सुवासरा में भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर भव्य शोभायात्रा, समाज ने किया स्वागत

सुवासरा में भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर भव्य शोभायात्रा, समाज ने किया स्वागत
रिपोर्टर: पंकज बैरागी
सुवासरा -नगर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जैन स्थानकवासी एवं जैन मूर्तिपूजक श्रीसंघ द्वारा तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया।
मंगलवार, 31 मार्च को प्रातः स्थानीय जैन मंदिर से भगवान महावीर की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई दोपहर 12:30 बजे तारनोद रोड स्थित जैन दादाबाड़ी मांगलिक परिसर पहुंची।
शोभायात्रा के दौरान नन्हे-मुन्ने बालक-बालिकाओं द्वारा भक्ति गीतों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। इस अवसर पर जैन समाजजनों द्वारा ध्वजा एवं कलश की बोली लगाई गई तथा विधि-विधान से भगवान महावीर की पूजा-अर्चना की गई।
मातृशक्तियों ने विशेष रूप से गुलाबी एवं केसरिया वस्त्र धारण कर सोलह श्रृंगार के साथ भगवान महावीर की महाआरती की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं व्यवसाय उन्नति की कामना की।
शोभायात्रा का नगर में सर्वधर्म समाज, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन किया गया। सिंधिया सभा चौक पर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. बालाराम परिहार एवं विधायक हरदीप सिंह डंग की उपस्थिति में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर जैन समाज का स्वागत किया।
इस अवसर पर भाजपा के कई पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सिंधिया सभा चौक पर शोभायात्रा का स्वागत कर सामाजिक समरसता का परिचय दिया। कांग्रेस के जिला एवं शहर स्तरीय अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे।
भगवान महावीर स्वामी को अहिंसा, त्याग और करुणा का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने “जियो और जीने दो” का संदेश देकर विश्व को शांति और मानवता का मार्ग दिखाया। उनका जीवन आत्मसंयम, समानता और करुणा का अनुपम उदाहरण है।
उन्होंने राज-पाठ का त्याग कर 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद केवलज्ञान प्राप्त किया और मानव कल्याण के लिए अपने सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया। उनके द्वारा प्रतिपादित अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह एवं आत्मसंयम के सिद्धांत आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इस भव्य आयोजन में नगर के सभी समाजों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिसने सुवासरा में सामाजिक सौहार्द, एकता और भाईचारे का सुंदर संदेश दिया।
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