
रिपोर्टर जितेंद्र सिह चंद्रावत जडवासा
गोठड़ा में 27 मार्च को होगी, माता जी भविष्यवाणी
जावरा। क्षेत्र के प्रसिद्ध महिषासुर मर्दिनी गोठड़ा वाली माताजी में शनिवार से सप्त दिवसीय पंचकुंडीय यज्ञ यज्ञाचार्य कपिल पौराणिक के सान्निध्य में प्रारंभहुआ। यज्ञ का समापन 27 मार्च को पूर्ण आरती और भंडारे के साथ होगा। इसी दिन प्रतिवर्ष की जाने वाली भविष्यवाणी होगी। यहां की भविष्यवाणी पूरे वर्षभर के लिए होती है, जो हर बार सही साबित होती है। इसलिए इसको सुनने के लिए आसपास के गांवों के साथ दूरदराज के जिलों व राजस्थान, महाराष्ट्र तक के लोग आते हैं।
इस भविष्यवाणी के बारे में गांव वाले बताते है कि लगभग 500 वर्षों से अभी अधिक समय से यह आयोजन होता आरहा है। नागूलाल चौधरी (पण्डाजी), ईश्वरसिंह राठौर, कारुलाल चौधरी ने बताया कि 1936 के पहले बड़ के पेड़ के नीचे माताजी बैठी थीं। क्वार महीने की नवरात्रि में बारिश के समय छतरी लेकर बैठते और बादी के लिए लगाए गए ज्वारे और दीपक को बारिश से बचाते थे। 1936 में मंदिर पर माताजी का कच्चा ओटला बनाया था। उस समय से हवन प्रारंभ हुआ। उसके बाद 1990 के समय मार्बल से मंदिर को पक्का बनाया गया था। वर्तमान में मंदिर भी अच्छा बन गया और मंदिर के आसपास के साथ भविष्यवाणी स्थल तक रोड भी बना हुआ।
इस वर्ष की भविष्यवाणी 27 मार्च को होगी और उसी दिन सप्त दिवसीय पंच कुंडीया यज्ञ का समापन होने के साथ ही भंडारे का आयोजन भी होगा। इस दौरान यहां मेले का आयोजन भी होगा।



