मध्यप्रदेशरतलाम

सरवन बालिका हत्याकांड का खुलासा: 4 विधि-विरुद्ध बालक अभिरक्षा में

सरवन बालिका हत्याकांड का खुलासा: 4 विधि-विरुद्ध बालक अभिरक्षा में

रतलाम | 19 मार्च 2026 थाना सरवन क्षेत्र के अंतर्गत एक खेत में हुई बालिका की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले का रतलाम पुलिस ने महज 24 घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। वैज्ञानिक साक्ष्यों और त्वरित जांच के आधार पर पुलिस ने घटना में संलिप्त 04 विधि-विरुद्ध बालकों को चिन्हित कर अभिरक्षा में लिया है।

विवाह समारोह के दौरान लापता हुई थी बालिका 18 मार्च 2026 को ग्राम सरवन में आयोजित एक विवाह समारोह के दौरान रात्रि में बालिका अपनी सहेली के साथ बाहर गई थी, जिसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद परिजनों को बालिका का शव खेत में एक इमली के पेड़ के नीचे मिला। बालिका के गले में दुपट्टा बंधा हुआ था, जिससे प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा था। पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 100/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और खुलासा

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार के निर्देशन, एएसपी श्री विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी सैलाना श्रीमती नीलम बघेल के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया।

जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और संदेहियों से पूछताछ के आधार पर पड़ोसी गांव के 4 नाबालिगों को चिन्हित किया गया। कड़ी पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे बालिका को बहाने से खेत की ओर ले गए, जहाँ उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) का प्रयास किया गया। बालिका द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों ने उसका मुंह दबाकर गला घोंट दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में बीएनएस (BNS) की धारा 64, 70(1), 87 एवं 61(2) का इजाफा किया गया है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका- इस चुनौतीपूर्ण अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में निम्नलिखित टीम का विशेष योगदान रहा:

निरीक्षक: सुरेंद्रसिंह गडरिया (थाना प्रभारी रावटी), पिंकी आकाश (थाना प्रभारी सैलाना), अमित कोरी (सायबर सेल प्रभारी)।

उप निरीक्षक: जीएल भूरिया, किशनलाल रजक, आनंद बागवान (चौकी धामनोद), जीवन बारिया (सायबर सेल)।

प्रधान आरक्षक: विजय सिंह शेखावत, देवराज सिंह, सूर्यपाल, कृपाशंकर, रमाकांत, संदीप भदौरिया, मनमोहन शर्मा।

आरक्षक: हिम्मत सिंह, हिम्मत सिंह राठौर, विमल, तूफान भूरिया एवं महिला आरक्षक तुलसी राठौर।

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