समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 14 मार्च 2026 शनिवार

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जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया 14 मार्च को मंदसौर दौरे पर रहेंगी
मंदसौर 13 मार्च 2026/ अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश शासन की मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया 14 मार्च को मंदसौर जिले के दौरे पर रहेंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री दोपहर 1:30 बजे नीमच से मंदसौर के लिए प्रस्थान करेंगी तथा दोपहर 2:15 बजे मंदसौर आगमन होगा। इसके पश्चात वे दोपहर 2:30 बजे स्थानीय कार्यक्रमों एवं निरीक्षण कार्यक्रमों में भाग लेंगी। कार्यक्रम के उपरांत प्रभारी मंत्री शाम 4:00 बजे मंदसौर से झाबुआ के लिए प्रस्थान करेंगी।
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यूं ही नहीं शामगढ़ राजस्व में बनी नंबर वन
शामगढ़ -नगर में हो रहे ऐतिहासिक विकास कार्यों में शामगढ़ नगर की जनता भी तन मन धन से सहयोग कर रही हैं जहां कोई अच्छा काम होता है तो नगरवासी उसका खुले दिल से स्वागत करते हैं और राजस्व वसूली में जहां शामगढ़ नंबर वन पहुंची है उसका पूरा श्रेय शामगढ़ नगर की जनता को भी जाता है और नगर परिषद के जांबाज कर्मचारी भी अपना पूरा एफर्ट लगाकर वसूली कर रहे हैं ।आज शामगढ़ नगर के आशीर्वाद रिजॉर्ट का संपत्ति कर(92388) स्वयं रिसोर्ट के ओनर लालू पटेल ने नपा कर्मचारियों को बुलाकर प्रदान किया।
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गरोठ के पुलिस थाना परिसर में टीआई पर बिना अनुमति 50 से अधिक पेड़ कटवाने का आरोप, मंडल अध्यक्ष ने कलेक्टर से की सख्त कार्रवाई की मांग।
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कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने वीसी के माध्यम से पीएचसी-सीएचसी में ओपीडी के दौरान डॉक्टरों की उपस्थिति जांची
प्रातः 9 से 2 बजे और शाम 5 से 6 बजे तक ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य
स्वास्थ्य विभाग सार्थक ऐप से दर्ज करना शुरू करें उपस्थिति
मंदसौर 13 मार्च 26/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा करते हुए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के पीएचसी एवं सीएचसी केंद्रों में चल रही ओपीडी के दौरान डॉक्टरों की उपस्थिति का निरीक्षण किया।
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने वीसी के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़कर यह जानकारी ली कि संबंधित केंद्रों पर कौन-कौन डॉक्टर उपस्थित हैं तथा कौन अनुपस्थित है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मेडिकल ऑफिसर, सीएचओ एवं डॉक्टर ओपीडी के समय अनिवार्य रूप से केंद्र पर उपस्थित रहकर मरीजों का उपचार करें।
कलेक्टर ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक तथा शाम 5:00 बजे से 6:00 बजे तक ओपीडी के दौरान डॉक्टरों का उपस्थित रहना अनिवार्य है। इस दौरान डॉक्टरों को अस्पताल से ही वीसी के माध्यम से जुड़ना होगा तथा वीडियो ऑन रखना होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे केंद्र पर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सीधे कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने बीएमओ को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा यह भी देखें कि सभी केंद्रों पर ओपीडी सुचारू रूप से संचालित हो रही है या नहीं।
साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी डॉक्टरों की उपस्थिति सार्थक एप पर दर्ज कराना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए तथा प्रतिदिन की उपस्थिति एवं ओपीडी की रिपोर्ट जिला स्तर पर प्रेषित की जाए।
जिले में वर्तमान में 41 पीएचसी केंद्र, 11 सीएचसी केंद्र एवं 176 सब-सेंटर संचालित हैं, जहां डॉक्टरों द्वारा मरीजों का उपचार किया जाता है। कलेक्टर ने वीसी के माध्यम से कई केंद्रों से जुड़े डॉक्टरों से सीधे संवाद कर उनकी उपस्थिति और केंद्र पर उपलब्ध डॉक्टरों की जानकारी भी प्राप्त की।
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जिला अस्पताल में बालिकाओं ने लगवाई एचपीवी वैक्सीन, उपस्थित लोगों को किया जागरूक
मंदसौर 13 मार्च 26/ जिले में बालिकाओं को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत जिला अस्पताल मंदसौर में बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। इस दौरान वैक्सीन लगवाने वाली बालिकाओं ने स्वयं आगे बढ़कर उपस्थित लोगों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि जगदीश खीची द्वारा उपस्थित बालिकाओं, अभिभावकों एवं अन्य लोगों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन बालिकाओं को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि समय पर लगाया गया यह टीका बालिकाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत प्रभावी है।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पात्र आयु वर्ग की बालिकाओं को निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को गंभीर बीमारी से बचाना और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। इसे विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण के बाद ही उपयोग में लाया जा रहा है, इसलिए अभिभावकों को किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी पात्र आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि उन्हें भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
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मंदसौर की 1113 बेटियों ने चुनी सुरक्षा की राह
मंदसौर 13 मार्च 26/ जिले में 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए HPV टीकाकरण अभियान ने एक नई मिसाल पेश की है। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के कुशल मार्गदर्शन में, जिले की 1,113 किशोरियों ने अब तक यह सुरक्षा कवच प्राप्त कर लिया है।
मुख्य आकर्षण:
विशेषज्ञों की देखरेख: पूरा टीकाकरण अनुभवी चिकित्सकों की सीधी निगरानी में अत्यंत सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है।
टीम की सफलता : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान और उनकी समर्पित टीम इस अभियान को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्यरत है।
सुविधा: जिले के 10 चिन्हित केंद्रों पर टीकाकरण की सुचारू व्यवस्था।
अभिभावकों का बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है कि यह टीका सुरक्षित है। यदि आपकी बेटी 14 वर्ष की है, तो देर न करें। उसे आज ही नजदीकी केंद्र पर ले जाएं और सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध सुरक्षित करें।
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पीएमएफएमई योजना से बदली किस्मत, पिपलिया मंडी के दीपक माहेश्वरी बने सफल उद्यमी
लहसुन कारोबार से 25 लोगों को दिया रोजगार
मंदसौर 13 मार्च 2026/ सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना का लाभ लेकर मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी निवासी दीपक कुमार माहेश्वरी (7974384883) ने अपने छोटे कारोबार को बड़े उद्योग में बदल दिया। आज वे परिधि ट्रेडर्स के माध्यम से लहसुन के प्रसंस्करण और व्यापार का सफल व्यवसाय चला रहे हैं और न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बने हैं बल्कि 25 से अधिक लोगों को रोजगार देकर उन्हें भी आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
दीपक कुमार माहेश्वरी पहले छोटे स्तर पर लहसुन के व्यापार से जुड़े हुए थे। उनके मन में हमेशा यह सपना था कि वे इस काम को बड़े स्तर पर स्थापित करें, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी बाधा थी। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित पीएमएफएमई योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर योजना के अंतर्गत आवेदन किया।
आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें सेंट्रल बैंक, पिपलिया मंडी से लगभग 28 लाख 43 हजार रुपए का ऋण प्राप्त हुआ, जिस पर उन्हें 10 लाख रुपए की सब्सिडी भी मिली। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने आधुनिक मशीनों के साथ अपने लहसुन प्रसंस्करण कार्य को नई दिशा दी।
दीपक माहेश्वरी ने अपने व्यवसाय में आधुनिक ग्रेडिंग मशीन और बल्क ब्रेकर मशीन लगाई हैं। ग्रेडिंग मशीन के माध्यम से लहसुन की छोटी-बड़ी कलियों को अलग किया जाता है, जिससे गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग ग्रेड तैयार होते हैं। वहीं बल्क ब्रेकर मशीन के जरिए लहसुन की कलियों को साफ किया जाता है।
इसके अलावा उनके यहां लहसुन से जुड़े विभिन्न प्रकार के प्रसंस्करण कार्य जैसे गार्लिक ग्रेडिंग, पीलिंग, पेस्टिंग और अन्य उत्पादों का निर्माण भी किया जाता है। मशीनों के माध्यम से लहसुन की कलियों को पीसकर गार्लिक पेस्ट तैयार किया जाता है। दीपक बताते हैं कि उनकी इकाई में प्रतिदिन लगभग 1 टन गार्लिक पेस्ट का उत्पादन किया जाता है।
उनके द्वारा तैयार किया गया गार्लिक पेस्ट और अन्य उत्पाद उत्तर प्रदेश, बिहार, बेंगलुरु, तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों में भेजे जाते हैं। वहीं ग्रेडिंग के बाद निकलने वाला बड़े आकार का लहसुन सीधे दक्षिण भारत के बाजारों में भेजा जाता है, जिससे उन्हें अच्छा लाभ मिलता है।
दीपक माहेश्वरी पिछले लगभग 10 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने उद्योग के माध्यम से 25 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। इस प्रकार वे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रहे हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।
दीपक का कहना है कि मंदसौर की लहसुन की गुणवत्ता पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां की लहसुन की मांग भारत के विभिन्न राज्यों में रहती है। वे बताते हैं कि लहसुन एक ऐसी फसल है जिसका लगभग हर हिस्सा उपयोगी होता है। प्रसंस्करण के बाद बचने वाले लहसुन के अवशेषों को वे गौशालाओं में भेजते हैं, जिसे गायों के चारे के रूप में उपयोग किया जाता है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के माध्यम से मिली सहायता ने दीपक कुमार माहेश्वरी को अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है। आज वे न केवल सफल उद्यमी हैं बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। दीपक कहते है कि सही योजना और मेहनत के दम पर छोटा व्यवसाय भी बड़े उद्योग का रूप ले सकता है।
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मुख्यमंत्री ने जिले की 2.60 लाख लाड़ली बहनों को 39.05 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की
मंदसौर 13 मार्च 26/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अंतर्गत माह मार्च 2026 की मासिक आर्थिक सहायता राशि का अंतरण किया। इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम कलेक्टर कार्यालय सभागृह में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया तथा उनके उद्बोधन को उपस्थित जनों ने सुना।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बी.एल. विश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने जिले की कुल 2 लाख 60 हजार 396 लाड़ली बहनों को 39.05 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। उन्होंने बताया कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में उपस्थित लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें हर माह आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल रही है। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बी.एल. विश्नोई, बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें तथा पत्रकारगण उपस्थित रहे।
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निर्धारित अवधि में सिलेंडर नहीं मिलने या किसी अन्य समस्या पर इन नंबरों पर करें संपर्क
मंदसौर 13 मार्च 26/ जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि यदि किसी उपभोक्ता को निर्धारित समय सीमा में एलपीजी गैस सिलेंडर प्राप्त नहीं होता है या गैस वितरण से संबंधित किसी प्रकार की समस्या आती है, तो संबंधित गैस कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उपभोक्ता अपनी शिकायत टोल-फ्री नंबरों पर दर्ज कराकर त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर:
भारत गैस हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344 (टोल फ्री)
इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर-1800-2333-555 (टोल फ्री)
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि गैस वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता, विलंब या कालाबाजारी की शिकायत सामने आती है, तो तुरंत संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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आईएआरआई के 9 वां स्थापना दिवस एवं किसान सम्मेलन आयोजित होगा
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी होंगे मुख्य अतिथि
मंदसौर 13 मार्च 2026/ अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल द्वारा बताया गया कि मंदसौर जिले के सिपानी स्थित Indian Agricultural Research Institute (आईएआरआई) का 9 वां स्थापना दिवस एवं किसान सम्मेलन 14 मार्च को प्रातः 10 बजे आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन सिपानी कृषि अनुसंधान भवन में किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री भगीरथ चौधरी शामिल होंगे।
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सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केंद्र से मिली कई अहम मंजूरियां
मुख्यमंत्री के प्रयासों से किसानों को मिली अहम सौगातें
तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी संबंधी मिला स्वीकृति-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान से की मुलाकात
मंदसौर 13 मार्च 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत् प्रयासों का परिणाम है कि मध्यप्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार से बड़ी राहत और कई महत्वपूर्ण मंजूरियां मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस उच्च स्तरीय चर्चा में ग्रामीण सड़कों सहित अनेक विषयों पर मध्यप्रदेश को बड़ी राहत देने वाले निर्णय लिये गये।
सरसों किसानों को मिलेगा भावांतर भुगतान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर सरसों की खरीद से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इससे राज्य के सरसों उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
तुअर की शत-प्रतिशत खरीद का मार्ग प्रशस्त
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति-पत्र भी सौंपा। इस निर्णय से मध्यप्रदेश के तुअर उत्पादक किसानों की उपज का पूर्ण सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा, जिससे उन्हें बाजार में भाव गिरने का जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा और आय में स्थिरता आयेगी।
दलहन–तिलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर केंद्र और राज्य की संयुक्त टीम द्वारा मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और पाम ऑयल जैसी फसलों के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।
फसल बीमा में किसानों के हितों की सुरक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि सोयाबीन जैसी फसलों के आंकलन में केवल सैटेलाइट डेटा के बजाय क्रॉप कटिंग और रिमोट सेंसिंग तरीकों का उपयोग किया जाए, जिससे किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।
कृषि से जुड़े मुद्दों और योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में मध्यप्रदेश के लिए सरसों और सोयाबीन के भावांतर भुगतान, दलहन मिशन के तहत मूंग-उड़द के अतिरिक्त लक्ष्य, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम, मनरेगा मजदूरी और सामग्री भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मुद्दों पर बिंदुवार चर्चा की गई। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मध्यप्रदेश से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाया जाए, जिससे राज्य के किसानों, मजदूरों और ग्रामीण गरीबों को शीघ्र राहत मिल सके।
ग्रामीण विकास योजनाओं को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मेरा अपना घर है। किसान कल्याण वर्ष में यह सुनिश्चित किया जायेगा कि सरसों, तुअर, मूंग, उड़द और तिलहनों की खेती करने वाले किसानों को हर संभव सहायता मिले और राज्य ग्रामीण विकास के हर पैमाने पर अग्रणी बने।
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