देशनई दिल्ली

दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, 01 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण 

दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, 01 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण 

▪️पहली बार, जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी, और पहली बार ‘स्व-गणना’ का विकल्प भी उपलब्ध होगा

▪️अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, NDMC और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्व-गणना, और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक ‘मकान सूचीकरण और आवास जनगणना’ आयोजित की जाएगी

▪️स्व-गणना एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा के माध्यम से होगी, उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व 16 भाषाओं में अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे

▪️प्रगणक अपने स्मार्टफ़ोन का उपयोग करके, सीधे मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे और जमा करेंगे

▪️डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं

▪️पूरे देश में जनगणना 2027 में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे।

▪️भारत की पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। जनगणना 2027 श्रृंखला की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी।

▪️भारत सरकार ने जनगणना 2027 के लिए ₹11,718.24 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें प्रगणकों के मानदेय, प्रशिक्षण, आईटी अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स आदि के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है।

भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण ने आज नई दिल्ली में जनगणना-2027 पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसका पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। पहली बार, जनगणना डिजिटल रूप में आयोजित की जाएगी, और पहली बार ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, NDMC और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्व-गणना और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और आवास जनगणना आयोजित की जाएगी।

सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी।

 

ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी।

यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं।

मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे-

1. आपदा में सटीक राहत, 2. परिसीमन में मदद मिलेगी, 3. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी ,4. शहरीकरण और पलायन दर का डेटा मिलेगा, 5. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हट जाएंगे।

भारत की पहली डिजिटल जनगणना बुधवार से शुरू होगी 33 प्रश्न पुछे जाएंगे –

पहले चरण की प्रश्नावली में भवन की पहचान, स्वामित्व की स्थिति, निवासियों की संख्या, जल एवं स्वच्छता सुविधाएं, विवाहित जोड़े, डिजिटल और परिवहन संपत्तियां शामिल हैं।

भवन की पहचान, आवास सामग्री (फर्श, दीवार, छत), स्वामित्व की स्थिति, निवासियों की संख्या, जल और स्वच्छता सुविधाएं, खाना पकाने का ईंधन, विवाहित जोड़े और इंटरनेट, स्मार्टफोन, वाहन और घरेलू उपकरण जैसे डिजिटल और परिवहन संसाधनों तक पहुंच जैसे प्रमुख विवरण शामिल हैं।

इन 33 सवालों के जवाब देने होंगे…

1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकारी अथवा जनगणना नंबर)

2 मकान नंबर

3. मकान के फर्श में प्रमुख सामग्री

4. मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री

5. मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री

6. मकान के उपयोग

7. मकान की हालत

8. परिवार क्रमांक

9. परिवार के सदस्यों की संख्या

10. परिवार के मुखिया का नाम

11. परिवार के मुखिया का लिंग

12. अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति /अन्य

13. मकान के स्वामित्व की स्थिति

14. मकान में कमरों की संख्या

15. परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या

16. पेयजल का मुख्य स्रोत

17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता

18. लाइट का मुख्य स्रोत

19. शौचालय की उपलब्धता

20. शौचालय का प्रकार

21. गंदे पानी की निकासी

22. स्नानघर की उपलब्धता

23. रसोईघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन

24. खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन

25. रेडियो/ट्रांजिस्टर

26. टेलीविजन

27. इंटरनेट सुविधा

28. लैपटॉप/कम्प्यूटर

29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन

30. साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड

31. कार/जीप/वैन

32. मुख्य अनाज

33. मोबाइल नंबर

घर की स्थिति: घर का नंबर, छत, दीवार और फर्श में इस्तेमाल सामग्री (कच्चा/पक्का)।

सुविधाएं: पीने के पानी का मुख्य स्रोत, बिजली की उपलब्धता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी और स्नानगृह।

खाना पकाने का ईंधन: LPG/PNG कनेक्शन या अन्य ईंधन का उपयोग।

संपत्ति और वाहन: रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर या कार का स्वामित्व।

परिवार विवरण: परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, और परिवार में रहने वाले लोगों की कुल संख्या।

सामाजिक स्थिति: परिवार के मुखिया का सामाजिक वर्ग (SC/ST/OBC/General)।

वैवाहिक स्थिति: घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, साथ ही स्थिर लिव-इन जोड़ों को भी शामिल करना।

मुख्य भोजन: परिवार में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला अनाज।

जनगणना पोर्टल के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) अनुभाग के अनुसार, साथ रहने वाले जोड़ों को विवाहित जोड़ों के रूप में गिना जाएगा “यदि वे अपने रिश्ते को एक स्थिर बंधन मानते हैं”।

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बड़ा स्पष्टिकरण

एफएक्यू में कहा गया है, “क्या लिव-इन संबंध में रहने वाले जोड़े को विवाहित जोड़ा माना जाएगा? यदि वे हमेशा के लिए एक-दूसरे को अपना मानते हैं, तो उन्हें विवाहित जोड़े के रूप में माना जाए।

“पहले चरण के दौरान जनगणना करने वाले के आने से 15 दिन पहले स्व-गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहले से ही अपना विवरण जमा करने की सुविधा मिलेगी।

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