फैसला: पत्रकार व अन्य व्यक्ति से मारपीट करने वाले डॉक्टर गुप्ता दंपति और दो साथियों को अर्थदंड व सश्रम कारावास कि सजा

फैसला; पत्रकार व अन्य व्यक्ति से मारपीट करने वाले डॉक्टर गुप्ता दंपति और दो साथियों को अर्थदंड व सश्रम कारावास कि सजा
नीमच।न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमती अंकिता गुप्ता, नीमच के द्वारा खबर छापने की बात को लेकर फरियादी पत्रकार एवं मेडिकल स्टोर संचालक के साथ मारपीट करने वाले दो आरोपीगण (01) डाँ. संजय गुप्ता पिता हरिनारायण गुप्ता, उम्र-53 वर्ष एवं (2) डाँ. सुजाता गुप्ता पति संजय गुप्ता, उम्र-52 वर्ष, दोनो निवासी-गुप्ता नर्सिंग होम, कॉलेज रोड, जिला नीमच को धारा 323/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 माह के सश्रम कारावास व 1000-1000रू. अर्थदण्ड एवं धारा 342 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 माह के सश्रम कारावास व 1000-1000रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया एवं अन्य दो आरोपीगण (3) दिलीप पिता मदन बसेर, उम्र-29 वर्ष एवं (4) रामप्रहलाद उर्फ प्रहलाद बसेर, उम्र-29 वर्ष, निवासी-कालियाखेड़ी, गुजराल, थाना नारायणगढ़, जिला मन्दसौर को धारा 323/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 माह के सश्रम कारावास व 1000-1000रू. अर्थदण्ड, धारा 342 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 माह के सश्रम कारावास व 1000-1000रू. अर्थदण्ड एवं धारा 452 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास व 3000-3000रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं श्री विपिन मण्डलोई द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 8 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 08.03.2018 को सुबह के लगभग 10ः30 बजे गुप्ता नर्सिग होम, नीमच की हैं। दिनांक 07.03.2028 को फरियादी पत्रकार राकेश सोन के मोबाईल पर रात्री के समय आरोपी संजय गुप्ता ने फोन लगाकर बच्चे बदलने वाले समाचार को लेकर बात की एवं नर्सिंग होम आने को कहा, जिस पर उसके द्वारा सुबह आने को कहा गया। दिनांक 08.03.2018 को सुबह वह अपने कैमरामेन राजा प्लास के साथ नर्सिंग होम पहुंचा, जहां पर आरोपीगण डॉ. संजय गुप्ता एवं डॉ. सुजाता गुप्ता ने कैबिन में समाचार को लेकर बात-चीत करते हुवे उससे विवाद किया व इसी दौरान डाँ. संजय गुप्ता उसके साथ मार-पीट करने लगे और कहा कि मैंने उसे भी बुलवाया है, जो तुम्हें खबरें देता हैं। इतनी देर में आरोपीगण प्रहलाद व दिलीप भी आ गये व उन्होंने ने भी कैबिन बंद कर उसके साथ लात-घूसों से मारपीट जिस कारण उसका चश्मा टूट गया था व घटना के दौरान डॉ. सुजाता गुप्ता कैबिन का दरवाजा बंद करके खड़ी रही थी। इसी बीच आरोपीगण प्रहलाद एवं दिलीप बहार निकलकर नर्सिग होम के बहार स्थित नाकोड़ा मेडिकल स्टोर में घुसकर मेडिकल स्टोर संचालक महावीर जैन के साथ भी मारपीट करते हुवे उसको कैबिन में लेकर आ गये। इतनी देर में कैबिन के बहार महावीर जैन के परिजनों के आ जाने पर कैबिन से सबको बहार निकाला गया। फरियादी ने घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना नीमच सिटी लिखाई, जिस पर से अपराध पंजीबद्ध किया गया और आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी, आहत व सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री विपिन मण्डलोई, एडीपीओ द्वारा की गई।



