समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 24 मार्च 2026 मंगलवार

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जिला अस्पताल में एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए प्रतिदिन चलाए विशेष कैंप
साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक संपन्न
मंदसौर 23 मार्च 26/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक सुशासन भवन स्थित सभागृह में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि जिला अस्पताल में एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए प्रतिदिन विशेष कैंप चलाएं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तथा अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें। नगर पालिका सीएमओ को अभियान में विशेष समन्वय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पार्षदों के साथ बैठक आयोजित कर बच्चों एवं उनके माता-पिता की काउंसलिंग करने और उन्हें एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
जिला आपूर्ति अधिकारी को एलपीजी गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। भूमि आवंटन के संबंध में निर्देशित किया गया कि नगरीय निकाय किसी भी विभाग की भूमि से मार्ग निकालने से पूर्व संबंधित विभाग की अनुमति अनिवार्य रूप से लें।
बैठक में राजस्व वसूली की समीक्षा भी की गई। इसके अतिरिक्त अलसी डंठल प्रबंधन पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने किसानों की पहचान कर रेशा निर्माण की दिशा में कृषि विभाग को आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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आम आदमी पार्टी के पेंशनर प्रदेश अध्यक्ष श्री वर्मा ने सरकार को लिखा पत्र।
जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जल संरक्षण हेतु जन-जागरूकता रैली का हुआ आयोजन
मंदसौर 23 मार्च 26 / जनअभियान परिषद के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम (सीएमसीएलडीपी)’ के अंतर्गत ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत ‘जल शक्ति से नव भक्ति’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राओं द्वारा जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु रैली निकाली गई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने जल संरक्षण से संबंधित नारे लगाकर आमजन को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया।
जिटो संस्था मदद के लिए आगे आई, शहीद कंचनबाई के परिवार को 3 लाख की सहायता
कंचनबाई के साहस को नमन, बच्चों के भविष्य के लिए बढ़े मदद के हाथ
नीमच। ग्राम रानपुर की शहीद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचनबाई मेघवाल के परिवार के लिए जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जिटो) मददगार बनकर सामने आया है। जिटो ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए कंचनबाई के परिजनों को कुल 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे संकट के दौर से गुजर रहे परिवार को बड़ा संबल मिला है।
करीब एक माह पूर्व कंचनबाई मेघवाल ने मधुमक्खियों के हमले के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना 20 से अधिक मासूम बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन स्वयं हजारों डंक झेलते हुए शहीद हो गईं। उनके इस अद्भुत साहस और बलिदान ने पूरे जिले ही नहीं, देशभर में लोगों को भावुक कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर इंदौर के समाजसेवी एवं जिटो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलेश सोजतिया ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार की वास्तविक स्थिति की पड़ताल कराई। इस दौरान जांच में सामने आया कि परिवार बेहद गरीब है, दिवंगत कंचनबाई के पति लकवाग्रस्त होकर बिस्तर पर हैं, बेटा रवि बेरोजगार है, जबकि दोनों बेटियों वर्षा और चंदा का विवाह हो चुका है। परिस्थितियों को देखते हुए कमलेश सोजतिया ने मुंबई के शांतिलाल गोलेछा सहित जिटो के पदाधिकारियों से चर्चा कर आर्थिक सहयोग का निर्णय लिया। जिटो इंदौर यूथ चैप्टर के चेयरमैन उद्योगपति प्रतीक सूर्या के सौजन्य से सहायता राशि तय की गई।
शुक्रवार को जिटो नीमच महिला विंग की चेयरपर्सन रिंकू राठौर के नेतृत्व में ग्राम रानपुर पहुंचकर कंचनबाई के पुत्र रवि मेघवाल को 2 लाख रुपए तथा पुत्रियों वर्षा और चंदा को 50-50 हजार रुपए के चेक सौंपे गए। इस मौके पर वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़े कमलेश सोजतिया ने कहा कि जिटो आगे भी ऐसे साहसिक कार्य करने वाले लोगों और उनके परिवारों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। वरिष्ठ पत्रकार जिनेन्द्र सुराना ने कहा कि जिटो ने जात-पात से ऊपर उठकर दिवंगत कंचनबाई के परिवार की मदद कर मानवता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। सरपंच लालाराम रावत सहित ग्रामीणों ने कंचनबाई के त्याग को नमन करते हुए जिटो की इस पहल की सराहना की और सभी ने एक स्वर में कहा कि कंचनबाई का बलिदान समाज के लिए प्रेरणा है और उनका यह साहस हमेशा याद रखा जाएगा।
इस दौरान इस अवसर पर जिटो की मेंबर आशा सांभर, सुमन भंडारी और संगीता सखलेचा, जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार, पत्रकार संजय शर्मा, नीलेश रावल, मेघवाल समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश जावरिया सहित कन्हैयालाल मेघवाल, डॉ. प्रहलाद डांगी, अमृत जलवानिया, कैलाश मेघवाल और भारत मेघवाल भी मौजूद थे।
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जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर परिषद पिपलिया मंडी ने की नाले की सफाई
मंदसौर 23 मार्च 26 / नगर परिषद पिपलिया मंडी द्वारा आज जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत शहर के प्रमुख नालों की साफ-सफाई का कार्य किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखना एवं जल संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना है।
कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने नालों में जमा गंदगी, प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को हटाकर स्वच्छता सुनिश्चित की। साथ ही आसपास के नागरिकों से अपील की गई कि वे नालों में कचरा न डालें तथा स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभियान निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि जल स्रोतों का संरक्षण हो सके और शहर को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाया जा सके।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की भी सहभागिता रही, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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शीतला माता मंदिर स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण,
22 मार्च को गणपति नगर व इंदिरा नगर क्षेत्र से निकलेगी 125 मीटर लंबी भव्य चुनरी यात्रा
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सेवोत्तम प्रकोष्ठ के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के संबंधित प्रशिक्षण दिया गया
मंदसौर 23 मार्च 26/ कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग के निर्देशन में ई दक्ष केंद्र मंदसौर में सेवोत्तम प्रकोष्ठ के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010, सीएम हेल्पलाइन, सीपीग्राम संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर श्री सत्येंद्र राठौर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से सुशासन गुड गवर्नेंस के संबंध में महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। साथ ही सीएम हेल्पलाइन के संतुष्टि पूर्वक व गुणवत्तापूर्ण निराकरण के संबंध में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के निराकरण के संबंध में ग्रेडिंग पैरामीटर, ग्रेडिंग माह की शिकायतों के निराकरण के संबंध में, निम्न गुणवत्ता से बंद शिकायत, मर्ज शिकायत, मांग व सुझाव स्पेशल क्लोज़र शिकायतें, नॉट अटैंड शिकायतें, कार्य क्षेत्र से बाहर की गई। शिकायतें 50 दिवस 100 दिवस से अधिक दिनों तक लंबित शिकायतों एवं सीएम डैशबोर्ड, क्षेत्रवार रिपोर्ट मुख्यमंत्री समाधान ऑनलाइन पर शिकायतों के निर्धारण संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी साझा की गई।
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जिले में आंगनवाड़ी बच्चों का ‘विद्यारंभ समारोह’ कार्यक्रम 24 मार्च को
मिलेगा ‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’
मंदसौर 23 मार्च 26/ जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी बी.एल. बिश्नोई द्वारा बताया गया कि जिले की कुल 1 हजार 735 आंगनवाड़ी केन्द्रों मे पंजीकृत 5-6 वर्ष के समस्त बच्चों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा प्राप्त कर स्कूल मे प्रवेश की पात्रता वाले बच्चों को 24 मार्च 2026 को बाल चौपाल के अवसर पर ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम मे स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, प्राथमिक शाला के शिक्षकों एवं अभिभावकों को आमंत्रित कर विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण किया जायेगा।
कार्यक्रम का मुख्य उददेश्य आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत 5-6 वर्ष के समस्त बच्चो को प्राथमिक शाला मे सहज रूप से स्थानांतरित करने और आंगनवाड़ी केन्द्रों मे प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ईसीसीई) के सुदृढीकरण करना है।
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किसान कल्याण वर्ष 2026
मंदसौर जिले में 207 करोड़ की फसल क्षतिपूर्ति वितरित, प्रदेश में सर्वाधिक
कृषि वर्ष 2026 को सशक्त बनाने हेतु फसल बीमा योजना पर विशेष जोर
मंदसौर 23 मार्च 26/ उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि वर्ष 2026 को किसानों के लिए अधिक सुरक्षित एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से फसल बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
म.प्र. बजट अनुमान 2026-27 में फसल बीमा योजना हेतु 1299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जा सके।
मंदसौर जिले में फसल बीमा के अंतर्गत खरीफ सीजन में लगभग 6.10 लाख एवं रबी सीजन में 4.34 लाख बीमा पॉलिसियां की जाती हैं। विभाग द्वारा अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
फसल अधिसूचना के अनुसार खरीफ सीजन में सोयाबीन एवं मक्का पटवारी हल्का स्तर पर, मूंगफली तहसील स्तर पर तथा उड़द जिला स्तर पर अधिसूचित फसलें हैं। वहीं रबी सीजन में गेहूं, चना एवं राई-सरसों पटवारी हल्का स्तर पर, अलसी तहसील स्तर पर तथा मसूर जिला स्तर पर अधिसूचित की गई हैं।
विगत रबी 2023-24, खरीफ 2024 एवं रबी 2024-25 के दौरान जिले में कुल 5.37 लाख बीमित किसानों को फसल क्षति होने पर 207 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वितरित की गई है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि जिले में फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं किसानों की बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
कृषि वर्ष 2026 में भी जिले के किसानों को अधिकाधिक लाभ दिलाने के लिए फसल बीमा योजना के विस्तार, जागरूकता एवं समय पर दावा निपटान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में स्थिरता एवं कृषि क्षेत्र में मजबूती लाई जा सके।
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मध्यप्रदेश में पहली बार आंगनवाड़ी बच्चों का ‘विद्यारंभ समारोह’ मिलेगा ‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’
24 मार्च को पूरे प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में होगा समारोह
राज्य स्तरीय ‘ग्रेजुएशन सेरेमनी’ में मंत्री सुश्री भूरिया करेंगी बच्चों को सम्मानित
मंदसौर 23 मार्च 26 / मध्यप्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। राज्य में पहली बार आंगनवाड़ी केंद्रों में शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे 5 से 6 आयु वर्ष के बच्चों को “विद्यारंभ प्रमाण-पत्र” प्रदान कर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर अग्रसर किया जाएगा। प्रदेश में 24 मार्च को आयोजित होने वाले बाल चौपाल (ECCE Day)के अवसर पर प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ समारोहपूर्वक प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा, जिससे शाला पूर्व शिक्षा को सामाजिक और संस्थागत मान्यता मिल सके।
इस पहल को राज्य स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए भोपाल में विशेष राज्य स्तरीय ‘ ग्रेजुएशन सेरेमनी ’ का आयोजन किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की शुभकामनाएँ देंगी। यह कार्यक्रम भोपाल जिले की बाणगंगा परियोजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1061 और 859 में आयोजित होगा, जहां 35 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
यह पहल केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है, जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 5-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र देकर उनके शैक्षणिक जीवन की औपचारिक शुरुआत को मान्यता दी जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक विद्यालयी प्रणाली में सुगम संक्रमण को सुनिश्चित करना, परिवार और समुदाय को शाला पूर्व शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा के सशक्त केन्द्र के रूप में स्थापित करना है।
कार्यक्रम के आयोजन में प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था रॉकेट लर्निंग का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। संस्था के साथ केंद्र और राज्य स्तर पर हुए समझौते के तहत वर्तमान में मध्यप्रदेश के 39 जिलों में गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
विद्यारंभ प्रमाण-पत्र पहल से न केवल बच्चों की शैक्षणिक यात्रा में निरंतरता सुनिश्चित होगी बल्कि समुदाय में आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति विश्वास और सहभागिता भी बढ़ेगी। इससे बच्चों का स्कूल से जुड़ाव मजबूत होगा और भविष्य में ड्रॉपआउट दर कम करने में भी मदद मिलेगी।
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