देथली बुजुर्ग में विराजित प्राचीन बालाजी कि अद्भुत महिमा और एतिहासिक कहानी

देथली बुजुर्ग में विराजित प्राचीन बालाजी कि अद्भुत महिमा और एतिहासिक कहानी
खड़ावदा । गरोठ तहसील के ग्राम देथली बुजुर्ग में पवनसुत बजरंगबली का भव्य मंदिर बीते वर्षों में बनाया गया है, यहां पर बजरंगबली की बहुत ही सुंदर व आकर्षक प्रतिमा विराजित है। बालाजी कि अद्भुत महिमा है।
बताया जाता है कि इस प्रतिमा को किसी गांव से बैलगाड़ी से खींच कर लाया जा रहा था तब बैलगाड़ी देथली बुजुर्ग गांव में ही रुक गई।तथा कई जोड़ी बैल जोते गए परंतु प्रतिमा आगे नहीं बड़ी , बाद में प्रतिमा को यहीं पर स्थापित करने का विचार हुआ, बीते 150 वर्षों से यह प्रतिमा यहां पर विराजित होकर बहुत ही चमत्कारिक है, पास में ही बहुत ही अनूठे तरीके से भोलेनाथ का मंदिर है, जो की शिवलिंग के आकार का है, तथा पास में ही खागर देव महाराज जी का मंदिर भी स्थापित है, अनेकों लोग यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं, मेन बस स्टैंड पर स्थापित इस मंदिर की महिमा ही निराली है, पीने के पानी के लिए यहां पर वाटर कूलर भी लगाया गया है, तथा सभी आवश्यक सुविधाएं मंदिर के आसपास स्थापित है,
तो आयें और बजरंगबली के दर्शन कर अपनी मनोकामना अवश्य पूर्ण करें.🌻🌻🌹🌹🌻🌻



