
रिपोर्टर जितेंद्र सिंह चंद्रावत जडवासा
बाछड़ा समुदाय की गरिमा पर हमला करने वाले आरोपी जीवन सिंह शेरपुर के खिलाफ SC/ST एक्ट में FIR दर्ज – युवाओं की एकजुटता लाई रंग
रतलाम। बांछड़ा समुदाय के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दिनांक 30 जनवरी को जीवन सिंह शेरपुर द्वारा सार्वजनिक मंच से बांछड़ा समुदाय (अनुसूचित जाति) के विरुद्ध अत्यंत आपत्तिजनक एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पूरे समुदाय को देहव्यापार से जोड़कर बदनाम किया गया था। इस अमर्यादित बयान का वीडियो नीमच, मंदसौर एवं रतलाम जिलों में तेजी से वायरल हुआ, जिससे समुदाय की महिलाओं, युवतियों और स्कूली बच्चियों को सामाजिक अपमान और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा।
इस घटना के विरोध में समुदाय के युवाओं ने संगठित होकर न्याय की लड़ाई शुरू की। 7 फरवरी को संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन प्रारंभ में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बावजूद समुदाय के युवाओं ने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखे।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ग्राम पिपलियाजोधा में बच्चे स्कूल जाने में भी डर रहे थे और उनके खिलाफ पुनः अपमानजनक टिप्पणियाँ कर वीडियो वायरल किया गया। यह केवल एक व्यक्ति का कृत्य नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की गरिमा, शिक्षा और भविष्य पर सीधा हमला था।
आखिरकार, समुदाय के युवाओं की दृढ़ता और एकजुटता रंग लाई। पुलिस अधीक्षक रतलाम को दिए गए आवेदन के बाद अब आरोपी जीवन सिंह शेरपुर के खिलाफ पुलिस थाना रिंगनोद जिला रतलाम द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर ली गई है।
यह कार्रवाई न केवल न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि किसी भी समुदाय की गरिमा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बांछड़ा समाज ने स्पष्ट किया है जो पड़े लिखे समुदाय के युवा युवितयों जो देहव्यापार से दूर है वे अपने सम्मान, अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर स्तर पर संघर्ष करते रहते है।
समाज के विरुद्ध अशोभनीय टिप्पणी पर मुकदमा दर्ज करने एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन
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