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संगीतमय सुंदरकांड में झूमे श्रद्धालु, 103 बालिकाओं ने मोबाइल से रील न बनाने का लिया संकल्प

ठाकुर अर्जुन सिंहजी राठौड़ की 84वीं जयंती पर सेवा-भक्ति का संगम: प्याऊ का शुभारंभ
मंदसौर। श्री खाटूश्याम मंदिर के संस्थापक वैकुंठवासी ठाकुर अर्जुन सिंहजी राठौड़ की 84वीं जयंती पर शनिवार को शहर में सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातः 11रू30 बजे किला रोड स्थित काश्तकार होटल के सामने प्याऊ (जल मन्दिर) का शुभारंभ किया गया, जहां राहगीरों को शीतल जल पिलाकर पुण्य लाभ अर्जित किया गया। वही गायों के लिए कुंड और पक्षियों की प्यास बुझाने जल सकोरे भी वितरित किए गए।रात्रि 8 बजे श्री खाटूश्याम जी मंदिर परिसर में भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। इस दौरान राष्ट्रीय संत परम पूज्यनीय गुरुदेव डॉ. पं. मिथिलेश जी नागर ने अपने श्रीमुखारविंद से भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कार्यक्रम के दौरान “मेरी झोपड़ी में राम आएंगे” एवं “छम-छम नाचे वीर हनुमाना” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। इस अवसर पर पं. मिथिलेश नागर ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को कम उम्र में मोबाइल न दें। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं से मोबाइल पर रील न बनाने का आग्रह किया। उनकी अपील का असर भी दिखा, जहां करीब 103 बालिकाओं एवं महिलाओं ने हाथ उठाकर संकल्प लिया। आयोजन में श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का विशेष माहौल रहा। कार्यक्रम ने धार्मिक भावना के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया। सुंदरकांड के समापन के बाद पंडित जी टास एमूसमेंट गेम जोन में पहुंचे, जहां उन्होंने आधुनिक तकनीकी युग में इस प्रकार के नवाचार की सराहना करते हुए शैलेन्द्र अर्जुनसिंह राठौड़ परिवार को बधाई दी।



