समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 14 मार्च 2026 शनिवार

/////////////////////////////////
राजस्व अधिकारियों द्वारा गैस एजेंसियों के वितरण केन्द्रों का निरीक्षण किया गया
रतलाम : शुक्रवार, मार्च 13, 2026

जिले में उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति के लिए कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार जिले में राजस्व अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों के वितरण केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जावरा क्षेत्र में सिद्धि विनायक भारत गैस एजेंसी एवं वर्धमान गैस एजेंसी का निरीक्षण किया गया । धामनोद में कुलदीप इंडेन गैस एजेंसी का निरीक्षण किया गया। आलोट क्षेत्र में एसडीएम आलोट रचना शर्मा द्वारा बीपीसी दक्षिणेश्वरी गैस एजेंसी एवं गोदाम का निरीक्षण किया गया । रतलाम शहर मे एसडीएम आर्ची हरित द्वारा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया एवं वितरको को शासन के निर्देशानुसार वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये । उपलब्ध स्टॉक और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन बुकिंग अनुसार उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने तथा आवश्यक स्टॉक बनाए रखने के निर्देश वितरकों को दिए गये ।
======
व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं हेतु परामर्श जारी
रतलाम : शुक्रवार, मार्च 13, 2026,
अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ शालिनी श्रीवास्तव द्वारा वर्तमान परिस्थितियों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से सभी व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं (होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, केटरिंग इकाइयाँ, हॉस्टल, संस्थान आदि) को परामर्श जारी किए गए है ।
जारी परामर्श के अनुसार सभी प्रतिष्ठान एलपीजी का न्यूनतम एवं आवश्यकता अनुसार विवेकपूर्ण उपयोग करें तथा अनावश्यक खपत से बचें। जहाँ संभव हो, वहाँ वैकल्पिक ईंधन एवं उपकरणों का उपयोग किया जाए, जैसे- डीजल भट्टियाँ, इलेक्ट्रॉनिक इण्डक्शन, रोटी मेकर, इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरण आदि। प्रतिष्ठान अपने मेन्यू में अस्थायी रूप से ऐसे विकल्प शामिल करें, जिनमें एलपीजी की खपत अपेक्षाकृत कम हो। डीप-फ्राइड (गहरे तेल में तले हुए) खाद्य पदार्थों की तैयारी को यथासंभव कम करें अथवा अस्थायी रूप से टालें, क्योंकि इनमें एलपीजी की खपत अधिक होती है। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक वैकल्पिक मेन्यू अपनाने पर विचार करें, जिससे कम ईंधन में भोजन तैयार किया जा सके। ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करते हुए ईंधन प्रबंधन सुनिश्चित करें। इंधन के वैकल्पिक साधनों का उपयोग करते हुए अपने स्तर पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था एवं अग्निरोधी उपाय अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन द्वारा एलपीजी की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपेक्षा है कि वे सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए एलपीजी के विवेकपूर्ण एवं सीमित उपयोग को सुनिश्चित करेंगे, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो ।
===========
खुशियों की दास्तां
लाड़ली बहना योजना से मिल रही मदद, प्रेमलता जाट ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
रतलाम : शुक्रवार, मार्च 13, 2026,

मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना से लाभान्वित प्रेमलता जाट ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा संचालित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत हर माह 1500 रुपये की राशि प्राप्त होती है, जिससे उनके घर के खर्च में काफी सहायता मिलती है।
प्रेमलता जाट ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में यह राशि उनके लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता से घर के छोटे-मोटे खर्च आसानी से पूरे हो जाते हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।
============
लाड़ली बहना योजना से शशि राठौड़ को मिली आर्थिक मजबूती
रतलाम : शुक्रवार, मार्च 13, 2026

मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना से लाभान्वित महिलाओं में से एक हैं शशि राठौड़।
शशि राठौड़ बताती हैं, कि मेरे पति बाल काटने की दुकान चलाते हैं। जिससें घर का खर्च संभालना कभी-कभी मुश्किल हो जाता था।” मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही लाड़ली बहना योजना की राशि से उन्हें काफी सहारा मिला है। हर महीने मिलने वाले 1500 रूपये से वे घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर लेती हैं। इससे परिवार के अति आवश्यक खर्च में भी मदद मिलती है और उन्हें आर्थिक रूप से थोड़ा आत्मनिर्भर महसूस होता है।
शशि राठौड़ का कहना है कि यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन उनके जैसे परिवारों के लिए यह बहुत मायने रखती है। इससे घर की जरूरतों में सहयोग मिलता है और आर्थिक चिंता कुछ हद तक कम हो जाती है। वे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं, कि “लाड़ली बहना योजना से मिलने वाले रूपए 1500 से मुझे आर्थिक मदद मिलती है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी का दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूँ।”
=====
प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं-निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर फोकस मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टर्स के साथ की वी.सी.
रतलाम : शुक्रवार, मार्च 13, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं। नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा एक विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है कि जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे जहाज एवं टेंकर जिनमें भारतीय फ्लेग लगे हैं उनको नहीं रोका जाएगा, यह एक राजनयिक विजय है, जिससे पेट्रोलियम सप्लाई में बाधा समाप्त होगी। गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिये प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया गया है, जिससे देश में किसी भी प्रकार की घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी न हो। उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति का गठन भी किया गया है। मुख्य सचिव श्री जैन ने जिला कलेक्टर्स को दिये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर-कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम-मध्य एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के दृष्टिगत एलपीजी सहित अन्य ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी श्री कैलाश मकवाना और एसीएस श्री शिवशेखर शुक्ला एवं श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करें तथा इससे जुड़ी कंपनियां भी सर्वर आदि की क्षमता बढाएं जिससे रिफिल बुकिंग ओटीपी जनरेशन और वितरण बिना असुविधा के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चत करें कि गलत सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों को सख्ती से रोंके और उपभोक्ताओं तक मीडिया आदि का उपयोग कर सही सूचना पहुचाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए और सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो, यह सुनिश्चत करें। मुख्य सचिव श्री जैन ने कई कलेक्टर्स द्वारा होटल्स, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन आदि के संचालकों से बात कर रसोई गैस की जगह इलेक्ट्रिक भट्टी और इंडेक्शन आदि का उपयोग बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे भी वैकल्पिक और सुरक्षित ईंधन के उपयोग के प्रति नागरिकों और खानपान व्यवसाय में लगे लोगों बीच वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के प्रति जागरूकता बढाएं। मुख्य सचिव श्री जैन ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए। डी.जी.पी. श्री मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेट फार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी सहित पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश के सीएनजी स्टेशन एवं पीएनजी उपभोक्ताओं के उपयोग के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश मे पेट्रोलियम/ सीएनजी/पीएनजी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की लगातार उपलब्धता है। शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर के उपयोग की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कलेक्टर्स से मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है। कांफ्रेंस में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, धार के कलेक्टर्स सहित ग्वालियर एवं रीवा के कमिश्नर ने किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। एसीएस श्रीमती शमी ने अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह दें। जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक/अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा भी करें। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्य शासन एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से सतर्क है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव को समन्वय अधिकारी बनाया गया है, वे प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद और समन्वय करेंगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद गलत सूचनाओं के कारण घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सहित अन्य ईंधन का सुरक्षित परिवहन, भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर के साथ ही जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए जाएं जहां प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा के साथ ही समाधान हो। बैठक में बताया गया कि गैस कंपनियों की भी हेल्पलाइन से लोगों को सही जानकारी दी जा रही है। मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि जन भावनाओं के दृष्टिगत कंट्रोल रूम में कई फोन नम्बर रखें तथा दक्ष अमले की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस वितरण की पारदर्शी व्यवस्था है और संबंधित विभागों का दायित्व है कि वे ऐसा वातावरण तैयार करें जिससे जन भावनाएं व्यवस्था के साथ हों।
=========
“जल महोत्सव-2026″
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जल प्रबंधन के लिये की जा रही हैं जनभागीदारी
रतलाम : शुक्रवार, मार्च 13, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये प्रभावी रूप से जनभागीदारी की पहल की गई है। प्रदेश में “जल महोत्सव-2026” आयोजित किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत यह अभियान केवल पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन के लिये समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक, उत्तरदायी और आत्मनिर्भर बनाने की अवधारणा को सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रदेश के चयनित ग्रामों में 8 मार्च से 22 मार्च 2026 के बीच जल महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का उद्देश्य उन ग्रामों की उपलब्धियों को सामने लाना है जहाँ हर घर तक नल से जल की सुविधा सुनिश्चित हो चुकी है और पेयजल योजनाओं का संचालन, प्रबंधन तथा रख-रखाव ग्राम पंचायतों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से सफलतापूर्वक किया जा रहा है। जल महोत्सव ग्रामीण समुदाय को जल प्रबंधन की जिम्मेदारी के प्रति और अधिक जागरूक एवं सहभागी बनाने का अवसर भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में जल जीवन मिशन को एक व्यापक जनभागीदारी आधारित पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। जल महोत्सव के माध्यम से ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों, स्वयं सहायता समूहों तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय भूमिका को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे जल स्रोतों के संरक्षण, पेयजल प्रणालियों के सुचारु संचालन और सामुदायिक स्वामित्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये निरंतर उल्लेखनीय कार्य किये जाते रहे है। देश का पहला “जल अर्पण दिवस” राजगढ़ जिले में गोरखपुरा समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत 23 दिसम्बर 2025 को आयोजित किया गया था, जिसने जल प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। जल महोत्सव के लिए ऐसे ग्रामों का चयन किया गया है जहाँ हर घर जल की स्थिति सत्यापित हो चुकी है और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का संचालन प्रभावी रूप से किया जा रहा है। प्रत्येक जिले से ऐसे 2 ग्राम चिन्हित किए गए हैं जहाँ जल जीवन मिशन के मानकों के अनुरूप जल प्रदाय की व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इन ग्रामों में कार्यक्रमों का आयोजन कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला पंचायत तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वय से किया जा रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे सम्मानित महोत्सव में ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वाल्वमैन, स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सक्रिय सदस्यों को चिन्हित किया जाएगा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर के द्वारा इनका सम्मान किया जाएगा, जिससे समुदाय आधारित जल प्रबंधन के उत्कृष्ट प्रयासों को प्रोत्साहन मिल सके। कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रत्येक चयनित ग्राम में परियोजना क्रियान्वयन इकाई स्तर पर उपलब्ध मद से अधिकतम 25 हजार रु. तक की राशि व्यय की जा सकेगी। प्रदेश की विभिन्न परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के अंतर्गत आने वाले जिलों में यह आयोजन किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से भोपाल, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, नीमच, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सीधी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, उज्जैन तथा बड़वानी सहित अन्य जिलों के चयनित ग्राम शामिल हैं। जल महोत्सव-2026 के माध्यम से प्रदेश में सुरक्षित पेयजल उपलब्धता की दिशा में प्राप्त उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ जल प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायी और प्रभावी रूप से संचालित किया जा सके।
=============



