आलेख/ विचारकोटाराजस्थान

एक महिला के सपने ने नेत्रदान के कार्य को हाड़ौती में दिया संबल

महिला दिवस पर विशेष लेख-

 एक महिला के सपने ने नेत्रदान के कार्य को हाड़ौती में दिया संबल

लेखक डॉ कुलवंत गौड़ 

AA-1, वसुंधरा विहार,बजरंग नगर,

कोटा,राजस्थान, 8386900102

राजस्थान के हाडोती संभाग में, पिछले 15 वर्षों से नेत्रदान, अंगदान, और देहदान की जागरूकता का कार्य, अनवरत चल रहा है । संस्था ने न सिर्फ शहरों से बल्कि छोटे-छोटे गांव कस्बों में भी नेत्रदान की अलख जगाई हैं। लगातार प्रयासों के कारण ही आज कोटा का नाम पूरे राजस्थान प्रदेश में नेत्रदानी नगरी कोटा के नाम से जाना जाता है।

संस्था की संस्थापिका डॉ संगीता गौड़ बताती हैं कि,वर्ष 2011 से संस्था दृष्टिहीनों के कल्याण, अधिकार और कॉर्निया की अंधता के निवारण के लिए कार्य कर रही है। संस्था को कार्य करते हुए 4 वर्ष ही हुए थे कि,हमारे बजरंग नगर वाले निवास से नेत्रदान का कार्य करना थोड़ा मुश्किल होता जा रहा था।

हम लोग अपने प्रयासों से कहीं पर एक छोटी सी जगह निशुल्क या न्यूनतम किराए पर देख रहे थे, पर एक वर्ष तक भी ढूंढने के बाद, कोई ऐसी जगह नहीं मिली जहां से हम नेत्रदान के अभियान को सुचारू रूप से चला सके।

शक्ति नगर निवासी,अनुराग मलिक ने एक दिन हमें बुलाया और कहा कि,”मेरी पत्नी सुनीता मलिक की काफी इच्छा थी कि,अंतिम समय में उनके नेत्रदान हो सके,परंतु चिकित्सकीय कारणों से वह संभव नहीं हो सका, पर मैं उसकी सेवा कार्य की सोच को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जवाहर नगर में अपनी एक शॉप आपको नेत्रदान अभियान के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराना चाहता हूं”

अनुराग और स्व० सुनीता मलिक की मदद से, आज संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के पास सभी सुविधाओं से पूर्ण, एक अच्छी बड़ी जगह जवाहर नगर में उपलब्ध है, जहाँ से पूरे हाडोती संभाग का नेत्रदान,अंगदान,देहदान अभियान अनवरत चल रहा है । बीते दिनों अनुराग के पिता सेवानिवृत शिक्षक स्व० टी सी मलिक के आकस्मिक निधन के बाद, उनका नेत्रदान भी परिवार ने संपन्न कराया था । अनुराग के बेटे वैभव,बेटी निष्ठा, भाई गौरव और हिमांशु भी नेत्रदान के अभियान को गति देने में संस्था के साथ प्रयासरत हैं ।

संस्थापक डॉ कुलवंत गौड़ ने बताया कि आज हाडोती संभाग में 1585 दिवंगतों के नेत्रदान और 70 से अधिक देहदान हो चुके हैं,संस्था का यह अभियान 20 से अधिक,छोटे-बड़े शहरों में काम कर रहा है । संस्था का नाम देश विदेश में भी नेत्रदान के क्षेत्र में जाना गया है इसमें अनुराग और स्वर्गीय सुनीता मलिक का काफी बड़ा योगदान है ।

डॉ गौड़ ने यह भी बताया है कि,यदि आज इस तरह का नि:शुल्क कार्यालय हमारे पास उपलब्ध नहीं होता, तो हम शायद इतना बड़ा कार्य नहीं कर पाते । ज्ञात हो कि, वर्ष 2015 में,उस समय के सांसद ओम बिरला ने ही संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के जवाहर नगर के कार्यालय का उद्घाटन किया था ।

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