मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 13 मार्च 2026 शुक्रवार

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जनगणना-2027: जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों का द्वितीय चरण में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

आज जनगणना 2027 का जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों के लिए द्वितीय चरण में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन शासकीय कन्या महाविद्यालय में किया गया ।

प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय भोपाल से सुश्री ओजस्विनी शर्मा जिला प्रभारी (जनगणना कार्य) द्वारा दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारी एवं कर्मचारियों को भारत की जनगणना-2027 के तहत किये जाने वाले कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही जनगणना 2027 अंतर्गत मुख्य बिन्दुओं जैसे- जनगणना प्रक्रिया, ग्राम/नगर रजिस्टर, चार्ज रजिस्टर, एचएलवी लेआउट तैयार करना, गोपनीयता सुरक्षा निराकरण, स्वगणना वेब पोर्टल, स्वगणना सत्यापन, उक्त कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियां सहित अन्य तथ्यों पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण के बाद सभी ने डिजिटल जनगणना को प्रक्टिकल करके भी देखा और प्रक्रिया को समझा ।

प्रशिक्षण में अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी जिला योजना अधिकारी श्री बी.के. पाटीदार, समस्त अनुविभागीय जनगणना अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) समस्त ग्रामीण चार्ज अधिकारी (तहसीलदार) समस्त अतिरिक्त चार्ज अधिकारी (नायब तहसीलदार) एवं समस्त जनगणना लिपिक उपस्थित थे।

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प्रशासन गांव की ओर अभियान

14 मार्च को जनपद पंचायत रतलाम में क्लस्टर पंचायत मुख्यालय ग्राम पंचायत इसरथुनी पर होगी समीक्षा

जिले में भारत सरकार एवं राज्य सरकार की चिन्हित फ्लैगशिप योजनाओं में शत प्रतिशत सेचुरेशन को प्राप्त करने के लिए कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में “प्रशासन गाँव की ओर अभियान“ चलाया जा रहा है। इस अभियान अंतर्गत शासन की फ्लैगशिप स्कीम का क्रियान्वयन, प्रगतिरत महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा एवं जन सुनवाई/किसान चौपाल आयोजित की जाती है।

प्रशासन गांव की ओर अभियान अंतर्गत 14 मार्च को जनपद पंचायत रतलाम अंतर्गत 24 ग्राम पंचायत बंजली, बिबडोद, हरथली, जुलवानिया, कनेरी, लालगुवाडी, मथूरी, मोरवनी, पलसोड़ी, राजपुरा, रामपुरिया, सागोद, भारोडा, बोदिना, डेलनपुर, दिवेल, गोपालपुरा, इसरथुनी, जामथून, खोखरा, नौगांवाकला, पलटूना पलसोडा, पंचेड, में अनुश्रवण शिविर आयोजित किए जाऐगे। प्रत्येक पंचायत के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी, ब्लाक स्तरीय नोडल अधिकारी एवं ग्राम पंचायत स्तरीय अमले द्वारा उपस्थित होकर प्रातः 09:00 बजे से 01:00 बजे तक आमजन की समस्याओं को सुनकर अनुश्रवण पंजी में दर्ज किया जाएगा। दोपहर 01:00 से 01:30 बजे तक अभियान के क्लस्टर पंचायत मुख्यालय पर सभी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित होगे। क्लस्टर पंचायत मुख्यालय पर अनुश्रवण पंजी की कलेक्टर द्वारा समीक्षा की जाएगी।

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जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य के विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विरियाखेड़ी ट्रेनिंग सेंटर, जिला रतलाम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला रतलाम की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता तथा आशा सहयोगिनी ने प्रशिक्षार्थी के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम में शासकीय मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर (पीएसएम विभाग) डॉ. ध्रुवेंद्र पांडे द्वारा जलवायु परिवर्तन के कारण मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों तथा इससे होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने विशेष रूप से वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और मौसमी बीमारियों के प्रभावों पर प्रकाश डाला।

प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव हेतु विशेष सतर्कता बरती जाए। साथ ही ग्रामवासियों को आरोग्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस कॉर्नर बनाये जाकर घोल बनाने की विधि बताई जाए एवं गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचने के लिए ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए । ग्राम इस्तर पर भी 16 प्रकार की दवाइयां एवं 5 प्रकार की जांच अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

प्रशिक्षण में आईडीएसपी के महामारी नियंत्रक डॉ. गौरव बोरीवाल द्वारा प्रमुख बीमारियों के कारण, जांच, उपचार एवं उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ग्राम स्तर तक पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं जांच व्यवस्था को बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

मौसमी बीमारियों के अंतर्गत जिला सलाहकार (वेक्टर जनित बीमारी) डॉ. प्रमोद प्रजापति द्वारा मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के कारण, बचाव के उपाय तथा समय पर जांच एवं उपचार के महत्व की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए एंटी-लार्वा गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा ग्रामों में मच्छरदानी के उपयोग को प्रोत्साहित करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

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गुरुवार को 86 बालिकाओं का एच पी वी वैक्सीनेशन किया गया

एच पी वी वैक्सीनेशन की सुविधा निशुल्क प्रतिदिन उपलब्ध है – सीएमएचओ डॉ संध्या बेलसरे

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संध्या बेलसरे ने बताया कि रतलाम जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। एच पी वी वैक्सीनेशन जिले के चिन्हित केंद्रों प्रतिदिन किया जा रहा है। रतलाम जिले में बाल चिकित्सालय रतलाम, मेडिकल कॉलेज रतलाम , सिविल अस्पताल आलोट, जावरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नामली, बाजना, सैलाना, ताल, पिपलोदा केंद्रों पर प्रतिदिन वैक्सीनेशन किया जा रहा है। कार्यक्रम प्रारंभ होने के बाद से अब तक कुल 493 बालिकाओं का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। ऐसी सभी बालिकाएं जिन्होंने अपना 14 वां जन्मदिवस मना लिया है और 15 जन्मदिवस नहीं मनाया है सभी वैक्सीनेशन के लिए पात्र है, बाजार में उक्त वैक्सीन की कीमत लगभग 4000 रुपए है। सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी से बचाव के लिए सभी अभिभावकों को अपनी बेटी का निःशुल्क वैक्सीनेशन नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर कराने की अपील की गई है । जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील ने बताया कि टीकाकरण कराने के लिए ऑनलाइन यूं विन पोर्टल पर भी बुकिंग की जा सकती है अथवा सीधे टीकाकरण केंद्र पर आकर वैक्सीनेशन कराया जा सकता है। वैक्सीनेशन करने के लिए आयु के प्रमाण संबंधी कोई भी दस्तावेज अथवा स्वयं का आयु संबंधी घोषणा पत्र भी मान्य है। टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होकर निशुल्क है, अपनी 14 वर्ष की बेटी का वैक्सीनेशन कराए ताकि सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के संबंध में बताया गया कि एच पी वी वैक्सीनेशन पूरी तरह सुरक्षित है। यदि किसी के घर में कैंसर संबंधी कोई मरीज नहीं है, तब भी एच पी वी का वैक्सीनेशन कराया जाना आवश्यक है , ताकि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास हो सके। एचपीवी का टीका प्रजनन क्षमता को बिल्कुल प्रभावित नहीं करता है , बल्कि यह एच पी वी संक्रमण से सुरक्षा करते हुए प्रजनन क्षमता की सुरक्षा करता है। एचपीवी का टीका मासिक धर्म पर कोई प्रभाव नहीं डालता है बल्कि मासिक धर्म होने के दौरान भी एच पी वी का टीका लगवाया जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी का गार्डशील का एक बार वैक्सीनेशन करना पर्याप्त है। एच पी वी का टीका सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने में 93 से 100% तक प्रभावशीलता प्रदान करता है। टीकाकरण से गंभीर एलर्जी वाली बालिकाए एवं बीमार बालिकाओं को वैक्सीनेशन नहीं किया जाएगा।

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लखपति दीदी बनकर माया गोस्वामी बनीं आत्मनिर्भर

आजीविका मिशन की माया गोस्वामी निवासी जावरा तहसील के ग्राम कलालिया ने आजीविका मिशन से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कामधेनु स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

माया गोस्वामी बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले वह घर पर ही रहती थीं। पढ़ी-लिखी होने के बावजूद उन्हें घर से बाहर जाकर काम करने की अनुमति नहीं थी। लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें नई दिशा मिली। वे रतलाम जाकर प्रशिक्षण लेकर आईं और इसके बाद सीआरपी ड्राइव में काम करते हुए गांव-गांव जाकर नए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया।

समूह से लोन प्राप्त कर उन्होंने ब्यूटी पार्लर का सामान खरीदा और अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया। आज वह ब्राइडल मेकअप का काम भी करती हैं और आसपास के क्षेत्रों में जाकर सेवाएं देती हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक और लोन लेकर अपने पति की कियोस्क दुकान में मशीनें लगवाईं और उनके व्यवसाय को भी आगे बढ़ाने में सहयोग किया।

वर्तमान में माया गोस्वामी लखपति सीआरपी के रूप में भी कार्य कर रही हैं, जिससे उनकी आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। आज उनके परिवार की मासिक आय लगभग 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है और वे “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं।

माया गोस्वामी इस सफलता का श्रेय आजीविका मिशन को देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।

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