कन्हैया की बाललीलाओं के प्रासंगिक वर्णन ने श्रद्धालुओ को भक्तिरस में डुबोया

कन्हैया की बाललीलाओं के प्रासंगिक वर्णन ने श्रद्धालुओ को भक्तिरस में डुबोया
वरिष्ठ संवाददाता
बांदा।जरोहरा स्थित चौसठ योगिनी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक देवेश पाण्डेय ने कन्हैया की बाल लीलाओं की विषद व्याख्या की। कृष्ण जन्मोत्सव की अद्भुत लीला का भावपूर्ण वर्णन किया। गया। देवेश पांडेय ने कहा भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का ऐसा सजीव चित्रण हुआ कि उपस्थित ग्रामीण श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। जैसे ही कृष्ण जन्मोत्सव की लीला का वर्णन हुआ, पूरा पंडाल भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजनों और संकीर्तन के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव मनाया। देवेश पांडेय ने अपने ओजस्वी वाणी और सरल शैली से कथा को जीवंत बना दिया, जिसे सुनने के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे।कथावाचक ने भक्तों को भक्ति, धर्म और जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए कृष्ण जन्म की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। कार्यक्रम को संगीतमय बनाने में तबला में अंकित पांडेय, आर्गन में विमल कुमार तथा पैड पर तुषार ने शानदार संगत दी, जिससे कथा का वातावरण और भी भावपूर्ण हो गया।माला सेवा में प्रतनेश तिवारी का विशेष योगदान रहा। कथा के यजमान छन्गू बाबा रहे, जबकि कार्यक्रम के संयोजक रघुवर दास (अयोध्या धाम) द्वारा संपूर्ण आयोजन को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया। कथा स्थल में नरोतम तिवारी, नरेंद्र तिवारी, पंकज तिवारी एवं ब्रजेश के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा।



