मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 28 फरवरी 2026 शनिवार

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मंदसौर जिला सेन समाज के लिये निर्वाचन अधिकारी नियुक्त

मन्दसौर। मध्यप्रदेश गुजराती सेन समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मंदसौर जिला प्रभारी शंभूसेन राठौर ने प्रेस नोट के माध्यम से बताया कि मंदसौर जिले के शीघ्र होने वाले चुनाव के लिये 21 निर्वाचन अधिकारी घोषित किये गये है।
निर्वाचन अधिकारी सर्व श्री भगवतीप्रसाद गेहलोद, श्याम बोराना पिपलियामंडी, सुभाष सिसौदिया खड़ावदा, ओमप्रकाश खीची, डॉ. राजेश बोराना, अनिल वप्ता, शंभुसेन राठौर, अर्जुन सेन छोटू, अंतिम देवड़ा, राकेश सेन सम्राट, देवेश भाटी सीतामऊ, राजेन्द्र सौलंकी सुवासरा, प्रहलाद परिहार बंटू, भुवानीशंकर सरिता नाहरगढ़, बाबूलाल सेन करनाखेड़ी, रमेश सेन बूढ़ा, राकेश भाटी, श्याम सेन छायन, अशोक परमार, डॉ. दिनेश सौलंकी, नागुलाल सेन बड़वन को बनाया गया है जो जल्द निर्वाचन अधिकारी मंदसौर जिला सेन समाज के निर्वाचन प्रक्रिया को सम्पन्न कराये जायेंगे। तथा निर्वाचन अधिकारी जल्द ही मीटिंग कर जिला सेन समाज की निर्वाचन दिनांक व स्थान का चयन कर घोषणा करेंगे।

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मंदसौर की बेटी तनीशा ने बढ़ाया मान, सीएस प्रोफेशनल परीक्षा में इंदौर में दूसरा स्थान किया प्राप्त

मंदसौर। शिक्षा के क्षेत्र में मंदसौर की प्रतिभाओं ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। द इंस्टिट्यूट ऑफ कम्पनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) द्वारा घोषित दिसम्बर 2025 सत्र के परीक्षा परिणामों में स्थानीय छात्रा तनीशा मेड़तवाल ने अभूतपूर्व सफलता अर्जित की है। तनीशा ने सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम के परीक्षा परिणामों में इंदौर केंद्र पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार व नामदेव समाज बल्कि पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
तनीशा की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि उन्होंने सीएस प्रोफेशनल के दोनों ग्रुपों की कठिन परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर लिया है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मंदसौर के सेंट थॉमस स्कूल से हुई है, जहां वे शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। इससे पूर्व उन्होंने कक्षा 12वीं कॉमर्स संकाय की परीक्षा में भी जिले की प्राविण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में स्थान पाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
तनीशा की इस सफलता पर उनके घर और परिचितों में हर्ष का माहौल है। वे नगर के प्रतिष्ठित शिक्षक राजेश मेड़तवाल की सुपुत्री हैं, जो स्वयं मंदसौर में एक निजी कोचिंग संस्थान का संचालन करते हैं। तनीशा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने गुरूजन व माता-पिता के मार्गदर्शन और निरंतर कठिन परिश्रम को दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर नगर के गणमान्य नागरिकों और शिक्षाविदों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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किसान कल्याण वर्ष 2026

योजना का सहारा बना सफलता का आधार, पशु आहार निर्माण से किसान गोविंद पाटीदार ने बढ़ाई आय

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना में सरकार ने किया 200 करोड़ का बजट प्रावधान

मंदसौर 27 फरवरी 26/ किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना का लाभ लेकर मंदसौर जिले के ग्राम गुड़भेली निवासी प्रगतिशील कृषक श्री गोविंद पाटीदार ने पशु आहार निर्माण इकाई स्थापित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत की है।

श्री गोविंद पाटीदार एक मेहनती एवं नवाचार अपनाने वाले किसान हैं। खेती के साथ पशुपालन से जुड़े होने के कारण उन्हें यह अनुभव हुआ कि पशुओं के लिए शुद्ध एवं संतुलित आहार आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता था। अधिकांश पशु आहार पंजाब एवं अन्य राज्यों से मंगवाना पड़ता था, जिससे किसानों को अधिक खर्च करना पड़ता था। इसी समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने स्वयं पशु आहार निर्माण इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया।

उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत आवेदन किया। योजना के तहत उन्हें दिसंबर 2025 में बैंक ऑफ इंडिया, पिपलिया मंडी शाखा से 29 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसमें 10 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिली। योजना से मिली सहायता से उन्होंने “गुड़ग्राम पशु आहार” ब्रांड के नाम से पशु आहार निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।

श्री पाटीदार ने अपनी इकाई में लगभग 28 लाख रुपये लागत की आधुनिक पेलेट मशीन स्थापित की, जिसे पंजाब से मंगवाया गया। इस मशीन के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 100 कट्टे (प्रत्येक 50 किलोग्राम) पशु आहार तैयार किया जाता है। यह पशु आहार लगभग 1300 रुपये प्रति कट्टा की दर से किसानों एवं गौशालाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।

पशु आहार निर्माण में मक्का, बाजरा, चना, सोयाबीन, उड़द की चूरी तथा राइस पॉलिश जैसे पौष्टिक तत्वों का उपयोग किया जाता है, जिससे पशुओं को संतुलित पोषण मिलता है। इस आहार के उपयोग से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है, दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा दूध के फैट में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

श्री गोविंद पाटीदार की इस इकाई से 7 लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है। पहले पशु आहार बाहर से मंगवाना पड़ता था, लेकिन अब किसानों को गांव के पास ही गुणवत्तापूर्ण पशु आहार आसानी से उपलब्ध हो रहा है।

श्री गोविंद पाटीदार बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से उन्हें आर्थिक सहयोग और आत्मविश्वास दोनों मिला। आज उनका उद्यम सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और आसपास के किसान भी इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत श्री गोविंद पाटीदार की यह सफलता कहानी जिले के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है। यह उदाहरण बताता है कि यदि किसान योजनाओं का लाभ लेकर कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें तो वे अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों को रोजगार भी दे सकते हैं।

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पोषण ट्रैकर में कोई भी बच्चा न छूटे, शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें

जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न

मंदसौर 27 फरवरी 26/ जिला पोषण समिति की बैठक सुशासन भवन स्थित कलेक्टर सभागार में आयोजित की गई। बैठक श्री अनुकूल जैन सीईओ जिला पंचायत द्वारा ली गई।बैठक में श्री बी एल विश्नोई, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सुश्री टेरेसा मिंज, जिला शिक्षा अधिकारी सहित जिले के सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर एवं विकास खंड समन्वयक उपस्थित रहे।

बैठक में निर्देश दिए गए कि पोषण ट्रैकर पर एक भी बच्चा पंजीयन से वंचित न रहे तथा सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित कर उन्हें पात्रता अनुसार, टेक होम राशन, गरम ताज़ा नाश्ता भोजन और प्री स्कूल की सेवाओं से लाभान्वित किया जाए। प्री-स्कूल एजुकेशन के प्रतिशत में सुधार करने तथा जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों का पंजीयन 75 प्रतिशत से अधिक करने के लिए विशेष सर्वे अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही अगली बैठक में पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन से संबंधित डाटा तुलनात्मक रूप से प्रस्तुत करने तथा उसकी तुलनात्मक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में निर्देश दिए गए कि किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों के निकट यदि कोई शासकीय भवन खाली उपलब्ध हो तो उसकी सूची तैयार कर प्रेषित की जाए। सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका एवं रैन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने का कार्य ग्राम पंचायत से समन्वय विकसित करने तथा पोषण वाटिका में विशेष रूप से फलदार पौधे तथा सहजन (सुरजना) के पौधे लगाने के निर्देश भी दिए गए।

गर्भवती एवं धात्री माताओं के पंजीयन के संबंध में निर्देश दिए गए कि एएनएम की सूची का आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची से मिलान किया जाए, ताकि किसी प्रकार का मिसमैच सामने आ सके। सभी गतिविधियों को सर्वे आधारित बनाने, मैदानी भ्रमण बढ़ाने तथा आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गये।

बैठक में निर्देश दिए गए कि कुपोषित महिला एवं बच्चों को एनआरसी में भर्ती कर उनका पूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही दूसरी संतान के जन्म पर पात्र हितग्राहियों का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए।

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स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का मेला 28 फरवरी से 01 मार्च तक जनपद मंदसौर परिसर में

मंदसौर 27 फरवरी 26/ मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रोत्साहन देने एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से “मंदसौर होली महोत्सव 2026” का आयोजन 28 फरवरी 2026 से 01 मार्च 2026 तक जनपद पंचायत मंदसौर परिसर में किया जाएगा। यह मेला प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से रात्रि तक आमजन के लिए खुला रहेगा।

आजीविका मिशन के संचालक ने बताया कि मेले में स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। मेले में घरेलू उपयोग की सामग्री, खाद्य उत्पाद, हस्तशिल्प, सजावटी वस्तुएं एवं अन्य स्थानीय उत्पाद उपलब्ध रहेंगे।

आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदी कर उन्हें प्रोत्साहित करें।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग के विजन डाक्यूमेंट का किया विमोचन

मंदसौर 27 फरवरी 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित “विजन 2047- रीइमैजिनिग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर ए क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर” पुस्तक का मुख्यमंत्री निवास में विमोचन किया। “विजन@2047” राज्य में जैव विविधता समृद्ध, सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

प्रमुख सचिव वन श्री संदीप यादव ने बताया कि प्रदेश के वनों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु-सहिष्णु तथा जैव-विविधता से समृद्ध आदर्श वनों के रूप में स्थापित करना विजन@2047 का लक्ष्य है। दृष्टि पत्र में वनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। दृष्टि पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आजीविका को सुरक्षित करने में सक्षम, समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में प्रदेश के वनों का संरक्षण किया जाएगा। दृष्टि पत्र में प्रदेश के वन क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए किए जाने वाले प्रयासों को भी रेखांकित किया गया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग का यह दृष्टि पत्र भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में निर्णायक योगदान देगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही एन अम्बाड़े, ⁠प्रबंध संचालक राज्य वन विकास निगम श्री एच यू ख़ान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार) श्री विभाष कुमार ठाकुर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री शुभरंजन सेन,⁠ प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्रीमती समीता राजौरा तथा संचालक वन विहार श्री विजय कुमार इस अवसर पर उपस्थित थे।

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मुख्य मार्गों पर लगे खुले तारों को बैंड केबल में कन्वर्ट करने की कार्रवाई की गई

मंदसौर। शहर में आगामी त्यौहारों को देखते हुए विद्युत विभाग द्वारा शहर के मुख्य मार्गों पर लगे खुले तारों को बैंड केबल में कन्वर्ट करने की कार्रवाई की गई।

शहर के मुख्य मार्ग पर त्योहारों एवं जुलूस रैली आदि के आयोजन हेतु सुरक्षित एवं बिना विद्युत व्यवधान के शहर में निरंतर विद्युत प्रदाय की दृष्टि से विभाग द्वारा उक्त कार्य वरीयता आधार पर किया जा रहा है। इसमें शहर के मुख्य मार्ग गांधी चौराहा, नेहरू बस स्टैंड, घंटाघर, धानमंडी, सदर बाजार, कालाखेत सहित अन्य मुख्य मार्गों पर उक्त कार्य किया जाना प्रस्तावित किया गया है। इससे शहर में जुलुस रैली झांकी के समय मुख्य मार्गों की सप्लाई बंद करना पड़ती है इस समस्या से शहर वासियों को निजात मिलेगी एवं बार-बार फाल्ट होने की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी । विभाग द्वारा उक्त कार्य वरीयता आधार पर किया जा रहा है, इससे शहर की सुंदरता एवं विद्युत व्यवस्था में विश्वसनीयता बढ़ेगी।

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पी.एम. कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मंदसौर द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार के द्वितीय दिवस शोधपत्र प्रस्तुति हुई

 
विकसित भारत @2047 को लेकर शिक्षाविदों के मध्य मंथन हुआ

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंदसौर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के द्वितीय दिवस का प्रारंभ मां सरस्वती के दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं सेशन के चेयर पर्सन द्वारा सरस्वती पूजन उपरांत आज का तृतीय टेक्निकल सेशन का प्रारंभ हुआ ।

सेशन के प्रथम वक्ता डॉ नीरज के. पांडे ने विकसित भारत के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करते हुए मानव के सर्वांगीण विकास पर विस्तार से बताया एवं विकास को मूल्यों से जोड़ते हुए मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर दिया। विकास में महिलाओं , कृषकों आदि की भूमिका रेखांकित किया । आत्मनिर्भर भारत के लिए नवीन एवं प्राचीन विद्या (वेद पुराण उपनिषद)को सामनजस्य के साथ अपनाना होगा। मूल्य है तो अहंकार नहीं होगा और अहंकार है तो मूल्यों का आभाव है।
द्वितीय वक्ता डॉ क्षमा तिवारी लखनऊ ने संतमत की प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। स्वतंत्रता के बाद की उपलब्धियो को रेखांकित करते हुए आपने नवीन मूल्यों एवं नवाचारों को विकास के लिए अनिवार्य बताया। संतो ने भारतीय समाज को हमेशा एक नई दिशा दी । कबीर आदि संतो ने स्थानीय भाषा को अपनाकर समाज में जागरूकता का कार्य किया । विवेकानंद, गांधीजी आदि ने संत मत को अपनाकर ही समाज कल्याण हुए अपने विचार दिए थे।
तृतीय वक्ता के रूप में डॉ आभा मेघवाल ने विकसित भारत के लिए शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए शिक्षा को नैतिक एवं आध्यात्मिक जीवन का आधार बताते हुए कृष्ण, बुद्ध की शिक्षा को महत्त्वपूर्ण बताया। आपने भारत के प्राचीन धर्म ग्रंथों के माध्यम से चंद्रयान, मंगलयान आदि की प्राप्तियों पर बताया ।भारत के युवा मूल्यों में तो भारतीय हो परन्तु व्यक्तित्व में ग्लोबल बने।
चतुर्थ वक्ता के रूप में महाविद्यालय की ही प्राध्यापक डॉ वीणा सिंह ने “करता भी हम है ओर कारण भी हम है” को आधार बनाकर अपने विचार प्रस्तुत किए। आपने पंडवानी पर अपने विचार व्यक्त किये।
पंडवानी कला को मूल्यों आधारित बताते हुए अल्लहा एवं ऊदल पर जानकारी प्रस्तुत की ।
पंचम वक्ता के रूप में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. एस.एल. ईरवार द्वारा मेडीकल ट्यूरिज्म पर अपने विचार व्यक्त किये।
भारत में बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं और मितव्ययिता पूर्ण सेवा के कारण सम्पूर्ण विश्व भारत की ओर देख रहा है। आपने भारत के मेडीकल ट्यूरिज्म को सक्षम बनाने के लिया विभिन्न संस्थाओं द्वारा जारी किए गये डेटा को विस्तार से बताते हुए सांख्यिकीय विश्लेषण प्रस्तुत किया। 2000 से 2024 तक मेडीकल ट्यूरिज्म के विकास को आपने बहुत ही सारगर्भित तरीके है प्रस्तुत किया एवं विश्व के अन्य देशों के साथ सहसम्बन्ध को भी रेखांकित किया।
टेक्निकल सेशन के अध्यक्ष प्रोफेसर रजनीश शुक्ला द्वारा सेशन के अंत में विभिन्न वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत विचारों पर अपनी समीक्षा प्रस्तुत की एवं विभिन्न वक्ताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए ।
इस द्वितीय दिवस के तृतीय सत्र का संचालन प्रीति श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
लंच के बाद 2 बजे चतुर्थ सत्र
 डॉ. क्षमा तिवारी की अध्यक्षता में प्रारंभ हुआ जिसमें आज का छठवां प्रस्तुतिकरण डॉ. प्रीति श्रीवास्तव द्वारा कौशल विकास पर अपना पेपर प्रस्तुत किया, जिसमें आपने कौशल विकास के लिए व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दिया जो युवाओं को आजीविका का आधार होगी।
सैद्धांतिक शिक्षा के स्थान पर प्रायोगिक शिक्षा पर जोर दिया जाए।
अगले क्रम में डॉ.प्रकाश सती ने ग्रीन मिशन पर अपने विचार रखे। आपने ग्रीन एनर्जी के विकास एवं उपयोग को रेखांकित करते हुए पर्यावरण के लिए अनुकूल बताता। इस ग्रीन मिशन से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आयेगी।
अगले वक्ता के रूप में डॉ ज्योति डोसी ने विकसित भारत में जैन दर्शन का प्रभाव पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया।
जैन दर्शन किसी एक व्यक्ति की देन नहीं बल्कि सदियों से विकसित परम्परा है। महावीर स्वामी के संदेशों को रेखांकित करते हुए आपने “जियो और जीने दो,” के दर्शन पर अपने विचार रखे।
श्रीमती वर्षा सिंग राजपूत ने फ्रॉम मल्न्यूटिशन नूयूट्रिशन एक्सीलेंस : अ रोड मैप ऑफ विकसित भारत @2047 पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया।आपने सम्पूर्ण भारत एवं मध्यप्रदेश के पोषण संबंधी डेटा को बड़े ही सारगर्भित तरीके से व्यक्त किया। आपने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिया 3 Phase की चर्चा की ।
अगले क्रम डॉ. हेमलता राठौर द्वारा रतलाम जिले में वित्तीय समावेशन और इसके प्रभाव पर अपना शोध प्रस्तुत किया। डिजिटिलाइजेशन की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है।
आपने बैंकों की संचालन प्रक्रियाओं के सरलीकरन पर प्रकाश डाला साथ ही वित्तीय समावेशन को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना।
अगले क्रम में महाविद्यालय बॉटनी विभाग के संदीप सोनगरा ने” ट्रेडिशनल फूड सिस्टम फॉर लाइफस्टाइल डिजीज़ प्रीवेंशन ” पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्राचीन घरों में हमारे भोजन व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए वर्तमान में बच्चों में बढ़ते दुष्प्रभाव पर अपने विचार रखे।आपने मधुमेह रोग के बढ़ने के कारण ओर भोजन के द्वारा ही मधुमेह को कम करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी । साथ ही हृदय कोरोग को रोकने में सब्जियों के महत्व को बताया। आपके द्वारा प्रीवेंशन मॉडल भी प्रस्तुत किया ।
डॉ. अनिल कुमार आर्य ने भारतीय ज्ञान परम्परा एवं वैदिक विज्ञान का विकसित भारत@ 2047 लक्ष्य की प्राप्ति में अनुप्रयोग पर अपना शोध प्रस्तुत किया। भारतीय शब्द की विस्तृत व्याख्या करते हुए । आपने वेद, वैदिक साहित्य, एस्ट्रोनॉमी, फिजिक्स, इंजीनियरिंग एयरोनॉटिक्स,केमिस्ट्री, मेटलर्जी आदि पर अपने विस्तृत विचार व्यक्त किये ।
समस्त शोधार्थियों से सभागृह में उपस्थिति स्टाफ सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए रोचक प्रश्न पूछे गए जिनको शांत करने के लिए समस्त विद्वानों ने व्याख्याएं प्रस्तुत की ।
सत्र की अध्यक्षया डॉ. क्षमा तिवारी द्वारा अपना अध्यक्षीय उद्बोधन प्रस्तुत किया एवं प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गए।
इस सत्र के मंच संचालन का कार्य डॉ अनिल कुमार आर्य ने किया तथा अंत में आज के दिन की सम्पूर्ण गतिविधि पर क्लोजिंग रिमार्क डॉ सीमा जैन ने प्रस्तुत किया ।
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