतृत्व करते हुए मध्यप्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
किसान कल्याण मिशन
किसान कल्याण मिशन का उद्देश्य कृषि को उन्नत कर खेती को मुनाफे का सौदा बनाना है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुधरे और वे मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। खेती और किसान अर्थव्यवस्था की मजबूती के महत्वपूर्ण अंग हैं, इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन सुनिश्चित करेगा कि किसान समृद्ध हों और कृषि क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता आए।
मिशन का मुख्य उद्देश्य खेती को लाभप्रद बनाना है। इसके लिए मिशन के अंतर्गत कृषि विविधीकरण, जैविक खेती, खेती में पशुपालन, मछली-पालन जैसे व्यवासायों का एकीकरण और उन्हें बाजारोन्मुखी बनाकर उपज की बाजारों में पहुंच सुनिश्चित करने के साथ किसानों में कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा दिये जाने पर जोर दिया जाएगा। मिशन, किसानों को सीधे बाजारों से जोड़ने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और स्थानीय मेलों का भी आयोजन करेगा, जिससे वे अपनी उपज के लिए उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। किसानों का वित्तीय बोझ को कम करने के लिए मिशन के तहत उन्हें बीज, उर्वरक और उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी दी जाएगी, जिससे उनके खर्चे कम होंगे और आय में वृद्धि होगी। मिशन, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की स्थापना को बढ़ावा देकर किसानों में सहकारिता को प्रोत्साहित करेगा ताकि कृषि क्षेत्र संगठित स्वरूप लेकर आगे बढ़ सके। साथ ही मिशन में किसानों को कृषि तकनीकों और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा।
गरीब कल्याण मिशन
गरीब कल्याण मिशन, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को सशक्त बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक सेवाएं उन तक पहुंच सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को सशक्त बनाने की महत्वपूर्णँ रणनीति का हिस्सा है।
मिशन का मुख्य उद्देश्य गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है, ताकि वंचित वर्ग को कठिन समय में आवश्यक सहायता प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, मिशन इस वर्ग को रोजगार से संबंधित चुनौतियों से निपटने में सक्षम योजनाओं का लाभ दिलाएगा। आर्थिक रूप से पिछड़े, जरूरतमंदों को मिशन में वित्तीय सहायता प्रदान कर आर्थिक सशक्तिकरण में मदद करेगा। बुनियादी सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास तक पहुंच में सुधार किया जाएगा, जिससे गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो सकें। गरीब कल्याण मिशन का उद्देश्य वंचित वर्ग को आर्थिक रूप से समुन्नत बना कर मध्यप्रदेश में आर्थिक विषमता दूर करना है, जिससे गरीब वर्ग भी प्रदेश के विकास में समान रूप से योगदान दे सकें।
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मध्यप्रदेश का शीर्ष स्थान बरकरार, देश में सभी प्रदेशों से अधिक वन क्षेत्र
मंदसौर 1 जनवरी 2025/ मध्यप्रदेश, देश में वन और वृक्ष आवरण में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की संस्कृति वाला हमारा देश सम्पूर्ण जीव-जगत को भी अपना कुटुम्ब ही मानता है। हम सदियों से वनों, पहाड़ों और नदियों को पूजते चले आ रहे हैं। पूर्वजों की इस परंपरा को सहेजे जाने के लिए जैव-विविधता का संरक्षण आवश्यक है। आने वाली पीढ़ियों के लिये वन जीवन को सहेजकर रखना हमारी जिम्मेदारी है।
मध्यप्रदेश कुल वन और वृक्ष आवरण 85 हजार 724 वर्ग किलोमीटर और वनावरण 77.073 वर्ग किलोमीटर के साथ देश का अग्रणी राज्य है। यहां वनों को प्रकृति ने अकूत सम्पदा का वरदान देकर समृद्ध किया है। प्रदेश में 30.72 प्रतिशत वन क्षेत्र है जो देश के कुल वन क्षेत्र का 12.30 प्रतिशत है। यहां कुल वन क्षेत्र 94 हजार 689 वर्ग किलोमीटर (94 लाख 68 हजार 900 हेक्टेयर) है। प्रदेश में 24 अभयारण्य, 11 नेशनल पार्क और 8 टाईगर रिजर्व हैं, जिसमें कान्हा, पेंच, बाँधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा और संजय डुबरी टाईगर रिजर्व बाघों के संरक्षण में लैंडमार्क बन गए हैं।
बाघों को सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिये उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदम
मध्यप्रदेश में बाघों की सुरक्षा और संरक्षण के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं। हाल ही में राजधानी भोपाल से सटे रातापानी अभयारण्य को प्रदेश का 8वां टाईगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। शिवपुरी के माधव वन्य जीव उद्यान को भी टाईगर रिजर्व घोषित के जाने की तकनीकी अनापत्ति जारी कर दी गई है, उम्मीद है कि शीघ्र ही यह प्रदेश का 9वां टाईगर रिजर्व बन जाएगा। रातापानी हमेशा से ही बाघों का घर रहा है। रायसेन एवं सीहोर जिले में रातापानी अभयारण्य का कुल 1272 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र अधिसूचित है। टाईगर रिजर्व बनने के बाद कुल क्षेत्रफल में से 763 वर्ग किलोमीटर को कोर क्षेत्र घोषित किया गया है। यह वह क्षेत्र है, जहाँ बाघ मानवीय हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र विचरण कर सकेंगे। शेष 507 वर्ग किलोमीटर को बफर क्षेत्र घोषित किया गया है। यह क्षेत्र कोर क्षेत्र के चारों ओर स्थित है। इसका उपयोग कुछ प्रतिबंधों के साथ स्थानीय रहवासी कर सकेंगे, इनकी आजीविका इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है। रातापानी की अर्बन फॉरेस्ट से समीपता के कारण भोपाल को अब टाईगर राजधानी के रूप में पहचान मिलेगी। रातापानी के टाईगर रिजर्व बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।
मध्यप्रदेश ने सबसे पहले लागू किया वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम
मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम लागू किया। प्रदेश में वर्ष 1973 में वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम लागू किया गया था। प्रदेश के सतपुड़ा टाईगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सफेद बाघों के संरक्षण के लिये मुकुंदपुर में महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव व्हाइट टाईगर सफारी की स्थापना की गई है, इसे विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। वन्य जीव विशेषज्ञों ने सतपुड़ा टाईगर रिजर्व को बाघ सहित कई वन्य-जीवों के प्रजनन के लिए सर्वाधिक अनुकूल स्थान माना है, इसलिए यह इनके लिए आदर्श आश्रय स्थली है। पेंच टाईगर रिजर्व की ‘कॉलर वाली बाघिन’ के नाम से प्रसिद्ध बाघिन को सर्वाधिक 8 प्रसवों में 29 शावकों को जन्म देने के अनूठे विश्व-कीर्तिमान के कारण ‘सुपर-मॉम’ के नाम से भी जाना जाता है। इसी तरह कान्हा टाईगर रिजर्व में पाए जाने वाले हार्ड ग्राउण्ड बारहसिंगा का संरक्षण भी देश ही नहीं दुनिया भर के लिए विशेष है। इसलिए मध्यप्रदेश में इसे राजकीय पशु का दर्जा दिया गया है।
चीतों की पुनर्स्थापना
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशेष रुचि एवं अथक प्रयासों के फलस्वरूप कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अफ्रीकी चीतों की पुनर्स्थापना की गई। अब इनका कुनबा बढ़ने भी लगा है, जो हमारे लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। भारत में 13 हजार से भी अधिक तेंदुए हैं, जिसमें से 25 प्रतिशत तेंदुए मध्यप्रदेश में हैं। प्रदेश में तेंदुओं की संख्या 3300 से अधिक है। देश में तेंदुओं की आबादी में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि मध्यप्रदेश में यह वृद्धि 80 प्रतिशत आंकी गई है। घड़ियाल, गिद्धों, भेड़ियों, तेंदुओं और भालुओं की संख्या में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। मध्यप्रदेश बाघों का घर होने के साथ ही तेंदुओं, चीतों, गिद्धों और घड़ियालों का भी आँगन है। दुर्लभ स्तनपायी मछली डॉल्फिन भी अत्यंत साफ-सुथरी चंबल में संरक्षित की जा रही है। इस तरह मध्यप्रदेश अन्य राज्यों की जैव-विविधता को सम्पन्न बनाने में भी अपना योगदान दे रहा है।
वन्य जीव कॉरिडोर बनने से कम होगा मानव-वन्य जीव संघर्ष
बाघ एवं तेंदुआ स्टेट का सम्मान मध्यप्रदेश को मिला हुआ है। हमारे प्रदेश में संरक्षित क्षेत्रों के अतिरिक्त खुले वनों में भी 30 प्रतिशत से अधिक बाघ विचरण कर रहे हैं। इससे मानव-वन्य जीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिये विशेष वन्यजीव कॉरिडोर बनाये गये हैं। साथ ही 14 रीजनल रेस्क्यू स्क्वॉड और एक राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड का गठन किया गया है। वन्य जीवों को मानव-वन्य जीव संघर्ष के लिए संवेदनशील क्षेत्रों से रेस्क्यू कर संरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जायेगा, जिससे वन्य जीवों का प्रबंधन एवं संरक्षण अधिक प्रभावी रूप से हो सकेगा।
इन संघर्षों में प्रतिवर्ष औसतन 80 प्रतिशत जनहानि, 15 हजार पशु हानि होती है और 1300 नागरिक घायल होते हैं। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिये शासन ने जनहानि के प्रकरणों में क्षतिपूर्ति राशि को 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। इन प्रकरणों में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 30 दिवस के अंदर क्षति-पूर्ति राशि का भुगतान किया जाता है।
प्रदेश में हाथियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक एलीफेंट-टॉस्कफोर्स का गठन किया गया है। हाथी प्रबंधन के लिये योजना तैयार की जा रही है। इसमें एआई तकनीक के उपयोग से स्थानीय समुदायों की सहभागिता को भी प्रबंधन में सम्मिलत किया जा रहा है। हाथी विचरण क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
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आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के लिए मानक प्रक्रिया एवं आवश्यक निर्देश
मंदसौर 1 जनवरी 2025/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी आयुष्मान भारत योजना डॉ. योगेश भरसट ने आयुष्मान भारत योजना में हितग्राहियों को निशुल्क उपचार प्रदान करने के लिए प्रक्रियाओं और निर्देशों की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं और निर्देशों का पालन करके हितग्राही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार का लाभ सहजता से प्राप्त कर सकते हैं।
हितग्राही अस्पताल पहुँचने के बाद सबसे पहले आयुष्मान योजना के लिए पंजीकृत कियोस्क का पता करें और अपने दस्तावेज़, जैसे आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, समग्र आईडी, पात्रता पर्ची, संबल कार्ड या BoCW कार्ड को आयुष्मान मित्र को दिखाएं। पात्रता सत्यापन के दौरान आयुष्मान मित्र आपके आयुष्मान कार्ड और आधार/समग्र आईडी का मिलान करेगा और उपचार के लिए अस्पताल की पात्रता सुनिश्चित करेगा। सत्यापन के बाद, आयुष्मान मित्र आपको निःशुल्क उपचार की प्रक्रिया समझाएगा और चिकित्सीय परामर्श तथा उपचार की प्रक्रिया शुरू होगी।
उपचार के दौरान हितग्राही को किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं
उपचार के दौरान हितग्राही को किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी उपकरण, दवा या सेवा के लिए अस्पताल द्वारा अतिरिक्त राशि चार्ज की जाती है, तो हितग्राही को तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर इसकी जानकारी देनी चाहिए। उपचार पूरा होने के बाद डिस्चार्ज के समय “निल (शून्य बकाया)” राशि का बिल प्राप्त करना सुनिश्चित करें और अस्पताल से मंगलकामना पत्र लेना न भूलें।
एनएचए हेल्पलाइन नंबर 14555, एसएचए मध्यप्रदेश हेल्पलाइन नंबर 18002332085 पर कर सकते हैं शिकायत
हितग्राही से अपेक्षा की जाती है कि वे उपचार के बाद फीडबैक फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरें और हस्ताक्षर करें। यदि किसी स्तर पर अतिरिक्त राशि की मांग की जाती है या किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो हितग्राही को तुरंत NHA हेल्पलाइन नंबर 14555 या SHA मध्यप्रदेश हेल्पलाइन नंबर 18002332085 पर शिकायत दर्ज करायें।
हितग्राही को क्या करना है (Do’s):
हितग्राही को चाहिए कि वे अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे आयुष्मान कार्ड, पात्रता पर्ची, आधार कार्ड, राशन कार्ड और समग्र आईडी अपने साथ रखें। अस्पताल पहुँचते ही आयुष्मान कियोस्क पर जाएं और आयुष्मान मित्र से अपनी पात्रता की पुष्टि करवाएं। यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल आपकी बीमारी से संबंधित स्पेशलिटी के लिए पैनल में शामिल है। पात्रता की पुष्टि होने के बाद निःशुल्क उपचार प्रक्रिया को समझें और उसका पालन करें। डिस्चार्ज के समय “निल (शून्य बकाया)” राशि का बिल प्राप्त करें और फीडबैक फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरें। साथ ही, अस्पताल से मंगलकामना पत्र लेना न भूलें।
हितग्राही को क्या नहीं करना है (Don’ts)
हितग्राही को कभी भी आवश्यक दस्तावेजों को अस्पताल ले जाना नहीं भूलना चाहिए। निःशुल्क उपचार के दौरान किसी भी परिस्थिति में अस्पताल को अतिरिक्त राशि का भुगतान न करें। यदि किसी विशेष परिस्थिति में राशि मांगी जाती है, तो उसकी उचित रसीद प्राप्त करना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की असत्यापित जानकारी पर भरोसा न करें और किसी भ्रम की स्थिति में तुरंत आयुष्मान मित्र से संपर्क करें। फीडबैक फॉर्म को बिना पढ़े या अधूरी जानकारी के साथ हस्ताक्षर न करें। यदि किसी भी प्रकार कीअनियमितता हो, तो शिकायत दर्ज करने में देरी न करें।
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नपाध्यक्ष श्रीमती गुर्जर ने नपा सभापतिगणों अधिकारीगणों के साथ ट्रेचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया, नववर्ष में कचरे के निष्पादन की व्यवस्था को देखा, दिये आवश्यक निर्देश
मंदसौर। नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर ने नववर्ष के पहले दिन 1 जनवरी 2025 को नपा के सभापतिगणों एवं अधिकारीगणों के साथ नगरपालिका के ट्रेचिंग ग्राउण्ड का आकस्मिक निरीक्षण किया और यहां कचरे के निष्पादन का जो कार्य किया जा रहा है उसे देखा तथा इसके संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। मंदसौर नगर के समीप स्थित महू-नीमच हाईवे पर नपा के ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर पिछले कई वर्षों का कचरा एकत्रित है। इस कचरे का निष्पादन शासन के मापदण्डों व नियमों के अनुसार हो यह सुनिश्चित करने के लिये नपाध्यक्ष श्रीमती गुर्जर ने नपा के सभापतिगण श्रीमती दीपमाला मकवाना, निलेष जैन, सत्यनारायण भांभी, रमेश ग्वाला, श्रीमती निर्मला चंदवानी, श्रीमती कौशल्या बंधवार, श्रीमती शांति फरक्या, सीएमओ सुधीर कुमार सिंह, स्वच्छता बाण्ड एम्बेसडर रामेश्वर मकवाना, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी हेमचंद शर्मा, सीटी मिशन मैनेजर अजय शर्मा, नपा कार्यपालन यंत्री पीएस धारवे, उपयंत्रीगण विधुरानी कौशल, शाहिद मिर्जा, महेश शर्मा आदि कई कर्मचारियों के साथ ट्रेचिंग ग्राउण्ड का आकस्मिक निरीक्षण किया और कचरे के निष्पादन के संबंध में निर्देश दिये।
मुख्य नपाधिकारी श्री सुधीर कुमार सिंह ने नपाध्यक्ष श्रीमती गुर्जर व नपा के जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया कि लगभग 20 दिवस से ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर कचरे के निष्पादन का कार्य चल रहा है। म.प्र. शासन ने टेण्डर प्रक्रिया के द्वारा यहां के कचरे के निष्पादन का कार्य आयुषी हाइजीन दिल्ली को दिया है। टेण्डर प्रक्रिया पुरी होने के बाद लगभग 25 व्यक्तियों के द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से कचरे के निष्पादन का कार्य किया जा रहा है। यहां कचरे का निष्पादन वेस्ट बायोरेमिडेशन नाम दिया गया है। शासन ने कचरे के निष्पादन के लिये लगाई गई। कम्पनी को तय समय सीमा लगभग 6 माह में इस कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया है। कचरे के निष्पादन में खाद, गुड सोईल (अच्छी मिट्टी) प्लास्टिक एवं पॉलीथिन को अलग अलग किया जा रहा है। लगभग 6 माह में उम्मीद है कि पुरा ट्रेचिंग ग्राउण्ड शासन के मापदण्ड के अनुसार क्लीन हो जायेगा ऐसा होने पर स्वच्छता सर्वेक्षण में नपा के रैकिंग और बेहतर होगी।
नपाध्यक्ष श्रीमती गुर्जर ने इस मौके पर ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर बने हर्बल गार्डन व अन्य एक उद्यान को भी देखा तथा दोनों उद्यानों को और विकसित करने के निर्देश नपा सीएमओ को दिये। प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी हेमचंद शर्मा ने अवगत कराया कि शासन ने कचरे के निष्पादन के लिये लगभग 3 करोड़ 42 लाख रू. का टेण्डर आयुषी हाईजिन दिल्ली का मंजूर किया है। इस राशि से कंपनी के द्वारा ट्रेचिंग ग्राउण्ड के पूरे कचरे का निपटान किया जायेगा तथा ट्रेचिंग ग्राउण्ड की पूरी भूमि जो कि लगभग 20 बीघा के लगभग है उस भूमि पर कचरे का निपटान पुरी तरह हो जायेगा। इससे आगामी समय में नपा को स्वच्छता सर्वेक्षण में और अच्छी रैकिंग मिलेगी तथा नगर का नाम देश व प्रदेश में गौरवान्वित होगा।
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मंदसौर द आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा मंदसौर में DSN प्रोग्राम का आयोजन हुआ
मंदसौर द आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा मंदसौर में DSN प्रोग्राम का आयोजन हुआ इसमें मंदसौर ही नहीं अभी तू कोटा एवं आसपास के क्षेत्र से भी आए व्यक्तियों ने पार्टिसिपेट किया DSN मतलब दिव्य समाज का निर्माण इसमें व्यक्ति की अपनी कुशल क्षमता के बारे में सिखाया जाता है एवं व्यक्ति को पूरे जीवन काल में किसी भी परिस्थिति में हो किसी भी कठिनाइयों में हो उसमें कैसे उभरते हैं यह सब कुछ इस DSN कोर्स का हिस्सा रहता है यह कोर्स बेंगलुरु से आए हुए टीचर त्रिलोक नाथ जी त्रिपाठी ने तीन दिन मंदसौर में रहकर किया इस कोर्स में महत्वपूर्ण भूमिका मंदसौर के द आर्ट ऑफ लिविंग के टीचर कमलेश कोठारी ने निभाई एवं आर्ट ऑफ लिविंग के वालंटियर डॉक्टर रमेश कनेसरिया यतींद्र जोशी किरण गरुड़ सुरेश भाटी एवं अंकित सोनी वॉलंटर के रूप में मौजूद रहे यह सूचना आर्ट ऑफ लिविंग के अंकित सोनी ने दी।
इस अवसर पर श्यामलाल बैरागी, अजय बैरागी, ईश्वर खारवा, संजय वर्मा, मोहनलाल माहेश्वरी, चन्द्रप्रकाश सोनी, कृष्णा सोनी, शंकर इंदौरा, अनिल बैरागी, सोभागमल जैन, रमेश गोटवार, मनीष गर्ग, योगेश लोहार, दशरथ लोहार, ओम तानान, मनीष बैरागी, अशोक सोलंकी, राधेश्याम लखारा, सत्यनारायण कुमावत, दशरथ बैरागी, किशोर माली, कुलदीप खेत्रा, मयंक सोनी, गोपाल ग्वाला आदि भक्तों ने उपस्थित रहकर धर्मलाभ लिया।
इस शिविर में अंध श्रृद्धा की ओर जाने से कैसे बचे, डिप्रेशन टेंशन से कैसे छूटे, सही गलत का निर्णय कैसे ले, यज्ञ से स्वास्थ्य लाभ व रोगों का उपचार कैसे हो इन सबके बारे में शिविराध्यक्ष आचार्य अजयजी दर्शनाचार्य भावनगर गुजरात, आचार्य अरूणकुमार आर्यवीरजी मुम्बई महाराष्ट्र, आचार्य संदीपजी दर्शनाचार्य सोनीपत हरियाणा आदि द्वारा बताया जाएगा साथ ही शिविर में आसन, प्राणायाम, ध्यान, दर्शन, सिद्धांत, सत्यार्थ प्रकाश आदि के माध्यम से मानव जीवन के महत्व को क्रियात्मक रूप में बताया जावेगां। मानव जीवन में सुख शांति एवं समृद्धि के साथ आत्मा परमात्मा और प्रकृति के गुढ़ रहस्यों को बताया जावेगा।
आर्य समाज मंदसौर के प्रधान श्री मधुसूदन आर्य ने मंदसौर, नीमच जिले व जावरा के समस्त शिविर में भाग लेने की अपील की है।
दलपतसिंह ने कलेक्टर, एसपी व तहसीलदार को दिया रिपोर्ट आवेदन
दलपतसिंह राजपूत द्वारा दिये गये आवेदन में कहा कि मुझ प्रार्थी की दुकान जो कि महू नीमच रोड कंचनारा तह दलौदा जिला मंदसौर में स्थित है तथा उसके पास में 3 अन्य दुकान है तथा उक्त दुकान का नामांतरण होना शेष था जिसके नामांतरण हेतु 01 साल पहले ग्राम कचनारा का चोकीदार रमेश आंजना के द्वारा प्रत्येक दुकान के नामांतरण हेतु 10,000/- रू. की मांग कि तथा उसके 07 माह पहले मोजा पटवारी के द्वारा कहा गया कि उक्त दुकान का डायवर्सन कराओ जब में प्रार्थी डायवर्सन हेतु तहसील दलौदा में आया तो वंहा पर मुझे मेरे गावं का व्यक्ति जितेन्द्र सिंह सोलंकी मिला ओर बोला कि वकील हूं में डायवर्सन करवा दूंगा तथा पटवारी डायर्वसन नहीं करायेगा तथा उसने मुझ प्रार्थी से 1,000 रूपये लिये तथा उसके बाद कुछ दिन बाद बोला कि आगे रूपये देने पड़ेगे तो तो उसने मुझ प्रार्थी से 3,000 रूपये की मांग की तो मुझ प्रार्थी के द्वारा मेरी दुकान पर उसे उधार लेकर 3,000 रूपये दे दिये इस तरह मेने उसे 4 हजार रूप्ये दिये तथा उसके बाद मेने उसे कॉल किया तो उसके बिना सील साईन का आदेश दिया तो मेने कहा कि इस पर सील नहीं है तो फिर रमेश चौकीदार व जितेन्द्र सिंह दोनो वाल्मकी जयंती के दिन दोनो ने कहा कि हम एस डी एम महोदय के घर पर ही है ओर आज तुम्हे आदेश लाकर दे देंगें। तथा बाद में मुझे पता चला कि वह ना तो वकील है ना ही उसके पास तहसील में बैठने का कोई लाइसेंस है वह गांव के अन्य लोगो से भी काम करने के लिये रुपये लेता है। उसके बाद मुझ प्रार्थी के द्वारा स्वयं ही आवेदन लगाकर उक्त आदेश की प्रमाणित कॉपी प्राप्त की तथा उसने कहा था की चारो दुकान के एक साथ आदेश हो जावेंगे किंतु केवल दो ही आदेश है तथा इसके संबंध में मुझ प्रार्थी के द्वारा समस्त सबूत ऑडियो वीडियो उपलब्ध है।
मोजा पटवारी के द्वारा 3 बार मुझ प्रार्थी के खेत का सीमांकन किया गया तथा मुझ प्रार्थी को एक भी बार नोटिस नहीं दिया है तथा जिसके संबंध में कार्यवाही की जावे।
दलपत सिंह राजपूत ने की मांग की कि जितेन्द्र सिंह सोलंकी कचनारा व ग्राम कचनारा चौकीदार रमेश आजना व इसमे सम्मिलित सभी के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही की जावे।
अ.भा.वि.प. के नगर मंत्री ने किया खण्डन
नरसिंह कुमावत को दायित्व मुक्त करने का समाचार भ्रामक है तथा वह वर्तमान में भी उनके दायित्व पर आसीन है।
श्री बड़े बालाजी मंदिर पर 7 जनवरी को होगा शुभारंभ
उक्त जानकारी देते हुए मंदिर समिति अध्यक्ष पं. दिलीप शर्मा, प्रवक्ता रवि ग्वाला, सदस्यगण विनय दुबेला, नरेश चंदवानी, दिनेश जोशी (ऊँ शांति), चौथमल शर्मा, सज्जनलाल खमेसरा, नारायण पालीवाल, अनिल सुराह, महेन्द्रसिंह सिसौदिया, हेमन्त सुरा, शिवशंकर सोलंकी, कपिल सोलंकी, राजाराम तंवर, जीवनलाल गोसर, वरदीचंद कुमावत, मुन्ना बैटरी, विनोद रूनवाल आदि ने जरूरतमंदों से भोजन का लाभ लेने की अपील की है।
मन्दसौर। मंगलवार को मंदसौर में पीजी कॉलेज के बाहर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रितिक पटेल के नेतृत्व में प्रदर्शन कर एबीवीपी का पुतला दहन किया। राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस में फायर ब्रिगेड का इस्तेमाल कर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गिला किया।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रितिक पटेल ने बताया कि लगातार पीजी कॉलेज से खबर आती है एबीवीपी के पदाधिकारी बिना कॉलेज में काम किए कॉलेज से तनख्वाह ले रहे है इस तरह से कॉलेज में लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है हमने पहले भी कई बार प्रदर्शन- आंदोलन किए लेकिन आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कॉलेज में भ्रष्टाचार बंद हुआ। आज प्रदर्शन के दौरान पुलिस के रवैया को देखते हुए लगता है कि पुलिस भी भ्रष्टाचार को दबाने में लगी हुई है इस कड़कती हुई ठंड में एनएसयूआई के साथियों के ऊपर वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है जो निंदनीय है ।
प्रदर्शन के दौरान दुर्गाशंकर धाकड़, आदर्श जोशी, सोनिया जैन,ज्योति सोनी, यश श्रीवास्तव, हरीश पाटीदार, हरिओम बैरागी, कृष्णपाल सिंह पंवार, रोहित मालवीय, अरबाज मंसूरी, हरपाल सिंह भाटी, दीपक लाड, पृथ्वीराज राठौर, पवन गहलोत, अकरम शाह, हर्ष ग्वाला अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

श्रमदानियों ने कहा कि जहां देव विराजमान है उस स्थल को साफ स्वच्छ रखना भी हमारा कर्तव्य है। यहां पर पेड़ पौधे लगाकर व नियमित सफाई कर पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता की जा सकती है।
श्रमदान के प्रभारी ने आव्हान किया कि पुलिस कॉलोनी व धार्मिक व सामाजिक संस्था इस कार्य को पूर्णता की ओर पहुंचाये ताकि मंदिर व पार्क साफ हो सके।
श्रमदानी रमेश सोनी व हर्ष शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वार्ड के पार्षद भी अपनी टीम लेकर पहुंचे। वोट मांगने के साथ इस कार्य को भी महत्व दे ताकि जनता वार्ड के पार्षद को देख सके कि हमने जिनको वोट दिया है उन्होंने भी श्रमदान में भाग लिया है। शासन प्रशासन भी वार्ड व पार्क में सफाई अभियान चलाये।
श्रमदान में सहयेाग प्रदान करने वालों में सुरेश वाघमारे, विकास बड़ोलिया, सौरभसिंह सिसौदिया, रोहित पाल, संजयसिंह तोमर, हर्ष शर्मा, रमेश सोनी, योगेशसिंह सोम, अंकित ने सहभागिता की।