समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 11 मार्च 2026 बुधवार

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विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के उपलक्ष्य में शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई भव्य जागरूकता रैली
मंदसौर 10 मार्च 26 / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान द्वारा बताया गया कि जिला स्वास्थ्य विभाग एवं सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘विश्व ग्लूकोमा सप्ताह’ के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला चिकित्सालय मंदसौर से प्रारंभ हुई इस रैली का मुख्य उद्देश्य जनमानस को ‘ग्लूकोमा’ (काला मोतिया) के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच के महत्व को समझाना था।
रैली में शामिल हुए प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ
इस गरिमामय आयोजन में सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. शशि गांधी, नेत्र विभाग के प्रमुख डॉ. (लेफ्टिनेंट कर्नल) अतुल भीरूड़, वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. कार्तिक साल्वे, डॉ. सुनील कांत गुलेरी और अन्य विभागीय अध्यक्ष (HODs), विशेषज्ञ चिकित्सक, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. बी एल रावत और बड़ी संख्या में डॉक्टर शामिल हुए। इसके साथ ही शासकीय नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर आमजन को जागरूक किया।
प्रमुख गतिविधियां एवं संदेश
रैली जिला चिकित्सालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी।
नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने “ग्लूकोमा मुक्त विश्व बनाने हेतु एकजुट हों” के नारों के साथ लोगों को आंखों की नियमित जांच कराने का संदेश दिया।
चिकित्सकों ने बताया कि ग्लूकोमा दृष्टिहीनता का एक प्रमुख कारण है, जिसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।
विशेषज्ञों की अपील
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने अपील की कि 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, मधुमेह के रोगी और जिनके परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रहा है, वे अपनी आंखों की साल में कम से कम एक बार विस्तृत जांच अवश्य कराएं। समय पर पहचान ही इस बीमारी से बचाव का एकमात्र प्रभावी तरीका है।
राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम, मंदसौर के अंतर्गत आयोजित इस रैली ने शहर में स्वास्थ्य जागरूकता का एक सकारात्मक वातावरण निर्मित किया।
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जनगणना की सभी गतिविधियां समन्वय के साथ तथा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं
जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस से की गई समीक्षा
मंदसौर 10 मार्च 2026/ भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए दिनांक 10 मार्च 2026 को भोपाल से NIC के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा निर्धारित समय-सीमा में सभी गतिविधियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, नगर जनगणना अधिकारी, नगर पालिक निगम के अधिकारी, चार्ज अधिकारी एवं तहसीलदार, चार्ज अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अतिरिक्त चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान जनगणना के प्रथम चरण में किए जाने वाले कार्यों जैसे मकान सूचीकरण, हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) का गठन, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल पर अधिकारियों के पंजीयन एवं आवश्यक जानकारी दर्ज करने, प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन तथा फील्ड स्तर की तैयारियों की प्रगति की जानकारी ली गई। साथ ही मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स तथा प्रगणकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जनगणना से संबंधित सभी आवश्यक सूचनाएं एवं आंकड़े CMMS पोर्टल पर समय-सीमा के भीतर अपलोड किए जाएं तथा मकान सूचीकरण कार्य को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूर्ण किया जाए। इसके अतिरिक्त प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों की सूची तैयार कर समय पर अपलोड करने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत सभी गतिविधियां आपसी समन्वय के साथ तथा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, ताकि जनगणना कार्य सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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सुरक्षित भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम, किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण
मंदसौर 10 मार्च 26/ जिले में किशोरियों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जवाहर नवोदय विद्यालय लदुना सहित जिले के अन्य विद्यालयों की 14 वर्षीय छात्राओं के लिए विशेष टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के तहत विद्यालय की छात्राओं को सिविल हॉस्पिटल सीतामऊ लाकर उन्हें सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी का टीका लगाया गया। इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करना तथा उनके बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा छात्राओं को टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई और बताया गया कि एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है। साथ ही छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुरेश सोलंकी ने बताया कि जिले में किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से एचपीवी टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक किशोरियों को टीकाकरण से जोड़कर उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विद्यालयों के सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग एवं विद्यालय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से छात्राओं के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और उन्हें समय पर टीकाकरण के लिए प्रेरित करें, ताकि आने वाली पीढ़ी को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। फोटो संलग्न
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किसान कल्याण वर्ष 2026
नरवाई प्रबंधन में मंदसौर जिला अग्रणी, अलसी डंठल से रेशा बनाने की पहल
नरवाई प्रबंधन अंतर्गत कृषि बजट में 37.65 करोड़ रुपए का किया प्रावधान
मंदसौर 10 मार्च 26/ किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में जिले में विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं, जिनमें नरवाई प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री रविंद्र मोदी ने बताया कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और कृषि उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश का महत्वपूर्ण स्थान है।
मंदसौर जिला कृषि विविधता के लिए प्रदेश में अग्रणी है, जहां अनाज, तिलहन, उद्यानिकी, औषधीय, पुष्प एवं सब्जी फसलों का व्यापक उत्पादन किया जाता है। वर्तमान में किसानों द्वारा नरवाई जलाने की समस्या मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक साबित हो रही है। नरवाई जलाने से मिट्टी के पोषक तत्व एवं लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं तथा पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है।
राज्य शासन द्वारा नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना अंतर्गत कृषि बजट में 37.65 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना नरवाई प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा विशेष पहल की गई है। इसके अंतर्गत एफपीओ मंदसौर एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी को अलसी डंठल प्रबंधन के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा स्थानीय स्तर पर अलसी डंठल से रेशा निकालने की मशीन विकसित की गई है। इस मशीन के माध्यम से अलसी के डंठल से रेशा निकालकर टेक्सटाइल कंपनियों को विक्रय किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त कृषि यंत्रीकरण योजना अंतर्गत किसानों को बेलर उपलब्ध कराकर अलसी डंठल को काटकर एकत्रित किया जा रहा है तथा विभिन्न खरीदारों को बेचा जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अलसी उत्पादक किसानों को एफपीओ द्वारा लगभग 1200 से 1500 रुपए प्रति हेक्टेयर भुगतान किया जाएगा। नरवाई कटाई, बंडल बनाने एवं परिवहन का पूरा खर्च एफपीओ द्वारा वहन किया जाएगा। इस पहल से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी तथा नरवाई जलाने की घटनाओं में कमी आएगी।
जिले में अलसी रबी मौसम की एक महत्वपूर्ण सहायक फसल के रूप में उभर रही है तथा इसका रकबा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में जिले में लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अलसी की खेती की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को अलसी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना के माध्यम से किसानों को नरवाई प्रबंधन में और अधिक सुविधा मिलेगी तथा कृषि को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
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कलेक्टर, एडीएम एवं सीईओ ने जनसुनवाई के दौरान अलग अलग 40 मामलों में सुनवाई की
मंदसौर 10 मार्च 26/ जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन द्वारा सुशासन भवन सभाकक्ष में 40 आवेदकों की समस्याएं सुनी। अधिकारियों को जल्दी निराकरण करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मंदसौर जिले के बनी निवासी आवेदक लक्ष्मीनारायण ने मकान में आने जाने का रास्ता खुलवाने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर तहसीलदार दलौदा को निर्देश दिए कि जांच कर कार्यवाही करें। मंदसौर जिले के डौराना निवासी लच्छीराम ने मकान का ड्रोन सर्वे करवाने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर तहसीलदार दलौदा को निर्देश दिए कि जांच कर कार्यवाही करें। मंदसौर जिले के दलौदा सगरा निवासी आवेदक परमानंद ने किसान कल्याण योजना की राशी दिलवाने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर तहसीलदार दलौदा को निर्देश दिए कि जांच कर कार्यवाही करें। मंदसौर जिले के पटेला निवासी आवेदक आशाराम ने कृषि भूमी का सिमांकन करवाने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर तहसीलदार दलौदा को निर्देश दिए कि जांच कर कार्यवाही करें।
इसके साथ ही जनसुनवाई के दौरान मकान हेतु भूमी नक्शा दुरूस्त करवाने, अतिक्रमण हटाने, आर्थीक सहायता, कब्जा दिलवाने, जमीन का सिमांकन करवाने, संबल योजना का लाभ दिलवाने व भूमी पट्टे पर दिलवाने इत्यादि तरह-तरह के आवेदन आये।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का वितरण 13 मार्च को
जिले में 13 मार्च “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में मनाया जाएगा
मंदसौर 10 मार्च 26/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 22वीं किस्त का वितरण 13 मार्च 2026 को किया जाएगा। इस अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर इसे “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में मनाया जाएगा।
अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की राशि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि कार्यों में आर्थिक सहयोग प्रदान करना तथा उनकी आय को सुदृढ़ बनाना है।
उन्होंने बताया कि 13 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा देशभर के किसानों के खातों में योजना की 22वीं किस्त की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी। इस अवसर पर जिले के ग्राम पंचायतों, कृषि विभाग तथा संबंधित विभागों द्वारा किसानों की सहभागिता के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी दी जाएगी तथा योजना के लाभों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही किसानों को कृषि से संबंधित विभिन्न योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और शासन की अन्य किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
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प्रदेश में उपलब्ध हैं आपूर्ति के सभी संसाधन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आपूर्ति में नहीं है कोई परेशानी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाड़ी देशों में उपजी परिस्थितियों के मद्देनजर की नागरिक आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा
मंदसौर 10 मार्च 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था में कहीं किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं है। सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति संसाधन उपलब्ध हैं। किसी को भी खाद्य पदार्थ, गैस या तेल आपूर्ति के लिए परेशान या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रदेश में बेहतर से बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परिस्थितियों पर गहनता से नजर बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में देश के साथ मध्यप्रदेश में भी कहीं कोई आपूर्ति संबंधित दिक्कत नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में खाड़ी देशों में उपजी विषम परिस्थितियों के मद्देनजर मध्यप्रदेश में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व और देश के समक्ष उपजी परिस्थितियों और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय मंत्री और अधिकारियों की समिति प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करेगी और आपूर्ति बहाल रखने के लिए सभी कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे या वर्क वीजा पर गए या पर्यटन के लिए गए भारतीय नागरिकों, विशेषकर मध्यप्रदेश के निवासियों की स्वदेश वापसी के लिए मध्यप्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के सम्पर्क में है। राज्य सरकार से हेल्पलाइन के जरिए अब तक 255 लोगों ने संपर्क किया है, जिनकी सकुशल स्वदेश वापसी के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, सभी मंत्रीगण सहित प्रभारी मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क श्री मनीष सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
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