भांजे को आत्महत्या के लिये मजबुर करने वाली मामी को 7 साल की सजा

भांजे को आत्महत्या के लिये मजबुर करने वाली मामी को 7 साल की सजा
सीतामऊ। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान मुनेन्द्र सिंह वर्मा सीतामऊ द्वारा आरोपिया सरोजबाई पति अमृतलाल देवड़ा उम्र 32 वर्ष, नि.चमारिया नाका सरस्वती नगर, रतलाम, जिला-रतलाम (म.प्र.) को आत्महत्या के लिये प्रेरित मामले में दोषी पाते हुए धारा 306 भा.द.वि. में 07 वर्ष सश्रम कारावास व 5000 रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया।
19.03.2020 को सूचनाकर्ता दीपक के द्वारा थाना सीतामऊ में सूचना दी कि मृतक विजय द्वारा अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उक्त सूचना पर से पुलिस थाना सीतामऊ द्वारा मर्ग कायम किया जाकर मर्ग जांच उपरांत आरोपिया के सरोजबाई पति अमृतलाल देवड़ा के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गयी। प्रकरण की विवेचना के दौरान साक्षीगण ने अपनो कथनों में बताया कि मृतक का अपनी मामी सरोज से प्रेम संबंध थे। मृतक विजय अपना पूरा वेतन सरोजबाई को देता था। जब भी मृतक विजय की शादी की बात चलती तो सरोजबाई उसे बोलती थी कि अगर शादी की तो उसे झूठे बलात्कार के केस में फंसा देगी तथा उसे मानसिक रूप से प्रताडित करती थी तथा फोन पर भी धमकिया देती थी जिससे मृतक विजय मानसिक रूप से परेशान हो गया था तथा सरोजबाई द्वारा उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताडित करने के कारण उसने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली।
अपर सत्र न्यायाधीश श्री मुनेन्द्र सिंह वर्मा सीतामऊ द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तथ्यों एवं तर्कों के आधार पर आरोपिया सरोजबाई पति अमृतलाल देवड़ा उम्र 32 वर्ष, नि.चमारिया नाका सरस्वती नगर, रतलाम, जिला-रतलाम (म.प्र.) को आत्महत्या के लिये प्रेरित करने के मामले में दोषी पाते हुए धारा 306 भा.द.वि. में 07 वर्ष सश्रम कारावास व 5000 रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया।
प्रकरण में अभियोजन का सफल संचालन अपर लोक अभियोजक श्री विजय कुमार पाटीदार एवं ए.डी.पी.ओ. श्री एस. आर. गरवाल द्वारा किया गया।