प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को मिला बड़ा सहारा

प्रबंधकीय अनुदान हेतु 168 करोड़ का किया बजट प्रावधान
मंदसौर। किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने तथा उनमें कार्यरत कर्मचारियों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य शासन द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) एवं लेम्प्स (LEMS) को प्रबंधकीय अनुदान प्रदान करने के लिए कुल 168 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
जिला सहकारी बैंक सीईओ श्री सुनील कच्छावा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की सहकारी संस्थाओं की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न प्रकार की अतिरिक्त गतिविधियां प्रारंभ की गई हैं। समितियों द्वारा इन गतिविधियों का लाभ प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिससे संस्थाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार प्रबंधकीय अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में अनेक समितियों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने के कारण कर्मचारियों को नियमित वेतन अथवा पारिश्रमिक का भुगतान करना कठिन हो रहा था। इसी समस्या के समाधान हेतु राज्य शासन द्वारा अक्टूबर 2023 से दिए जा रहे मासिक वेतन/पारिश्रमिक के अतिरिक्त राशि के भुगतान के लिए प्रबंधकीय अनुदान की व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक पैक्स समिति को प्रतिवर्ष 3 लाख 24 हजार रुपये तथा प्रत्येक लेम्प्स समिति को प्रतिवर्ष 3 लाख 48 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
इस प्रबंधकीय अनुदान से सहकारी संस्थाओं पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और किसानों को समय पर ऋण एवं अन्य सहकारी सेवाएं उपलब्ध कराना और अधिक सुगम हो सकेगा।राज्य सरकार की यह पहल सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के साथ-साथ किसानों एवं सहकारी कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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