समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 06 अप्रैल 2026 सोमवार

जैविक हाट बाजार में 63,320 रुपए से अधिक के जैविक उत्पादों का विक्रय
रतलाम : रविवार, अप्रैल 5, 2026

परियोजना संचालक आत्मा श्री निर्भय सिंह नर्गेश ने बताया कि रविवार को जिले में आयोजित जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार में विभिन्न विकासखंडों से आए किसानों ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का विक्रय किया। हाट बाजार में कुल 10 जैविक कृषक अपने उत्पाद लेकर पहुंचे और उपभोक्ताओं ने उत्साहपूर्वक जैविक उत्पादों की खरीदारी की।
धामनोद से आए किसान श्री चंद्रभानु द्वारा अनाज, दालें, सब्जियां, फल एवं मूंगफली का 42,000 रुपये का विक्रय किया गया। श्री दिलीप धाकड़ द्वारा शहद 5180 रुपये का , श्री उमेश धाकड़ (बांगरोद) द्वारा घी एवं दूध सहित जैविक उत्पाद 1500 रुपए के, श्री बालकृष्ण तिवारी द्वारा सोना मोती एवं खपली प्रजाति का गेहूं 1200 रुपए का, दिलीप पाटीदार ने घी एवं दूध उत्पाद 10000 रुपए के, नरसिंह कालजी द्वारा हरी सब्जियां 1600 रुपए की श्री राजेंद्र सिंह द्वारा 1000 रुपए के उत्पाद विक्रय किए गए
जैविक हाट बाजार में कुल 63,320 रुपये से अधिक के जैविक उत्पादों का विक्रय हुआ।
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किसान भाई नरवाई ना जलावें – पर्यावरण बचायें नरवाई जलाने पर 15 हजार तक आर्थिक दण्ड का प्रावधान
रतलाम : रविवार, अप्रैल 5, 2026,
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री आर के सिंह ने बताया कि जिले में नरवाई जलाने को लेकर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश एवं कृषि एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग के निर्देशानुसार सांझा रूप से आयोजित यंत्रों के प्रदर्शन एवं व्यापक प्रचार प्रसार के फलस्वरुप जिले के कृषको को नरवाई जलाने के बजाय नरवाई के प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है एवं अपनाने की अपील की जा रही है।
किसान भाई नरवाई ना जलाकर प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। नरवाई प्रबंधन में उपयोगी कृषि यंत्रों जैसे स्ट्रा रीपर, मल्चर, देशी पाटा, रोटावेटर एवं रिवर्सिबल प्लाऊ की बढ़ती बिक्री इस बात का संकेत है कि रतलाम जिले के किसान नरवाई प्रबंधन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
जिले के कुछ किसान भाई जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन कर नरवाई जलाने का कृत्य कर रहे हैं। जो कि सेटेलाइट के माध्यम से रिकॉर्ड हो रहा है, वर्तमान में दिनांक 4 अप्रैल 2026 तक जिले में कुल 34 घटनाएं दर्ज की गई हैं जिसमें पंचनामे तैयार कर तहसील स्तर पर कार्यवाही हेतु प्रेषित किये गये है। नरवाई जलाने वाले किसानों पर 2 एकड तक रू. 2500 प्रति घटना एवं 2 से 5 एकड तक की भूमि पर रू. 5000 प्रति घटना व 5 एकड से अधिक भूमि वाले किसानों पर रू. 15000/- प्रति घटना आर्थिक दण्ड वसूल किये जाने के आदेश प्रसारित किये गये है।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री आर.के.सिंह ने किसान भाईयों से अपील की है कि किसान भाई नरवाई ना जलाकर नरवाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करें, जिले में सतत विकास एवं सतत कृषि की अवधारणा को साकार करने हेतु भागीदार बने



