धर्म संस्कृतिमंदसौर जिलासीतामऊ

पोरवाल महिला मंडल सीतामऊ द्वारा गणगौर पूजन का आयोजन धुमधाम के साथ मनाया

पोरवाल महिला मंडल सीतामऊ द्वारा गणगौर पूजन का आयोजन धुमधाम के साथ मनाया

सीतामऊ ।मंदसौर जिले के सीतामऊ (मालवा क्षेत्र) में गणगौर का त्यौहार चैत्र माह में बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पांच दिवसीय इस पर्व में महिलाएं भगवान शिव (ईसर) और माता पार्वती (गौरी) की पूजा करती हैं, गीत गाती हैं और अंत में मूर्तियों का विसर्जन करती हैं जो कि भारतीय संस्कृति और सौभाग्य का पर्व है।

नगर में आस्था, समृद्धि व सौभाग्य के त्यौहार गणगौर तीज के अवसर पर पोरवाल समाज महिला मंडल सीतामऊ के तत्वाधान में महिलाओ द्वारा तीन दिवसीय गणगौर पूजन पर्व का आयोजन किया। सर्वप्रथम ईसर-गौरी व मंगल कलश की पूजा के साथ झेल प्रारंभ हुई। झेल में विशेष श्रृंगार कर दुल्हा-दुल्हन लेकर चल रही थी। महिलाओं ने परम्परागत गणगौर गीत ‘‘गोर ए गणगौर माता खोल किवाड़‘‘, ‘‘खेलन दो गणगौर’’, ‘‘गणगौरया रे मेला पेला, म्हारी पियर में बोई गणगौर रे’’ गाए नृत्य किया ।

आयोजन के प्रथम दिन 19 मार्च गुरुवार को लाल रानी साड़ी में महिलाओं द्वारा फुल पाती लाने (कलश यात्रा) का आयोजन किया गया।दुसरे दिन 20 मार्च शुक्रवार को हरी साड़ी में महिलाओं द्वारा माता गौरी की पीहर में हल्दी उबटन मेंहदी रस्म निभाई। तीसरे दिन  21 मार्च शनिवार को लहँगे में महिलाओं ने स्वयं और माता गौरी को चुनरी और सौलह सिंगार से सजने संवरने कि परंपरा का आयोजन किया गया। और महिलाओं द्वारा ढोल ढमाके बेंड बाजे के साथ गीत भजनों गाते और मनमोहक नृत्य के साथ नगर गोवर्धन नाथ मंदिर से ईशर गणगौर कि झेल प्रारंभ होकर राजवाड़ा चौक भृगु ऋषि द्वार महाराणा प्रताप चौराहे होकर बस स्टैंड से पोरवाल मांगलिक भवन पहुंची जहां पर महिलाओं ने ईशर गणगौर कि पूजा अर्चना कर अपने पति परिवार के प्रेम बंधन में रहने की कामना की।

महिला मंडल द्वारा पांच दिवसीय गणगौर पूजन का आयोजन धुमधाम के साथ मनाया गया। यह पर्व गण-गौर यानि शिव-पार्वती की पूजा का यह पावन पर्व पति पत्नी के आपसी स्नेह और साथ ही कामना से जुड़ा हुआ है। यह ईश शिव और गौरी की उपासना का मंगल उत्सव है।

पांच दिवसीय आयोजन में पोरवाल महिला मंडल अध्यक्ष अनुसूया घाटिया तथा संगीता घाटिया कृष्णा घाटिया साधना मेहता स्वेता सेठिया संतोष घाटिया सरोज फरक्या कृष्णा घाटिया जया घाटिया ममता घाटिया सुनीता घाटिया ऊषा सेठिया विमला घाटिया आशा घाटिया प्रेमलता सेठिया सुनीता सेठिया पदमा घाटिया, ऊषा घाटिया, समता काला , भगवती सेठिया,खुशबू घाटिया, सुधा घाटिया, राजकुमारी सेठिया, संगीता घाटिया, अंतिम घाटिया,सुनीता गुप्ता,समता घाटिया, पायल घाटिया, स्नेहलता घाटिया, ललिता घाटिया, संगीता घाटिया, अंजलि घाटिया, रेखा घाटिया, शिवकन्या गुप्ता, गायत्री घाटिया, हेमा वेद, अनिता फरक्या, दीपिका घाटिया, कविता घाटिया मनीषा गुप्ता, कोमल पोरवाल,  सुनीता फरकिया सहित समाज कि महिलाओं ने गणगौर व्रत पुजन झेल आयोजन में सम्मिलित रही।

गणगौर पर्व – देवी पार्वती भगवान शिव से आज्ञा लेकर नदी पर स्नान करने के लिए गई। स्नान के बाद माता पार्वती ने बालू से एक शिवलिंग तैयार किया और उसकी पूजा की। पूजा के बाद देवी पार्वती ने शिवलिंग की प्रदक्षिणा की। इसके बाद उस शिवलिंग से भगवान शिव प्रकट हुए। तब माता पार्वती ने कहा कि जो महिला चैत्र तृतीया तिथि के दिन भगवान शिव और गौरी की पूजा करेगी उसे अटल सुहाग का वरदान मिलेगा।

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