मंदसौर की मिट्टी की खुशबू, गुरुग्राम में बनी पहचान, सास-बहू की जोड़ी ने बढ़ाया जिले का मान

मध्यप्रदेश के मंदसौर का शुद्ध स्वाद बना सरस मेले की शान
आत्मनिर्भर भारत की मजबूत तस्वीर बना मंदसौर
नोएडा के बाद गुरुग्राम में भी छाया मंदसौर
मंदसौर। मंदसौर की पहचान-गुणवत्ता, परंपरा और विश्वास महाराणा स्व-सहायता समूह की दीदियों ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण महिला शक्ति जब संकल्प लेती है, तो जिला ही नहीं, प्रदेश का नाम रोशन कर देती है।
अफीम, श्री पशुपतिनाथ मंदिर और कृषि समृद्धि के लिए प्रसिद्ध यह जिला अब अपने शुद्ध और नेचुरल शरबत के लिए भी राष्ट्रीय पहचान बना रहा है। सरस आजीविका मेला 2026 में लेज़र वैली पार्क, गुरुग्राम में आयोजित इस भव्य मेले में इस बार फिर मंदसौर जिले के महाराणा स्व-सहायता समूह की सास-बहू की जोड़ी ने अपने नेचुरल और होममेड शरबत से ऐसा स्वाद बिखेरा कि पूरा मेला उनकी चर्चा से गूंज उठा। सुबह से देर शाम तक उनके स्टॉल पर ग्राहकों की लंबी कतारें इस बात की गवाही देती हैं कि मंदसौर का स्वाद अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना चुका है।
यह है असली गांव का स्वाद”-गुरुग्राम बोला
मेले में आने वाला हर व्यक्ति जैसे ही इन शरबतों का स्वाद लेता है, उसके चेहरे पर संतोष साफ दिखाई देता है। स्टॉल पर उपलब्ध प्रमुख शरबत- होली स्पेशल ठंडाई, शाही गुलाब, खस, केसर-बादाम, राजभोग, आम पन्ना, नेचुरल लेमन, अष्टामृत ये सभी शरबत पारंपरिक विधि से तैयार किए जाते हैं। इनमें किसी प्रकार का हानिकारक केमिकल नहीं मिलाया जाता, ग्राहकों की जुबान पर एक ही बात-इतना शुद्ध और असली स्वाद आज के समय में मिलना दुर्लभ है। मंदसौर ने सच में दिल जीत लिया। मंदसौर की पहचान-गुणवत्ता, परंपरा और विश्वास महाराणा स्व-सहायता समूह की दीदियों ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण महिला शक्ति जब संकल्प लेती है, तो जिला ही नहीं, प्रदेश का नाम रोशन कर देती है। समूह की दीदी बताती हैं कि मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला परियोजना प्रबंधक मंदसौर अनिल मरावी और ब्लॉक अधिकारी अखिलेश कटलाना के मार्गदर्शन ने उन्हें नई दिशा दी। उनका कहना है -हमारा उद्देश्य सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि मंदसौर जिले की प्रतिष्ठा और देसी स्वाद को देशभर तक पहुंचाना है।
महिला आत्मनिर्भरता की प्रेरक गाथा-यह सिर्फ शरबत की कहानी नहीं है, यह मंदसौर की मेहनती महिलाओं की कहानी है-जो आज आत्मनिर्भरता, स्वदेशी उत्पाद और ग्रामीण उद्यमिता का प्रतीक बन चुकी हैं। नोएडा के बाद अब गुरुग्राम में भी मंदसौर का शरबत सरस मेले की शान बन गया है। मंदसौर- अब स्वाद से भी बनेगा राष्ट्रीय ब्रांड कृषि और धार्मिक पहचान के साथ-साथ अब मंदसौर अपनी शुद्धता और देसी स्वाद के कारण भी राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से उभर रहा है। यह सिर्फ एक स्टॉल की सफलता नहीं, यह पूरे मंदसौर जिले के मान-सम्मान और गौरव की बढ़ती पहचान है।



