भोपालमध्यप्रदेश

हर युवा को अवसर, हर प्रतिभा को समर्थन, कौशल विकास पर बड़ा फोकस

बजट में मुख्यमंत्री का युवा सामर्थ्य को नई उड़ान, कौशल प्रशिक्षण पर बड़ा प्रावधान

कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए इस वर्ष का बजट स्पष्ट रूप से यह संदेश देता है कि प्रदेश की विकास यात्रा का केंद्र युवा शक्ति है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा, तकनीकी दक्षता और रोजगार सृजन को एकीकृत दृष्टि के साथ आगे बढ़ाते हुए व्यापक वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए हैं। यह बजट केवल राशि का आवंटन नहीं, बल्कि युवाओं को अवसर, संसाधन और आत्मविश्वास देने का ठोस प्रयास है।

मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और आर्थिक बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत 750 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया है। यह प्रावधान प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा और उन्हें प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक वातावरण में आगे बढ़ने का अवसर देगा। तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में पॉलिटेक्निक संस्थाओं के लिए 295 करोड़ रु. तथा स्वशासी तकनीकी संस्थाओं को सहायता के अंतर्गत 250 करोड़ रु. निर्धारित किए गए हैं। इन प्रावधानों से प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को मजबूती मिलेगी, जिससे विद्यार्थी सीधे रोजगार से जुड़ सकेंगे।

कौशल उन्नयन को नई दिशा देने के लिए ए.डी.वी परियोजना (कौशल विकास) के लिये 110 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया है। उद्योगों से प्रशिक्षण का सीधा संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कौशल अप्रेंटिसशिप योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रु. निर्धारित किए गए हैं, जिससे युवाओं को कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण के अधिक अवसर मिलेंगे। श्री एम युवा शक्ति योजना के लिए 100 करोड़ और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लिए 95 करोड़ रु. का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि अधिकाधिक युवा प्रमाणित कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।उच्च तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ आधार देने के लिए इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के अंतर्गत 70 करोड़ तथा मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के लिए 70 करोड़ निर्धारित किए गए हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रह सके।

विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों के समग्र संचालन के लिए 4507 करोड़ रु. का व्यापक प्रावधान यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री की सोच योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ठोस परिणामों पर केंद्रित है। यह बजट युवाओं को कौशल, शिक्षा और रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक संतुलित और दूरदर्शी पहल के रूप में सामने आया है, जो प्रदेश की आर्थिक संरचना को मजबूत आधार प्रदान करेगा।

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